बापजी की परेशानी और संघर्ष: जोधपुर और मारवाड़ की याद दिलाने वाला एक नई किताब
पूर्व महाराजा गजसिंह पर आधारित नई किताब बापजी: महाराजा ऑफ मारवाड़ जोधपुर, दी किंग हू वुड बी मैन का ब्रिटेन की संसद में विमोचन हुआ. किताब में महाराजा के जीवन के उन पलों को दिखाया गया है जहां उन्होंने राजशाही को जनसेवा में बदलने के लिए संघर्ष किया।

सौजन्य से:- ETV Bharat
'बापजी: महाराजा ऑफ मारवाड़ जोधपुर, दी किंग हू वुड बी मैन' का ब्रिटेन में विमोचन
पूर्व महाराजा गजसिंह से शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, कला व संस्कृति के सन्दर्भ में उपस्थित लोगों ने कई सवाल किए.
Published : July 14, 2026 at 7:19 PM IST
जोधपुरः मारवाड़ के पूर्व महाराजा गजसिंह पर लिखित पुस्तक बापजी: महाराजा ऑफ मारवाड़ जोधपुर: दी किंग हू वुड बी मैन का ब्रिटेन की संसद के हाऊस ऑफ लार्ड्स में विमोचन हुआ. समारोह में गजसिंह उनकी पत्नी हेमलता राज्ये मौजूद रहे. पूर्व नरेश के एज्यूकेटिव असिस्टेंट पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि ब्रिटेन की संसद के हाऊस ऑफ लार्ड्स में एक समारोह में सोमवार को पुस्तक के विमोचन का कार्यक्रम हुआ. इसका आयोजन हाऊस ऑफ लार्ड्स के सदस्य लार्ड करण बिलमोरिया ने किया. यह पुस्तक हाल ही में राजस्थान में लांच हुई थी, जिसे अब ब्रिटेन में लांच किया गया हैं।
पुस्तक विमोचन समारोह के अवसर पर पूर्व महाराजा गजसिंह से शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, कला व संस्कृति के सन्दर्भ में उपस्थित लोगों ने कई सवाल किए. पूर्व सांसद गजसिंह ने अपने जवाब में कहा कि शिक्षा क्षेत्र में कार्य के लिए पूर्व राजमाता कृष्णा कुमारी से प्रेरणा मिली, उनकी सोच को आगे बढ़ाया व शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किया.
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इसमें कृष्णा कुमारी गर्ल्स स्कूल, देसूरी फोर्ट में राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स हॉस्टल व केरू में गर्ल्स हॉस्टल खोले गए. इण्डियन हेड इंजरी फाउंडेशन की स्थापना से दुर्घटना से बचाव व जागरूकता का कार्य किया जा रहा है. जल भागीरथी फाउंडेशन के द्वारा मारवाड़ में जल संचय व जल की बचत के लिए अनेक कार्य किए गए हैं.
जोधपुर की अपणायत खींच लाईः कला, संस्कृति व पर्यटन के क्षेत्र में कार्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कला, संस्कृति व पर्यटन के क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं. मेहरानगढ़ म्युजियम ट्रस्ट के द्वारा विदेशों में कई जगह प्रदर्शनियां आयोजित की गई, ताकि यहां कला व संस्कृति का प्रचार हो. विदेश में शिक्षा के बावजूद वापस जोधपुर क्यों लौटने के सवाल पर कहा कि उन्होंने कहा ब्रिटेन में शिक्षा प्राप्त की पर संस्कार भारतीय रहे व जोधपुर की यादें, स्नेह व अपणायत व भविष्य की जिम्मेदारियां वापस खींच लाई.
हेमलता राज्ये ने कहा कि वे पूर्व महाराजा के साथ मारवाड़ व जोधपुर की जनता के बीच रहकर कार्य करने का निरन्तर प्रयास करते हैं. जनता का स्नेह व अपणायत ऐसा करने के लिए प्रेरित करते हैं. मारवाड़ की जनता पूर्व सांसद को बतौर सम्मान व प्रेम से बापजी के नाम से संबोधित करती हैं.
पुस्तक के बारे में हुई चर्चाः समारोह में पुस्तक के बारे में भी चर्चा हुई. इस पुस्तक में तत्कालीन महाराजा हनवन्त सिंह के 26 जनवरी, 1952 में हवाई दुर्घटना में देहांत के बाद विकट व संकटमय परिस्थिति में गजसिंह का 12 मई, 1952 को राजतिलक होने से लेकर उनके संघर्षों व राजशाही को जनसेवा में बदलने के सफर को दर्शाया गया है.
पुस्तक के लेखक योगी वैद्य व अमननाथ ने उनके बचपन से लेकर एक आधुनिक महाराजा के रूप में मारवाड़ की विरासत, कला, संस्कृति, इतिहास के संरक्षण व संवर्द्धन की यात्रा का सिलसिलेवार वर्णन किया है. पुस्तक में उनके दुर्लभ फोटो प्रकाशित किए गए हैं. इस अवसर पर ब्रिटेन में राजस्थान राजपूत एसोशिएशन यूके के हरेन्द्र सिंह राठौड़ व संस्थान के पदाधिकारियों ने गजसिंह व हेमलता राज्ये का स्वागत किया.
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