जानलेवा हमले का क्या मामला? पुलिस पर सवालें, हमलावर सीसीटीवी कैमरों में कैद
जयपुर में तीनों भाइयों पर जानलेवा हमला हुआ था, हमलावरों ने पीड़ितों की पगड़ी उतारी, बाल नोचे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, लेकिन हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश डाली जा रही है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
सरदार की पगड़ी उतारी, बाल भी नोचे
मारपीट की यह घटना 13 जुलाई सोमवार की देर रात की है। सुखवंत सिंह, कमलजीत सिंह और अर्शदीप पर जानलेवा हमला हुआ था। ये तीनों भाई सरदार परिवार से हैं। हमलावरों ने तीनों भाइयों को जमकर पीटा। अर्शदीप की पगड़ी उतारी। उसे जमीन पर पटका और उसके बाल नोचे। घटना स्थल पर उसके उखड़े हुए बाल पड़े दिखाई दिए। अगले दिन स्थानीय लोगों ने घटना स्थल पर बिखरे बालों के फोटो भी खींचे जो कि अब सोशल मीडिया पर सामने आए है।लोग घरों से बाहर निकले तो बची जान
तीनों भाइयों पर रात करीब साढ़े 11 बजे मारपीट हुई थी। हमलावर लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर आए थे। लाठियां और सरिये लहराते हुए पीछे दौड़ते हुए मारपीट की। पीड़ित भाइयों सुखवंत सिंह और कमलजीत सिंह का कहना है कि काफी देर तक मारपीट के दौरान जब हंगामा हुआ तो स्थानीय लोग घरों से निकल कर बाहर आए। लोगों के बाहर आने के बाद हमलावर अलग अलग गाड़ियों में बैठकर फरार हो गए।एक ही गांव के हैं हमलावर
पीड़ित सुखवंत सिंह का कहना है कि हमलावरों में भांकरोटा के रहने वाले विष्णु चौधरी, पवन टोडावता, विष्णु पूनिया, वीरू गढ़वाल, मदन टोडावता, अजय टोडावता, लोकेश टोडावता, राजेश टोडावता, यशवंत चौधरी, राकेश टोडावता और हेमराज टोडावता के साथ उनके कुछ अन्य साथी भी शामिल थे। आरोपी स्कॉर्पियो, मर्सिडीज, किया सेल्टॉस, ब्रेजा और डिजायर गाड़ियों में सवार होकर आए थे। पीड़ितों का कहना है कि हमलावरों के हाथों में तलवारें और लोहे के पाइप भी थे।सिर पर कई टांके आए
मारपीट की इस गंभीर घटना में तीनों भाइयों के गंभीर चोटें लगी। सुखवंत सिंह और कमलजीत लहूलुहान हो गए थे। उनके सिर और ललाट पर पांच से ज्यादा टांके भी आए हैं। पीड़ितों का कहना है कि जानलेवा हमला होने के बावजूद भी भांकरोटा पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया जबकि सभी हमलावर स्थानीय हैं। हमलावरों की हरकत सीसीटीवी कैमरों में कैद है। हमले की पूरी घटना साफ दिखाई दे रही है। इसके बावजूद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
उधर भांकरोटा के थाना प्रभारी श्रीनिवास जांगिड़ का कहना है कि हमले की सूचना मिली जिसके बाद पीड़ितों की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच एएसआई मुकेश चतुर्वेदी को सौंपी गई है। पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है।पीड़ित का आरोप- पुलिस ने सही धाराओं में नहीं किया मुकदमा दर्ज
इस घटना को लेकर पुलिस ने धारा 189(2), 115(2), 126(2) BNS का घटित होना पाया जाने पर एफआईआर दर्ज की है। जबकि पीड़ितों का कहना है कि इस मामले में अन्य कई धाराएं लगनी चाहिए थी।- BNS धारा 109 - हत्या का प्रयास (यदि हमला जान लेने की नीयत से किया गया हो)।
- BNS धारा 115(2) – स्वेच्छा से चोट पहुंचना।
- BNS धारा 117 – खतरनाक हथियार से गंभीर चोट पहुंचना (यदि मेडिकल रिपोर्ट गंभीर चोट दर्शाती है)।
- BNS धारा 189 (2) – आपराधिक धमकी (जान से मारने की धमकी)।
- BNS धारा 190 – कई व्यक्तियों की ओर से मिलकर धमकी/अपराध।
- BNS धारा 304 - स्नैचिंग / झपट्टा मारकर चेन छीनना (यदि चेन छीनी गई है)।
- BNS धारा 126 (2) – गलत तरीके से रोकना/घेरना।
- BNS धारा 191(2) – दंगा/हिंसक उपद्रव (यदि अवैध भीड़ द्वारा हिंसा की गई हो)।
- BNS धारा 3(5) - समान उद्देश्य से कई व्यक्तियों की और से अपराध करना।
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