जयपुर को मिला वैश्विक सम्मान: शिकागो और शंघाई को पछाड़कर बना दुनिया का छठा सबसे खुशहाल शहर
जयपुर को मिला वैश्विक सम्मान: शिकागो और शंघाई को पछाड़कर बना दुनिया का छठा सबसे खुशहाल शहर The World's Happiest Cities 2026 की सूची में जयपुर जगह पाने वाला भारत का एकमात्र शहर है. Published : August 1, 2026 at 3:40 PM IS…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर को मिला वैश्विक सम्मान: शिकागो और शंघाई को पछाड़कर बना दुनिया का छठा सबसे खुशहाल शहर
The World's Happiest Cities 2026 की सूची में जयपुर जगह पाने वाला भारत का एकमात्र शहर है.
Published : August 1, 2026 at 3:40 PM IST
जयपुर: गुलाबी नगरी जयपुर ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी खास पहचान दर्ज कराई है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म टाइम आउट की ओर से जारी 'The World's Happiest Cities 2026' की सूची में जयपुर को दुनिया का छठा सबसे खुशहाल शहर बताया गया है. खास बात यह है कि दुनिया के टॉप-10 सबसे खुशहाल शहरों में जगह बनाने वाला जयपुर भारत का एकमात्र शहर है. इस उपलब्धि ने जयपुर की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान, खानपान, बाजारों और जीवंत शहरी जीवन को एक नई वैश्विक पहचान दी है.
इस वजह से मिली पहचान: टाइम आउट की रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर को इस सूची में शामिल करने के पीछे शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ यहां की जीवनशैली, स्थानीय लोगों का व्यवहार और मेहमाननवाजी महत्वपूर्ण वजह रही. जयपुर के पारंपरिक बाजार, स्थानीय खानपान, कला एवं हस्तशिल्प और शहर में मौजूद सामुदायिक जुड़ाव भी इसकी खुशहाली की पहचान बने. रिपोर्ट में पर्यटन और संस्कृति के साथ आधुनिक शहरी जीवन के बीच जयपुर के संतुलन को भी शहर की एक बड़ी ताकत के रूप में देखा गया है.
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24 हजार से अधिक लोगों के सर्वे पर रिपोर्ट: 'The World's Happiest Cities 2026' रिपोर्ट के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के 24 हजार से अधिक लोगों को सर्वे में शामिल किया गया. सर्वे में लोगों के शहर से जुड़े अनुभव, सामुदायिक भावना, सकारात्मक माहौल और खुशी से जुड़े विभिन्न मापदंडों को आधार बनाया गया. लोगों के रोजमर्रा के अनुभवों और शहर के सामाजिक वातावरण को भी रैंकिंग तैयार करने में महत्व दिया गया. इस सूची में जयपुर का छठे स्थान पर आना इसलिए भी अहम है क्योंकि यह केवल ऐतिहासिक या पर्यटन महत्व के आधार पर मिली रैंकिंग नहीं है. इसमें शहर में रहने और आने वाले लोगों के अनुभव, स्थानीय संस्कृति और सामाजिक जुड़ाव जैसे पहलुओं को भी महत्व दिया गया है.
विरासत और आधुनिकता का अनूठा मेल: जयपुर की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक शहरी जीवन का साथ-साथ मौजूद होना है. टूर ऑपरेटर और पर्यटन विशेषज्ञ संजय कौशिक ने कहा कि इस सूची में जयपुर का शुमार होना एक गौरव का विषय है. उनका कहना है कि जयपुर के लोगों की सहजता, उनका व्यवहार, एकजुटता के अलावा मददगार स्वभाव इसके पीछे की बड़ी वजह है. वह कहते हैं कि जयपुर के लोगों के अलावा यहां के पर्यटन स्थल, यहां के जेवरात और टेक्सटाइल के कारोबार के बीच यह शहर आपाधापी से दूर है. जयपुर के लिए इस नई पहचान का मिलना जाहिर तौर पर एक सम्मान है.
इस वजह से मिलता है जीवंत माहौल: उन्होंने कहा कि आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल, जंतर-मंतर और जयपुर के पुराने शहर की वास्तुकला दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करती है. वहीं दूसरी ओर आधुनिक कैफे, रेस्तरां, शॉपिंग स्पेस, कला आयोजन, स्टार्टअप गतिविधियां और नई पीढ़ी की जीवनशैली जयपुर को एक आधुनिक शहर का स्वरूप देती हैं. पुराने शहर के बाजारों की रौनक, हस्तशिल्प, आभूषण, कपड़े, ब्लू पॉटरी और पारंपरिक खानपान जयपुर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं. स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी और सामाजिक जुड़ाव भी शहर के अनुभव को अलग बनाते हैं. यही वजह है कि जयपुर में आने वाले पर्यटकों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अनुभव के साथ एक जीवंत शहरी माहौल भी मिलता है.
