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कौन है ज्ञान चंद्र अग्रवाल, जिनके केस की राजस्थान HC से फाइलें हो गई गायब, जालसाजी-धोखाधड़ी के हैं कई आरोप

Rajasthan High court Case: राजस्थान हाई कोर्ट में कारोबारी ज्ञानचंद अग्रवाल से जुड़ी फाइलें गायब होने से हड़कंप मच गया है। इस मामले ने हाईकोर्ट की रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज्ञानचंद अग्रवाल पर धोखाध…

Navbharat Times के अनुसार2 सितंबर 2026 को 06:33 pm बजे
कौन है ज्ञान चंद्र अग्रवाल, जिनके केस की राजस्थान HC से फाइलें हो गई गायब, जालसाजी-धोखाधड़ी के हैं कई आरोप

सौजन्य से:- Navbharat Times

Rajasthan High court Case: राजस्थान हाई कोर्ट में कारोबारी ज्ञानचंद अग्रवाल से जुड़ी फाइलें गायब होने से हड़कंप मच गया है। इस मामले ने हाईकोर्ट की रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज्ञानचंद अग्रवाल पर धोखाधड़ी के कई आरोप हैं।

जयपुर: राजस्थान हाई कोर्ट में सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन हुआ। इस बीच राजस्थान हाईकोर्ट में कारोबारी ज्ञान चंद्र अग्रवाल समेत दो आरोपियों से जुड़ी हुई फाइलों का मामला काफी सुर्खियों में आ गया है। हाईकोर्ट में इनसे जुड़ी हुई फ़ाइल नहीं मिली है। इससे हाईकोर्ट में रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ज्ञानचंद अग्रवाल को जालसाज लोगों को किंग कहा जाता है। उस पर धोखाधड़ी के जयपुर पुलिस में सैंकड़ों मामले दर्ज बताए जाते है।

क्या है, ज्ञानचंद अग्रवाल की फाइल का मामला

एक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट में जो फाइलें नहीं मिली, उनका संबंध कारोबारी ज्ञानचंद अग्रवाल और दो अन्य आरोपियों से जुड़ा हुआ है। इन पर धोखाधड़ी, भरोसा तोड़ने, जलसाजी और साजिश जैसे गंभीर आरोप हैं। इसको लेकर 2023 में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी ने मामला दर्ज किया था। इस मामले में दायर याचिका में ज्ञान चंद अग्रवाल पर आरोप हैं कि हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद अग्रवाल एसओजी की जांच में शामिल नहीं हुए और उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिलती रही।

10 अप्रैल को क्रिमिनल ब्रांच में नहीं मिली फाइलें

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान हाई कोर्ट में ज्ञानचंद अग्रवाल और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामले को समाप्त करने के लिए याचिका दायर की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान इस केस से जुड़ी हुई 10 फाइले रजिस्ट्रार की क्रिमिनल ब्रांच में नहीं मिली। इसको लेकर हाई कोर्ट ने रजिस्ट्रार जुडिशल से मामले की रिपोर्ट मांगी। हालांकि रजिस्ट्रार ने इसको लेकर अपनी रिपोर्ट पेश की, लेकिन हाई कोर्ट ने 22 अप्रैल को सुनवाई के दौरान इसे पर्याप्त नहीं माना। इसका फायदा आरोपियों को मिला और उनकी अंतरिम राहत जारी रही।

कौन है, ज्ञानचंद अग्रवाल, जिसको लेकर मचा है बवाल

राजस्थान हाई कोर्ट में ज्ञान चंद्र अग्रवाल की फाइल नहीं मिलने से बवाल मचा हुआ है। ज्ञानचंद अग्रवाल जयपुर का एक रियल एस्टेट डेवलपर है, जिसे हिस्ट्रीशीटर भी घोषित किया गया है। उसेपर जमीनों के घोटाले कर बड़ा साम्राज्य खड़ा करने का आरोप है। आरोप है कि ज्ञानचंद अग्रवाल ने जयपुर में प्रॉपर्टी के नाम पर डेढ़ सौ से साढे़ 3 सौ करोड रुपए से अधिक की जमीनों का घोटाला किया है। उसने जयपुर के नारायण विहार और कृष्णा सरोवर जैसी कॉलोनियों के प्लॉट सैकड़ो परिवारों को बेचेने के नाम पर करोड़ों की ठगी की। उसने एक ही प्लॉट को कई खरीदारों को बेच दिया। इसके अलावा ज्ञानचंद अग्रवाल के खिलाफ जयपुर पुलिस में सैकड़ो मामले दर्ज बताए गए हैं।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

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