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कांवड़ यात्रा में त्रिशूल या नुकीली वस्तुएं साथ रखना प्रतिबंधित, राजस्थान पुलिस की जारी गाइडलाइन यहां पढ़ें

कांवड़ियों के लिए गाइडलाइन - क्या करें - कांवड़ यात्री यात्रा के दौरान अपना मूल और वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि) अनिवार्य रूप से अपने साथ रखें। - यात्रा के लिए केवल निर्धारित पारंपरिक कांवड़ मार्गों और…

Navbharat Times के अनुसार1 अगस्त 2026 को 10:15 am बजे
कांवड़ यात्रा में त्रिशूल या नुकीली वस्तुएं साथ रखना प्रतिबंधित, राजस्थान पुलिस की जारी गाइडलाइन यहां पढ़ें

सौजन्य से:- Navbharat Times

कांवड़ियों के लिए गाइडलाइन - क्या करें

- कांवड़ यात्री यात्रा के दौरान अपना मूल और वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि) अनिवार्य रूप से अपने साथ रखें।

- यात्रा के लिए केवल निर्धारित पारंपरिक कांवड़ मार्गों और वैकल्पिक नहर पटरी मार्गों का ही प्रयोग करें।

- किसी भी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु या आपात स्थिति की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन पर दें।

- सुरक्षा परिदृश्य और संवेदनशील स्थलों पर पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही एंटी सबोटाज और चेकिंग कार्रवाई में पूर्ण सहयोग करें।

- व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और अन्य यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखें।

कांवड़ियों के लिए गाइडलाइन - क्या नहीं करें

- कांवड़ यात्रा के दौरान हॉकी, डंडे, त्रिशूल, बेसबॉल बैट या किसी भी प्रकार का हथियार या नुकीली वस्तुओं को साथ ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

- यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों या शराब का सेवन सख्त वर्जित है।

- नवनिर्मित दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे पर कांवड़ियों का पैदल और वाहनों द्वारा आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

- मालवाहक वाहनों (ट्रक, ट्रैक्टर ट्रॉली) में यात्री परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक तेज आवाज वाले डीजे सिस्टम या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गानों नारों पर पूर्ण रोक रहेगी।

- खाना बनाने के लिए वाहनों में एलपीजी सिलेंडर आदि ले जाना प्रतिबंधित है, जिससे आगजनी या दुर्घटना का खतरा रहता है।

- रेलगाड़ियों या वाहनों (बस, ट्रक आदि) की छतों पर बैठकर यात्रा करना पूर्णतः वर्जित और दंडनीय है।

- राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों पर यातायात बाधित करने वाली मानक से अधिक बड़े आकार की कांवड़ या झांकियां न निकालें।

फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए निर्देश

1. 10 मिनट का रिस्पांस टाइम - वाहन टकराने, पार्किंग या मामूली विवाद की सूचना पर निकटतम पुलिस टीम 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचेगी ताकि छोटे विवाद बड़ा रूप न ले सकें।

2. 24x7 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग - फर्जी, पुराने वीडियो और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। किसी भी भ्रामक खबर का जिला पुलिस के आधिकारिक हैंडल से 1 घंटे के भीतर खंडन जारी किया जाएगा।

3. 48 घंटे पूर्व रूट डायवर्जन प्लान - यातायात में किसी भी प्रकार का अघोषित डायवर्जन नहीं होगा। रूट प्लान 48 घंटे पूर्व मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रचारित किया जाएगा। साथ ही एम्बुलेंस और आपात सेवाओं के लिए एम्बुलेंस कॉरिडोर सुरक्षित रहेगा।

4. डीजे साउंड स्क्रीनिंग और परमिशन - डीजे की अनुमति से पूर्व ऑडियो की स्क्रीनिंग होगी। बिना अनुमति या तेज आवाज वाले डीजे तुरंत जब्त किए जाएंगे।

5. मिश्रित और संवेदनशील क्षेत्रों में कांवड़ गुजरने के दौरान छतों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। इस दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके अलावा सीएलजी और शांति समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी।

6. सेवा शिविरों का प्रबंधन - सामाजिक संगठनों द्वारा लगाए जाने वाले सेवा टेंट मुख्य सड़क मार्ग से पर्याप्त दूरी पर स्थापित होंगे ताकि यातायात बाधित न हो। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा हेतु महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी।

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