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जयपुर में आमरण-अनशन पर बैठे छात्र नेता की बिगड़ी तबीयत: शुभम रेवाड़ बोले- मांगें पूरी नहीं होने तक अनशन नहीं टूटेगा; SMS हॉस्पिटल में इलाज जारी - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार1 अगस्त 2026 को 12:15 pm बजे
जयपुर में आमरण-अनशन पर बैठे छात्र नेता की बिगड़ी तबीयत:  शुभम रेवाड़ बोले- मांगें पूरी नहीं होने तक अनशन नहीं टूटेगा; SMS हॉस्पिटल में इलाज जारी - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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जयपुर में आमरण-अनशन पर बैठे छात्र नेता की बिगड़ी तबीयत:शुभम रेवाड़ बोले- मांगें पूरी नहीं होने तक अनशन नहीं टूटेगा; SMS हॉस्पिटल में इलाज जारी

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राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब और तेज होता जा रहा है। पिछले 10 दिनों से छात्र नेता शुभम रेवाड़ का आमरण अनशन अब भी जारी है।

जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) हॉस्पिटल में भर्ती शुभम की शनिवार को तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। हॉस्पिटल प्रशासन लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है।

छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर प्रदेशभर में छात्रों के बीच बढ़ते असंतोष के बीच शुभम का अनशन आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया है। समर्थक लगातार हॉस्पिटल पहुंचकर उनका हालचाल जान रहे हैं। सरकार से उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं।

छात्र संघ चुनाव न कराकर आवाज को दबाया जा रहा

दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में शुभम रेवाड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन छात्रों की पूरी तरह से जायज मांगों को लगातार अनदेखा कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले तीन सालों से राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने से युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि छात्रों को नेतृत्व और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है। लगातार तीन साल से चुनाव नहीं होना युवाओं के अधिकारों का हनन है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

दो मांगों पर अड़े शुभम

शुभम रेवाड़ ने कहा कि उनका आंदोलन केवल दो प्रमुख मांगों को लेकर है।

- प्रदेश में जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव बहाल कर चुनाव कराने की है।

- राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा विभाग शुरू करने की है, ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में अध्ययन और शोध का अवसर मिल सके।

उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान है और विश्वविद्यालय में इसका अलग विभाग स्थापित होना चाहिए।

जान चली जाए, लेकिन अनशन नहीं तोडूंगा

सेहत बिगड़ने के बाद भी शुभम अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी दोनों मांगों पर सरकार स्पष्ट निर्णय लेकर आदेश जारी नहीं करती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि मैं सरकार से केवल इतना चाहता हूं कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल किए जाएं और राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा विभाग शुरू किया जाए। जब तक ये दोनों मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक मेरा आमरण अनशन जारी रहेगा। चाहे इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े।

डॉक्टरों की निगरानी में इलाज

सेहत बिगड़ने के बाद आज डॉक्टरों ने शुभम की मेडिकल जांच की। हॉस्पिटल सूत्रों के अनुसार उनकी स्थिति पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रखे हुए है। आवश्यक मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और समय-समय पर जांच की जा रही है।

बता दें कि प्रदेश में पिछले तीन साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने को लेकर छात्र संगठनों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। विभिन्न छात्र संगठन चुनाव बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में शुभम रेवाड़ का आमरण अनशन इस पूरे आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बन गया है। अब निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।

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