कभी 800 बच्चों से गुलजार था झुंझुनूं का ये स्कूल, अब बदहाली की कहानी कह रहा 1952 का विद्यालय, चौंके आशुतोष रांका
सीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने झुंझुनूं के पौंख गांव स्थित 1952 के जर्जर सरकारी स्कूल का निरीक्षण कर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधा। इस दौरान स्कूल निरिक्षण के दौरान ग्रामीणों ने स्कूल की बदहाली की कह…

सौजन्य से:- Navbharat Times
सीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने झुंझुनूं के पौंख गांव स्थित 1952 के जर्जर सरकारी स्कूल का निरीक्षण कर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधा। इस दौरान स्कूल निरिक्षण के दौरान ग्रामीणों ने स्कूल की बदहाली की कहानी सीजेपी के सामने बयान की।
झुंझुनू राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने झुंझुनूं जिले के पौंख गांव में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने के बाद भाजपा सरकार खासकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और राजस्थान सरकार पर जमकर निशाना साधा। स्कूल की खस्ताहाल स्थिति दिखाते हुए रांका ने सवाल दाग ‘क्या शिक्षा मंत्री अपने बच्चों और अपने पोते-पोतियों को ऐसे स्कूल में भेजेंगे?’ दरअसल यह बात सीजेपी प्रवक्ता ने राजस्थान में शेखावाटी अंचल के झुंझुनूं और सीकर जिले के दौरे के दौरान एक कार्यक्रम और सरकारी स्कूल के निरीक्षण बाद अपने एक्स अकांउट पर की गई पोस्ट में कही। राकां ने अपने एक्स पर दौरे का विडियो भी साझा किया।
सरकार बताए-राजस्थान के जर्जर स्कूल कब तक और कितने दिनों में दुरुस्त होंगे
रांका ने सरकार को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार चाहती है कि सीजेपी सरकारी स्कूलों का निरीक्षण न करे तो सरकार यह बता दे कि राजस्थान के जर्जर स्कूल कब तक और कितने दिनों में दुरुस्त कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार तारीख बता दे, इसके बाद वे स्कूलों का निरीक्षण करना बंद कर देंगे।
1952 में बना स्कूल, कभी 700-800 बच्चे पढ़ते थे
रांका के अनुसार पौंख गांव में ग्रामीणों के आग्रह पर उन्होंने महात्मा गांधी स्कूल का निरीक्षण किया। उनका दावा है कि यह स्कूल वर्ष 1952 में बना था और कभी यहां 700-800 बच्चे पढ़ते थे। इस स्कूल से आईएएस, लेफ्टिनेंट कर्नल और इंजीनियर जैसे विद्यार्थी निकले। रांका ने स्कूल की मौजूदा स्थिति को लेकर प्रशासन पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के जरिए स्कूल की स्थिति सामने रखते हुए कहा कि इतने पुराने और महत्वपूर्ण स्कूल की हालत देखकर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘इतने शानदार स्कूल का भी आपने बेड़ा गर्क कर दिया।’
‘कुछ दिन बाद फिर आएंगे, काम शुरू नहीं हुआ तो धरने पर बैठेंगे’
सीजेपी नेता ने केवल निरीक्षण तक मामला सीमित रखने के बजाय अगली कार्रवाई का ऐलान भी कर दिया। रांका ने कहा कि वे कुछ दिनों बाद पौंख स्कूल का दोबारा निरीक्षण करेंगे। उनके मुताबिक यदि तब तक स्कूल में सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर धरना दिया जाएगा। यानी पौंख का यह स्कूल अब सिर्फ शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि स्थानीय स्तर पर सरकार और विपक्षी राजनीति के बीच टकराव का नया केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।
‘मारपीट और पुसिल में केस से सीजेपी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं’
जयपुर के रामपुरा क्षेत्र में सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान कथित मारपीट और एफआईआर से जुड़े सवाल पर भी रांका ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मारपीट और एफआईआर से वे और सीजेपी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना था कि उनकी पार्टी वोट मांगने के लिए नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की मुहिम के तहत निरीक्षण कर रही है। रांका ने कहा कि जिन स्कूलों में उनकी टीम निरीक्षण के लिए पहुंचती है, वहां बाद में प्रशासन की ओर से सुधार के प्रयास शुरू होने की बात सामने आती है। उनका तर्क है कि प्रशासन को किसी राजनीतिक दल के निरीक्षण का इंतजार किए बिना पहले ही सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारनी चाहिए।
नीट प्रभावित परिवार से मिले रांका, बोले- मुआवजे के लिए लड़ेंगे
झुंझुनूं दौरे के दौरान रांका मंगलवार शाम कानिका की ढाणी, तन गुढ़ाबावनी पंचायत के बाड्या नला गांव भी पहुंचे। यहां उन्होंने NEET पेपर लीक विवाद के बाद जान गंवाने वाले छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाकात की। रांका ने परिवार से काफी देर तक बातचीत की और घटना के बाद परिवार की स्थिति तथा उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि सीजेपी उनके साथ खड़ी है और न्याय तथा मुआवजे के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

जयपुर जा रही रोडवेज में घुसी खीरे लदी पिकअप, इंजन डैमेज - Sriganganagar News

चार्टर प्लेन से जयपुर पहुंचीं बिरला परिवार की निर्मला बिरला: एयरपोर्ट पर ग्रुप के प्रतिनिधियों ने किया स्वागत, कोलकाता से आईं है शहर - Jaipur News

राजस्थान में 40 हजार की रिश्वत लेते पुलिसकर्मी समेत दो गिरफ्तार


