निकाय चुनाव: हाईकोर्ट सुनवाई के बाद आयोग की सफाई, राज्य सरकार तय करेगी आरक्षण
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम घोषित करने से पहले सरकार आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करेगी. उन्होंने मीडिया ट्रायल की नाराजगी भी व्यक्त की, तथा कहा कि समाचारों में तथ्य और संतुलन बनाए रखना आवश्यक है.

सौजन्य से:- ETV Bharat
निकाय चुनाव: हाईकोर्ट सुनवाई के बाद निर्वाचन आयोग की सफाई, आरक्षण सरकार करेगी तय
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त राजेश्वर सिंह बोले- 2 दिन में जारी करेंगे कार्यक्रम, मीडिया को नसीहत— तथ्यों से नहीं भटकें
Published : July 17, 2026 at 12:24 PM IST
|Updated : July 17, 2026 at 12:46 PM IST
जयपुर: पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर चल रही कानूनी और राजनीतिक हलचल के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने पहली बार उच्च न्यायालय में रखे गए अपने पक्ष को सार्वजनिक किया है. उच्च न्यायालय की खंडपीठ में हुई सुनवाई के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया कि चुनाव कार्यक्रम घोषित करने में आयोग की भूमिका राज्य सरकार द्वारा आरक्षण संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होती है. उन्होंने तथाकथित 'मीडिया ट्रायल' पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि समाचारों में तथ्य और संतुलन बनाए रखना आवश्यक है.
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि 16 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने न्यायालय के समक्ष तीन महत्वपूर्ण बिंदु रखे थे.
पहला: एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण का निर्धारण करना चुनाव आयोग का नहीं, बल्कि राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र है.
दूसरा: यदि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के अभाव में ओबीसी आरक्षण के बिना चुनाव कराने का कोई निर्णय लिया जाता है, तो वह निर्णय लेने का अधिकार भी राज्य सरकार के पास है, चुनाव आयोग के पास नहीं.
तीसरा: राज्य सरकार जिस दिन वार्डों और पदों का वर्गवार आरक्षण निर्धारित कर देगी, उसके अगले दो दिनों के भीतर राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित कर देगा.
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इन बिंदुओं के बाद उच्च न्यायालय में हुई पूरी कार्यवाही का केंद्र ओबीसी आयोग और राज्य सरकार रहे. न्यायालय ने अपने आदेश में ओबीसी आयोग को रिपोर्ट प्रस्तुत करने, राज्य सरकार को पदवार आरक्षण की लॉटरी की प्रक्रिया पूरी करने और इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के निर्देश दिए हैं. अब 20 जुलाई को ओबीसी आयोग, राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को अपनी-अपनी कार्ययोजना उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करनी है. इसके बाद आगे की प्रक्रिया पर न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई होगी.
मीडिया ट्रायल पर जताई नाराजगी: मीडिया में चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेश्वर सिंह ने कहा कि जनता तक सत्य और तथ्य पहुंचाना प्रेस का दायित्व है और सही जानकारी प्राप्त करना जनता का अधिकार है. उन्होंने कहा, 'भोजन में मिर्च-मसाला होना चाहिए, लेकिन इतना भी नहीं कि भोजन का स्वाद ही नष्ट हो जाए." उनका कहना था कि पंचायत चुनाव जैसे संवेदनशील विषय पर तथ्यों के आधार पर ही रिपोर्टिंग होनी चाहिए, ताकि जनता के बीच किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो.
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