क्यूआर कोड से जल्द ही जयपुर में पानी का बिल
जल्द ही जयपुर में क्यूआर कोड आधारित पानी के बिल प्रणाली से उपभोक्ताओं को बेहतर और आधुनिक सुविधा मिलेगी, जिससे बिल संग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी.

सौजन्य से:- ETV Bharat
जलदाय विभाग की पहल: अब क्यूआर कोड से जनरेट होगा जयपुर में पानी का बिल
क्यूआर कोड आधारित बिलिंग से न केवल उपभोक्ताओं को बेहतर और आधुनिक सुविधा मिलेगी, बल्कि बिल संग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी.
Published : July 25, 2026 at 1:55 PM IST
जयपुर : राजधानी जयपुर में जलदाय विभाग उपभोक्ताओं को डिजिटल सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है. विभाग 10 अगस्त से क्यूआर कोड आधारित पानी के बिल प्रणाली का नवाचार शुरू करने जा रहा है. इस नई व्यवस्था के तहत शहर के करीब 6 लाख पानी के उपभोक्ताओं को क्यूआर कोड युक्त पानी के बिल उपलब्ध कराए जाएंगे. इस योजना का ट्रायल चल रहा है. विभागीय स्तर पर इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है.
क्यूआर कोड युक्त बिल प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता को जलदाय विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना कनेक्शन नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. उसके बाद उस उपभोक्ता का व्यक्तिगत क्यूआर कोड जनरेट हो जाएगा. आगे जब भी बिल आएगा, तो उस पर क्यूआर कोड अंकित होगा.
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इस नए नवाचार को लेकर जयपुर शहर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ का कहना है कि जयपुर में जलदाय विभाग के 6 लाख उपभोक्ता हैं. कई बार उपभोक्ताओं की शिकायत होती है कि बिल जमा करने की तिथि कम दी गई है या व्यस्तता के चलते बिल जमा नहीं करा पाते हैं. इसलिए विभाग ने यह नवाचार किया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं का व्यक्तिगत क्यूआर कोड जनरेट कर दिया जाएगा, जिससे वे अपना बिल देख भी सकेंगे और ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे.
पुराने बिल भी देख सकेंगे: उनका कहना था कि उपभोक्ता करीब 10 पुराने बिलों का विवरण भी क्यूआर कोड के जरिए देख सकेंगे. राठौड़ का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनका समय भी बचेगा. इसी को ध्यान में रखते हुए जलदाय विभाग 10 अगस्त से इसकी शुरुआत जयपुर में करने जा रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में इसकी तकनीकी जांच और ट्रायल चल रही है, ताकि लॉन्चिंग के समय उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. राठौड़ का कहना है कि क्यूआर कोड आधारित बिलिंग प्रणाली से न केवल उपभोक्ताओं को बेहतर और आधुनिक सुविधा मिलेगी, बल्कि बिल संग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर यह नवाचार जयपुर में सफल रहा, तो इसे प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा.
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