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विदेशी पर्यटकों के बीच बढ़ेगी ब्रांड वैल्यू: अल्बर्ट हॉल के अधीक्षक महेंद्र कुमार निम्हल के मुताबिक जयपुर को 1727 में सवाई जय सिंह द्वितीय ने नियोजित रूप से बसाया था. इस तरह की प्लानिंग के साथ बनने वाले शहरों में जयपुर देश का पहला शहर था. उन्होंने कहा कि लगभग 300 साल बीतने के बाद भी शहर का विस्तार भले ही हो गया हो, लेकिन शहर की रूह में किसी तरह का बदलाव देखने को नहीं मिलता है. यहां ऐतिहासिक इमारतों के साथ ही स्थानीय जनजीवन न सिर्फ यहां बसने वाले लोगों को रास आता है, बल्कि सैलानियों की पसंद भी बनता है. उन्होंने कहा कि लोगों को इस शहर की खूबसूरती को सहेजकर रखना चाहिए.
पर्यटन क्षेत्र के लिए होगा फायदेमंद: महेंद्र कुमार ने कहा कि वैश्विक स्तर पर खुशहाल शहरों की सूची में छठे स्थान पर आने से जयपुर की अंतरराष्ट्रीय ब्रांड वैल्यू को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. यह रैंकिंग विदेशी पर्यटकों के बीच जयपुर की सकारात्मक छवि को मजबूत कर सकती है. खासकर ऐसे समय में जब दुनिया भर में पर्यटक केवल ऐतिहासिक स्मारक देखने के बजाय स्थानीय संस्कृति, खानपान, जीवनशैली और स्थानीय अनुभवों को भी अपनी यात्रा का हिस्सा बनाना चाहते हैं. जयपुर की यह नई पहचान पर्यटन क्षेत्र के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है. विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल कंपनियों, टूर गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को लाभ मिलने की संभावना है. स्थानीय कलाकारों और कारीगरों के लिए भी वैश्विक पहचान नए बाजार उपलब्ध करा सकती है.
सैलानियों ने की जयपुर की तारीफ: महाराष्ट्र से आये सैलानी महेश चौहान ने कहा कि जयपुर में उन्हें सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है. यहां की संस्कृति और खान-पान उन्हें काफी पसंद आया. गाइड की जुबानी इतिहास के किस्से उन्हें इस शहर से जोड़ रहा है. उन्होंने जयपुर के लोगों के सहयोगी रुख की भी तारीफ की. इसी तरह से भरतपुर से आए एक और सैलानी दीपेश चौधरी ने बताया कि जयपुर काफी खूबसूरत है और सुरक्षित है, यहां आकर उन्हें काफी अच्छा महसूस हुआ.
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जायके और मेहमाननवाजी की तारीफ: ट्यूरिस्ट गाइड गजानंद गुर्जर ने माना कि दुनिया के खुशमिजाज छह शहरों में शुमार होने के बाद जयपुर के पर्यटन को पंख लगेंगे और रोजगार के मौके और बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि जयपुर को महसूस करने वाला हर शख्स खुद को गौरवान्वित महसूस करता है. अपने पति के तबादले के बाद कोलकाता से जयपुर आई महिला जोयता चटर्जी ने बताया कि वह पहली बार जयपुर आई हैं और इससे पहले उन्होंने काफी कुछ जयपुर के बारे में सुना है. इस दफा वह उन सभी बातों का बेहतर अनुभव जयपुर घूमकर करने वाली है. उन्होंने जयपुर के जायके और मेहमाननवाजी की भी तारीफ की.
पर्यटकों का रास आ रहा है जयपुर: पुणे से आई एक और महिला पर्यटक सुजाता नरले ने जयपुर के खाने और ऐतिहासिक स्थानों को लेकर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि गुलाबी शहर आकर उन्होंने यहां के शाही अंदाज को महसूस किया. पूणे से आए एक और सैलानी ने कहा कि राजस्थान का इतिहास और जयपुर देश का मान सम्मान बढ़ाता है. यूएस के कैलिफॉर्निया से आई एक महिला पर्यटक सुप्रिया ने जयपुर से जुड़े अपने तजुर्बे को साझा किया और खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि जो कुछ किताबों में पढ़ा है, उसे जीवंत रूप से जयपुर में आकर ही महसूस किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि एक पर्यटक होने के बाद भी राजस्थान में मेहमानवाजी, मददगार नजरिया और सुरक्षा देता है. पूणे की एक और महिला पर्यटक आकांक्षा ने जयपुर की जमकर तारीफ की और उन्हें यहां के लोगों का अंदाज काफी रास आया.
