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निकाय चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में रार, असंतुष्ट नेताओं ने जयपुर शहर अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा , दिल्ली कूच की तैयारी

निकाय चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में रार, असंतुष्ट नेताओं ने जयपुर शहर अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा , दिल्ली कूच की तैयारी जयपुर में कांग्रेस की हार के लिए शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा को ठहराया जिम्मेदार. कहा, पद से नहीं…

ETV Bharat के अनुसार27 सितंबर 2026 को 09:04 am बजे
निकाय चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में रार, असंतुष्ट नेताओं ने जयपुर शहर अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा , दिल्ली कूच की तैयारी

सौजन्य से:- ETV Bharat

निकाय चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में रार, असंतुष्ट नेताओं ने जयपुर शहर अध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा , दिल्ली कूच की तैयारी

जयपुर में कांग्रेस की हार के लिए शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा को ठहराया जिम्मेदार. कहा, पद से नहीं हटाया तो पीएससी के बाहर देंगे धरना.

Published : September 27, 2026 at 1:25 PM IST

जयपुर: नगरीय निकाय चुनाव के परिणाम के बाद अब कांग्रेस में आंतरिक कलह खुलकर सामने आने लगी है. असंतुष्ट नेताओं ने निकाय चुनाव में विधायकों और जिलाध्यक्षों पर मनमर्जी से टिकट बंटवारे के आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है. राजधानी जयपुर में जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के खिलाफ पार्टी के पुराने और असंतुष्ट नेताओं ने मोर्चा खोला एवं ये अब दिल्ली कूच की तैयारी में हैं. पार्टी नेताओं ने हाईकमान से मिलने का समय मांगा है.

कांग्रेस नेताओं का कहना था, यदि सुनील शर्मा को जयपुर शहर अध्यक्ष पद से नहीं हटाया तो पुराने और वरिष्ठ कांग्रेसी पीसीसी मुख्यालय के बाहर धरना देंगे. कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने रविवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में बैठक की. इसमें हार को लेकर अपना रोष जताया एवं दिल्ली कूच का ऐलान किया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जयपुर में इस बार पार्टी का बोर्ड बन रहा था, लेकिन शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा ने विधायकों के दबाव में आकर गलत फैसले लिए. लिहाजा उन्हें हार की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए.

राहुल का अनुसरण करें विधायक और जिलाध्यक्ष: बैठक के बाद कांग्रेस नेता वरुण पुरोहित बोले, हम मूल कांग्रेसी हैं. हमारे परिवारों में स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व मंत्री रहे हैं. हम लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं. कांग्रेस में एकजुटता है. पुराने कांग्रेसियों के टिकट काट दिए गए. पुरोहित ने कहा, राहुल गांधी राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब चुनाव हारने के बाद नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया था. अब विधायक, सांसद, विधानसभा प्रत्याशी और जिलाध्यक्ष को राहुल गांधी का अनुसरण कर हार की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए.

भाजपा नेता गली-गली घूमे तो हमारे वाले घर क्यों बैठे: पुरोहित ने कहा, पहले कांग्रेस परिवार हुआ करते थी, लेकिन जब से गैर कांग्रेसियों का पार्टी में आना हुआ, तब से पुराने कांग्रेसियों को किनारे कर दिया गया. हम अक्टूबर में प्रदेश लेवल पर सम्मेलन करेंगे, जो कार्यकर्ता और नेता अपने घर बैठे हुए, उन्हें वापस मुख्यधारा में लाएंगे. जल्दी ही हमारा प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा. वहां राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी से मिलकर राजस्थान की स्थिति से अवगत कराएंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं झगड़े में पहले राजस्थान में सरकार नहीं बनी, अब निकाय चुनाव के अंदर भी यही स्थिति रही. जयपुर में कांग्रेस का बोर्ड बनना तय था लेकिन कांग्रेस के विधायकों एवं जिलाध्यक्ष ने मनमर्जी से टिकट बांट दिए और अपने घर बैठ गए. जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दीया कुमारी एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ गली-गली घूम रहे हैं तो कांग्रेस नेता सड़कों पर क्यों नहीं आए.

पढ़ें: जयपुर मेयर चुनाव में हंगामा, कांग्रेस विधायक को रोकने और भाजपा नेताओं की मौजूदगी पर बवाल

कांग्रेस दफ्तर के आगे धरने की चेतावनी: कांग्रेस की कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रज्जाक भाटी ने कहा, हम मूल कांग्रेसी हैं. बीते 40-50 साल से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन आज हम जयपुर में 57 सीटों पर निपट गए. यह नौबत इसलिए आई क्योंकि जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने मनमर्जी की. शर्मा ने विधायकों के दबाव में आकर उन लोगों को टिकट दिए, जो पार्टी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं थे. जयपुर शहर में कई वार्डों में ऐसा किया गया. सुनील शर्मा को हटाने की लगातार मांग कर हैं. पार्टी हाईकमान हमारी मांग सुनें और सुनील शर्मा को हटा दें. पार्टी हाईकमान भी हमारी बात नहीं सुनेंगे तो हम प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरना देंगे.

जयपुर में आती 100 सीटें: भाटी ने कहा कि कांग्रेस हमारी मां है. हम कांग्रेस के खिलाफ नहीं है, लेकिन जयपुर शहर अध्यक्ष ने जो जयपुर का हाल किया, उसे लेकर पार्टी के पुराने कार्यकर्ता दुखी हैं. जयपुर में इस बार कांग्रेस का बोर्ड बनता. हमारी 100 से ज्यादा सीटें आती, लेकिन गलत टिकट वितरण के चलते हार का सामना करना पड़ा. सुनील शर्मा को जब तक हटा नहीं देंगे, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे. हमारा संघर्ष जारी रहेगा.

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