BRICS समिट में जयपुर के बर्तनों से होगी मेहमाननवाजी, हर व्यंजन के लिए तैयार की गई खास क्रॉकरी
BRICS समिट में जयपुर के बर्तनों से होगी मेहमाननवाजी, हर व्यंजन के लिए तैयार की गई खास क्रॉकरी इस बार ब्रिक्स समिट में जयपुर के बर्तन शोभा बढ़ाएंगे. ये बर्तन जयपुर की एक कंपनी ने समिट के लिए ही तैयार किए हैं. Published :…

सौजन्य से:- ETV Bharat
BRICS समिट में जयपुर के बर्तनों से होगी मेहमाननवाजी, हर व्यंजन के लिए तैयार की गई खास क्रॉकरी
इस बार ब्रिक्स समिट में जयपुर के बर्तन शोभा बढ़ाएंगे. ये बर्तन जयपुर की एक कंपनी ने समिट के लिए ही तैयार किए हैं.
Published : September 12, 2026 at 10:06 AM IST
जयपुर : BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. इस बार BRICS देशों की मेहमाननवाजी में जयपुर की खास भागीदारी देखने को मिलेगी. समिट से जुड़े आयोजनों में मेहमानों को भारतीय और पारंपरिक देसी व्यंजन परोसने के लिए जयपुर में तैयार की गई विशेष क्रॉकरी का इस्तेमाल किया जाएगा. इसकी खासियत यह है कि हर तरह के व्यंजन के लिए अलग डिजाइन और अलग तरह के बर्तन तैयार किए गए हैं.
हर व्यंजन के लिए अलग डिजाइन: जयपुर की इस खास क्रॉकरी को तैयार करने में पारंपरिक भारतीय शैली के साथ व्यंजन की जरूरत को भी ध्यान में रखा गया है. यह बर्तन जयपुर की एक कंपनी ने तैयार किए हैं. कंपनी के सीईओ अरुण पाबूवाल के मुताबिक इसकी सबसे खास बात यह है कि वहां परोसे जाने वाले हर प्रकार के व्यंजन के लिए अलग डिजाइन तैयार किया गया है. यानी प्रत्येक डिश के स्वरूप और उसे परोसने के तरीके के अनुरूप क्रॉकरी का डिजाइन तैयार किया गया है. इससे भारतीय व्यंजनों को परोसने का अंदाज और खास दिखाई देगा. क्रॉकरी में डिजाइन से लेकर उसके निर्माण तक कई स्तरों पर काम किया गया है, ताकि मेहमानों के सामने पारंपरिक भारतीय भोजन को एक खास अंदाज में प्रस्तुत किया जा सके.
देसी व्यंजनों के लिए कांसे के बर्तन: इस विशेष क्रॉकरी में पारंपरिक भारतीय और देसी व्यंजनों के लिए कांसे के बर्तनों का इस्तेमाल किया गया है. भारतीय भोजन परोसने की पारंपरिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए कांसे को क्रॉकरी का हिस्सा बनाया गया है. वहीं मिठाइयों को परोसने के लिए चांदी का इस्तेमाल किया गया है. इस तरह मुख्य व्यंजनों और मिठाइयों के लिए अलग-अलग धातुओं और डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरी टेबल सेटिंग को एक अलग पहचान मिलती है.
डिजाइन से प्रोटोटाइप और उत्पादन तक 4-5 महीने का समय : कंपनी की डायरेक्टर अंतरा पाबूवाल ने बताया कि BRICS से जुड़े आयोजनों में इस्तेमाल होने वाले इन उत्पादों की सप्लाई उन प्रॉपर्टीज को की गई, जहां BRICS से संबंधित कार्यक्रमों और मेहमानों के लिए व्यंजन परोसे गए. उन्होंने बताया कि इस पूरी क्रॉकरी और उत्पाद को तैयार करने में करीब 4 से 5 महीने का समय लगा. इस दौरान डिजाइन तैयार करने, प्रोटोटाइप बनाने और उसके बाद पूरी उत्पादन प्रक्रिया को पूरा किया गया. यानी यह केवल सामान्य क्रॉकरी का उत्पादन नहीं था, बल्कि हर उत्पाद के डिजाइन और उसके इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार किया गया.
जयपुर की कारीगरी को मिला खास मंच: BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन में जयपुर में तैयार की गई इस विशेष क्रॉकरी का इस्तेमाल शहर की पारंपरिक कारीगरी और डिजाइन को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने प्रस्तुत करने का एक अवसर भी है. भारतीय व्यंजनों को भारतीय परंपरा और आधुनिक डिजाइन के मेल के साथ परोसने की इस तैयारी में जयपुर की भूमिका खास नजर आ रही है.
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