'पहियों पर महल' पहुंचा स्वर्णनगरी...सैलानियों का राजस्थानी संस्कृति एवं परंपरा से स्वागत
'पहियों पर महल' पहुंचा स्वर्णनगरी...सैलानियों का राजस्थानी संस्कृति एवं परंपरा से स्वागत शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स पर्यटन सीजन के पहले फेरे में 75 सैलानियों को लेकर जैसलमेर पहुंची. Published : September 13, 2026 at 6:0…

सौजन्य से:- ETV Bharat
'पहियों पर महल' पहुंचा स्वर्णनगरी...सैलानियों का राजस्थानी संस्कृति एवं परंपरा से स्वागत
शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स पर्यटन सीजन के पहले फेरे में 75 सैलानियों को लेकर जैसलमेर पहुंची.
Published : September 13, 2026 at 6:04 PM IST
जैसलमेर: विश्व प्रसिद्ध शाही रेल पैलेस ऑन व्हील्स पर्यटन सीजन के पहले फेरे में रविवार को स्वर्णनगरी जैसलमेर पहुंची. ट्रेन के जैसलमेर पहुंचने पर स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर-1 राजस्थानी लोक संस्कृति के रंग नजर आया. ट्रेन के 75 देशी-विदेशी पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया. ढोल-नगाड़ों की गूंज, राजस्थानी लोकगीत के बीच फूलमालाओं और रेड कारपेट के बीच मेहमानों का स्वागत किया गया. सैलानियों को तिलक लगाया और फूलमालाएं पहनाई. लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी.
11 विदेशी सैलानी: पैलेस ऑन व्हील्स के इस पहले फेरे में कुल 75 देशी-विदेशी पर्यटक जैसलमेर पहुंचे. इनमें 64 भारतीय और 11 विदेशी सैलानी शामिल हैं. शाही ट्रेन से जैसलमेर पहुंचने वाले पर्यटकों में स्वर्णनगरी की ऐतिहासिक विरासत और मरु संस्कृति को करीब से देखने का उत्साह नजर आया. स्टेशन पर स्वागत के दौरान राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुति ने पर्यटकों को खासा आकर्षित किया. कई पर्यटक लोक संगीत की धुनों पर झूमते और तस्वीरें लेते नजर आए. जैसलमेर में ये पर्यटक सोनार दुर्ग, गड़ीसर सरोवर, ऐतिहासिक हवेलियों और आसपास के स्वर्णिम धोरों सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे.
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शाही ट्रेन को दिया नया रूप: नए सीजन से पहले पैलेस ऑन व्हील्स में कई अहम बदलाव और नवीन कार्य किए गए. ट्रेन के कुछ हिस्सों को नया राजसी रूप देने के साथ आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक भारतीय शिल्पकला का बेहतर समावेश किया है. छह कमरों का नवीनीकरण किया है. इनमें सामान्य कारपेट की जगह विशेष डिजाइन वाली मार्बल फ्लोरिंग की है. मार्बल पर बारीक इनले वर्क के साथ पीतल और अन्य धातुओं की आकर्षक सजावट की है.इससे कमरे अधिक भव्य और राजसी दिखने लगे हैं.
राजस्थानी शिल्प और आधुनिकता का संगम: शाही ट्रेन में भारतीय और राजस्थानी शिल्प परंपरा को विशेष महत्व दिया गया. दीवारों पर जर्मन सिल्वर और मेटल क्राफ्ट की डिटेलिंग की गई. फर्श, दीवारों और अन्य सजावटी हिस्सों में किए बदलावों से पारंपरिक राजस्थानी कला और आधुनिक विलासिता का अनूठा मेल दिख रहा है.
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पर्यटन व्यवसाय को नई उम्मीद: पैलेस ऑन व्हील्स के जैसलमेर पहुंचने से स्थानीय पर्यटन कारोबारियों में उत्साह नजर आया. होटल और रिसोर्ट संचालकों से लेकर टैक्सी संचालकों, स्थानीय गाइडों तथा हस्तशिल्प कारोबार से जुड़े लोगों को शाही ट्रेन के पर्यटकों से कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है.शाही ट्रेन के पर्यटक यहां की कला, संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प और ऐतिहासिक विरासत से रूबरू होते हैं. इससे स्थानीय रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ते हैं.
विरासत और आधुनिकता का मेल: ट्रेन को नई साज-सज्जा और आधुनिक सुविधाओं के साथ नया स्वरूप दिया गया. वहीं, जैसलमेर अपनी सदियों पुरानी स्थापत्य कला, लोक संस्कृति और मरु परंपराओं के साथ पर्यटकों के स्वागत को तैयार है. यात्रियों को राजस्थान की संस्कृति और इतिहास को करीब से जानने का अवसर होगा.
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