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जयपुर सहित कई जिलों में बारिश, जलभराव से जनजीवन प्रभावित, बाढ़ संभावित जिलों के लिए रेस्क्यू टीमें रवाना

जयपुर सहित कई जिलों में बारिश, जलभराव से जनजीवन प्रभावित, बाढ़ संभावित जिलों के लिए रेस्क्यू टीमें रवाना प्रदेश में कई जगहों पर तेज बारिश की खबरों के बीच एसडीआरएफ ने अपनी रेस्क्यू टीमों को जिलों के रवाना किया है. Publish…

ETV Bharat के अनुसार25 जून 2026 को 01:25 pm बजे
जयपुर सहित कई जिलों में बारिश, जलभराव से जनजीवन प्रभावित, बाढ़ संभावित जिलों के लिए रेस्क्यू टीमें रवाना

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर सहित कई जिलों में बारिश, जलभराव से जनजीवन प्रभावित, बाढ़ संभावित जिलों के लिए रेस्क्यू टीमें रवाना

प्रदेश में कई जगहों पर तेज बारिश की खबरों के बीच एसडीआरएफ ने अपनी रेस्क्यू टीमों को जिलों के रवाना किया है.

Published : June 25, 2026 at 6:10 PM IST

जयपुर: राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार जोर पकड़ रही हैं. गुरुवार को जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और झमाझम बारिश का दौर देखने को मिला. जयपुर में शाम 4:00 के करीब 45 मिनट तक चली बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई. वहीं नगर निगम की व्यवस्थाओं की भी पोल खोलकर रख दी. कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई और यातायात प्रभावित हुआ. लोगों की सुरक्षा और आपदा से निपटने के लिए एसडीआरएफ की सभी कंपनियों से गठित 70 रेस्क्यू टीमों को आपदा राहत उपकरणों के साथ संभावित बाढ़ प्रभावित 35 जिलों के लिए रवाना किया गया.

राजधानी जयपुर में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली. आसमान में काले घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. सहकार मार्ग, टोंक रोड, जेएलएन मार्ग, 22 गोदाम, सिविल लाइंस, मोती डूंगरी, जवाहर नगर, वैशाली नगर झोटवाड़ा और परकोटे के ज्यादातर हिस्सों में में अच्छी बारिश दर्ज की गई. बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत मिली.

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चारदीवारी के बाजार में जलभराव, सड़कें बनी तालाब: बारिश के बाद प्रशासनिक दावों के उलट एक बार फिर चारदिवारी क्षेत्र में जलभराव देखने को मिला. चांदी की टकसाल क्षेत्र में काले हनुमान जी मंदिर के बाहर से लेकर सुभाष चौक तक सड़क पर बहता पानी नदी की धारा के रूप में नजर आया. इस बारिश से पुरानी बस्ती और चारदीवारी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित नजर आए. रामगंज बाजार में सड़कों पर पानी भर गया और कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं. दुकानों और गलियों तक पानी पहुंचने से व्यापारियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

जलभराव के कारण कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में फंस गए, जबकि यातायात भी प्रभावित रहा. स्थानीय लोगों ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति देखने को मिलती है. नालों और नालियों की सफाई के दावों के बावजूद पहली ही तेज बारिश में शहर के कई हिस्सों में पानी भर जाना व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है.

अंधड़ के बीच हादसा, पेड़ गिरने से तीन वाहन क्षतिग्रस्त: तेज हवा और बारिश के बीच किशनपोल बाजार क्षेत्र में एक पुराना पेड़ गिर गया. पेड़ के नीचे खड़े तीन वाहन इसकी चपेट में आ गए, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा. हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से रास्ता साफ कराया गया. जबकि सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के बाहर भी एक पेड़ गिरने से जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया.

पहली बारिश में खुली स्मार्ट सिटी के ड्रेनेज की पोल: राजधानी में कुछ मिनटों की बारिश ने ही ड्रेनेज सिस्टम की वास्तविक स्थिति सामने ला दी. नगर निगम की ओर से मानसून पूर्व नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दी. शहर के कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. चारदीवारी क्षेत्र, रामगंज बाजार और कई निचले इलाकों में सड़कें पानी में डूबी नजर आईं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से पहले चलाए गए सफाई अभियान का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया. नगर निगम आयुक्त के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि पहली ही बारिश में जल निकासी व्यवस्था चरमराती नजर आई.

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कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट: मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आगामी घंटों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर और डीग जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मेघगर्जन, बिजली चमकने, धूलभरी आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. वहीं कोटा, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, अजमेर, नागौर और भीलवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की उम्मीद: मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं और आगामी दिनों में इनमें और तेजी आ सकती है. विभाग का अनुमान है कि जून के अंतिम दिनों और जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून राजस्थान में प्रवेश कर सकता है. इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. विभाग ने तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है. साथ ही वाहन चालकों को भी बारिश और कम दृश्यता के दौरान सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

एसडीआरएफ के जवान मैदान में: मानसून के दौरान राजस्थान में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न होने वाली आपात स्थिति से निपटने के लिए मानसून से पहले एसडीआरएफ अलर्ट हो गई है. आधुनिक उपकरणों से लैस होकर एसडीआरएफ के जवान मैदान में उतर गए हैं. लोगों की सुरक्षा और आपदा से निपटने के लिए आज एसडीआरएफ की सभी कंपनियों से गठित 70 रेस्क्यू टीमों को आपदा राहत उपकरणों के साथ संभावित बाढ़ प्रभावित 35 जिलों के लिए रवाना किया गया है. जयपुर कमिश्नरेट में सबसे ज्यादा 8 और भरतपुर में 7 टीमें तैनात रहेंगी. जयपुर स्थित एसडीआरएफ कंट्रोल रूम से राज्य आपदा प्रतिसाद बल के कमान्डेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने सभी टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

पिछले वर्ष 1237 लोगों की बचाई थी जान: गत वर्ष मानसून के दौरान 21 जून से 11 अक्टूबर, 2025 तक बल के जांबाजों ने राज्य में 333 सफल रेस्क्यू ऑपरेशन्स चलाकर 1237 लोगों की जान बचाई थी. इस तैनाती के तहत प्रदेश की राजधानी जयपुर आयुक्तालय में सर्वाधिक 8 रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है. इसके बाद बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले भरतपुर जिले में 7 टीमें और हाड़ौती अंचल के कोटा जिले में 6 रेस्क्यू टीमों को मोर्चा संभालने के लिए भेजा गया है. उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर जिलों में 3-3 रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं. वहीं, जयपुर ग्रामीण, टोंक, भीलवाड़ा, बारां, झालावाड़, धौलपुर, करौली और सवाईमाधोपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में 2-2 रेस्क्यू टीमों को तैनात कर सुरक्षा चक्र मजबूत किया गया है.

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