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आंगनवाड़ी कर्मियों का आंदोलन: सरकार की सद्बुद्धि के लिए किया यज्ञ, मांगें नहीं मानने पर महापड़ाव की चेतावनी

आंगनवाड़ी कर्मियों का आंदोलन: सरकार की सद्बुद्धि के लिए किया यज्ञ, मांगें नहीं मानने पर महापड़ाव की चेतावनी राजस्थान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं कम मानदेय व अस्थायी सेवा के खिलाफ दो सप्ताह से आंदोलनरत हैं. Publi…

ETV Bharat के अनुसार13 जुलाई 2026 को 03:08 pm बजे
आंगनवाड़ी कर्मियों का आंदोलन: सरकार की सद्बुद्धि के लिए किया यज्ञ, मांगें नहीं मानने पर महापड़ाव की चेतावनी

सौजन्य से:- ETV Bharat

आंगनवाड़ी कर्मियों का आंदोलन: सरकार की सद्बुद्धि के लिए किया यज्ञ, मांगें नहीं मानने पर महापड़ाव की चेतावनी

राजस्थान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं कम मानदेय व अस्थायी सेवा के खिलाफ दो सप्ताह से आंदोलनरत हैं.

Published : July 13, 2026 at 6:40 PM IST

जयपुर: दो सप्ताह से लगातार चल रहा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. आंदोलन की इसी कड़ी में सोमवार को गांधीनगर स्थित निदेशालय, महिला एवं बाल विकास विभाग के बाहर सरकार को सद्बुद्धि देने और अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए सद्बुद्धि हवन किया गया.

इस सद्बुद्धि हवन में जयपुर जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका शामिल हुई. अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले हुए इस सद्बुद्धि हवन के बाद संघ ने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में उनकी मांगों का समाधान नहीं तो जयपुर में प्रदेश भर से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अनिश्चित काल के लिए महापड़ाव डाला जाएगा.

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बड़े आंदोलन की चेतावनी: अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के संस्थापक संरक्षक छोटीलाल बुनकर ने बताया कि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है. इसी के विरोध में उन्होंने पहले 1 जुलाई से 6 जुलाई तक कार्य बहिष्कार किया और 7 जुलाई से प्रदेशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताले लगाकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी.

सद्बुद्धि के किया लिए हवन: उन्होंने कहा कि अब आंदोलन सड़क पर उतर चुका है और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. प्रदेश के सभी जिलों में आंगनवाड़ी कर्मी आंदोलनरत हैं. जयपुर सहित विभिन्न जिलों में सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करने की कामना के साथ हवन किए गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार यदि शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.

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मांगों पर गंभीरता से विचार करें: संघ की प्रदेशाध्यक्ष रचना शर्मा ने कहा कि सरकार से कई दौर की मांगों और ज्ञापनों के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सम्मानजनक समझौता नहीं हुआ, तो प्रदेशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं जयपुर में महापड़ाव डालेंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी. हवन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला कर्मियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.

अधिकारों के लिए आंदोलन: जिला अध्यक्ष ममता प्रजापत ने कहा कि हम वर्षों से कम मानदेय, अस्थायी सेवा और अन्य समस्याओं से जूझ रही हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही. उनका कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. सरकार से वार्ता कर शीघ्र समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं बल्कि अपने अधिकारों और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों के लिए है.

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आंगनवाड़ी कर्मियों की प्रमुख मांगें

- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए.

- मानदेय में सम्मानजनक एवं स्थायी वृद्धि की जाए.

- सेवानिवृत्ति पर पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान किया जाए.

- रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती एवं कार्यभार के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.

- केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के अतिरिक्त कार्यों का उचित पारिश्रमिक दिया जाए.

- ईएसआई, बीमा, चिकित्सा एवं अन्य कर्मचारी कल्याण योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए.

- लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार तत्काल वार्ता कर सकारात्मक निर्णय ले.

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