निवेश के लिए भी सकारात्मक संदेश: जयपुर की वैश्विक रैंकिंग का असर केवल पर्यटन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है. अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने शहर की सकारात्मक ब्रांड इमेज बनने से पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, मनोरंजन और सांस्कृतिक उद्योगों में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. शहर की वैश्विक पहचान मजबूत होने से होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प के कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है. जयपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कला प्रदर्शनियों और वैश्विक सम्मेलनों की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं.
इनके लिए बढ़ सकता है आकर्षण: जयपुर को खुशहाल शहरों की वैश्विक सूची में जगह मिलने से शहर की पहचान केवल पर्यटन केंद्र के तौर पर नहीं, बल्कि रहने और काम करने के लिए आकर्षक शहर के रूप में भी मजबूत हो सकती है. स्टूडेंट्स, युवा प्रोफेशनल्स और स्टार्टअप से जुड़े लोगों के लिए जयपुर का आकर्षण बढ़ने की संभावना है. जयपुर में शिक्षा संस्थानों, आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम, कैफे कल्चर और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ पारंपरिक संस्कृति का मेल युवाओं के लिए शहर को अलग पहचान देता है. आने वाले समय में यह छवि शहर की अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसरों को भी प्रभावित कर सकती है.
लिवेबल सिटी की पहचान को मिलेगा बल: किसी शहर की खुशहाली केवल पर्यटकों के अनुभव से तय नहीं होती. बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं, स्वच्छता, परिवहन, सुरक्षा, हरियाली, मनोरंजन और नागरिक सुविधाएं भी शहर को रहने योग्य बनाती हैं. जयपुर की वैश्विक रैंकिंग के बाद शहर की लिवेबिलिटी पर भी चर्चा बढ़ना तय है. यह उपलब्धि जयपुर के लिए अवसर के साथ एक चुनौती भी है. वैश्विक स्तर पर मिली पहचान को बनाए रखने के लिए शहर में बुनियादी सुविधाओं को लगातार बेहतर करना होगा. पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, फुटपाथ, जल निकासी और शहर के ऐतिहासिक स्वरूप का संरक्षण जैसे मुद्दे अब और महत्वपूर्ण हो जाएंगे.
इसके बाद अब और बढ़ेगी जिम्मेदारी: वैश्विक स्तर पर खुशहाल शहर का दर्जा मिलने के बाद जयपुर के स्थानीय निकायों और प्रशासन पर शहर की सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने का दबाव भी बढ़ेगा. पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की अपेक्षाएं बढ़ेंगी और शहर की वैश्विक छवि के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी. संजय कौशिक के अनुसार, यदि जयपुर अपनी ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक शहरी सुविधाओं, स्वच्छता, हरियाली और सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत करता है तो यह वैश्विक पहचान लंबे समय तक शहर की ताकत बन सकती है.
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दुनिया के सामने संस्कृति की सकारात्मक तस्वीर: जयपुर का टॉप-10 में शामिल होना भारत की शहरी संस्कृति का भी सकारात्मक प्रतिनिधित्व करता है. यह उपलब्धि बताती है कि भारत के शहर केवल आर्थिक गतिविधियों या ऐतिहासिक स्मारकों के लिए ही नहीं, बल्कि संस्कृति, सामुदायिक जीवन, खानपान, आतिथ्य और जीवनशैली के अनुभव के लिए भी वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं. गुलाबी शहर की यह उपलब्धि राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है. जयपुर राजस्थान में आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों का प्रमुख प्रवेश द्वार है. ऐसे में शहर की वैश्विक ब्रांडिंग का सकारात्मक असर आमेर, शेखावाटी, अजमेर, पुष्कर, रणथंभौर और राजस्थान के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी पड़ सकता है.
कुल मिलाकर, दुनिया के सबसे खुशहाल शहरों में छठा स्थान जयपुर के लिए केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, विरासत, आतिथ्य और जीवंत जीवनशैली को मिली वैश्विक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है. अब चुनौती इस पहचान को बरकरार रखने और जयपुर को पर्यटन के साथ-साथ रहने, पढ़ने, काम करने और निवेश के लिए भी दुनिया के प्रमुख शहरों की कतार में और मजबूत स्थान दिलाने की होगी.
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