नीट से पहले ही मेडिकल के प्रति छात्राओं की आत्महत्या कर रही है देश की मानसिकता: राजस्थान का दुःखद मामला
राजस्थान में नीट की तैयारी कर रही एक 19 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिसके पीछे पुनर्परीक्षा के चलते उनकी तनाव का उल्लेख है। यह न केवल राजस्थान का बल्कि देश का मामला है।

सौजन्य से:- The Wire - Hindi
नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं में तनाव के चलते आत्महत्या की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. ताज़ा मामला राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ ज़िले के एक कस्बे का है, जहां नीट-यूजी की तैयारी कर रही एक 19 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर अपने घर पर आत्महत्या कर ली है.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बाताया कि छात्रा ने हाल ही में नीट की दोबारा परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर उम्मीद के मुताबिक अच्छा न होने के कारण वह काफी तनाव में थीं.
पुलिस के अनुसार, छात्रा के माता-पिता शिक्षक हैं और घटना के समय वह घर पर अकेली थीं.
इस संबंध में बहरोड़ कोतवाली के एसएचओ रविंद्र ने बताया कि छात्रा की मां द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर स्कूल से लौटने पर उन्हें अपनी बेटी बेहोश अवस्था में मिली थी, जिसके बाद परिवार वाले उसे अस्पताल ले गए, जहां लड़की को मृत घोषित कर दिया गया.
वहीं, एएसआई कृष्ण कुमार ने बताया कि इस मामले के संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम को दोपहर करीब 2:30 बजे एक प्राइवेट अस्पताल से सूचना मिली थी.
इस घटना को लेकर राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है.
बहरोड़ की होनहार बेटी, NEET की छात्रा कामाक्षी के सुसाइड का समाचार अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख…
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) July 15, 2026
गौरतलब है कि यह अकेला मामला नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार 12 मई को नीट-यूजी 2026 रद्द किए जाने और 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित किए जाने के बीच देश के अलग-अलग राज्यों में कम-से-कम 12 अभ्यर्थियों की आत्महत्या की घटनाएं सामने आई थीं. इनमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, उत्तराखंड और गोवा के छात्र शामिल हैं.
राजस्थान के सीकर में एक 22 वर्षीय छात्र ने 3 जुलाई को आयोजित परीक्षा के बाद अपने पिता से कहा था कि उसका पेपर इतना अच्छा हुआ है कि अब ‘भगवान भी उसे पास होने से नहीं रोक सकते.’ लेकिन पुनर्परीक्षा की घोषणा के बाद वह गहरे सदमे में चला गया और कुछ दिनों बाद उसने आत्महत्या कर ली.
वहीं मध्य प्रदेश की एक 18 वर्षीय छात्रा ने अपने माता-पिता के नाम लिखे पत्र में कहा कि उनमें डॉक्टर बनने का भरोसा था, लेकिन अब उसमें दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं बचा है.
दिल्ली की एक 20 वर्षीय छात्रा, जिसने तीसरी बार नीट दी थी, को विश्वास था कि इस बार उसका चयन हो जाएगा. परीक्षा रद्द होने के दो दिन बाद वह अपने कमरे में मृत मिलीं.
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उत्तराखंड से भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें परिजनों ने पुनर्परीक्षा की घोषणा के बाद बढ़े तनाव और निराशा का उल्लेख किया है.
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

दूसरे राज्यों में फ्री पढ़ाई का लालच देकर बच्चों को भेज रहा है धर्मांतरण गिरोह, सांसद ने सीबीआई जांच की मांग की

पहले से शादीशुदा महिलाओं को 'दुल्हन' बना करवाते थे शादी: फिर बीमारी का बहाना बनाकर हो जाती थीं फरार, कोटा में गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार - Kota News

अजमेर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक: चेतन डूडी बोले- भाजपा सरकार पंचायत-निकाय चुनाव से डर रही है


