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AIIMS जोधपुर में इलाज से कितने संतुष्ट मरीज? ABP की पड़ताल में सामने आया सच

AIIMS जोधपुर में इलाज से कितने संतुष्ट मरीज? ABP की पड़ताल में सामने आया सच जोधपुर AIIMS में इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और उपचार को लेकर संतोष जताया है, लेकिन जांच और इलाज की प्रक्रिया में लगने वाल…

abplive.com के अनुसार4 सितंबर 2026 को 01:33 pm बजे
AIIMS जोधपुर में इलाज से कितने संतुष्ट मरीज? ABP की पड़ताल में सामने आया सच

सौजन्य से:- abplive.com

AIIMS जोधपुर में इलाज से कितने संतुष्ट मरीज? ABP की पड़ताल में सामने आया सच

जोधपुर AIIMS में इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और उपचार को लेकर संतोष जताया है, लेकिन जांच और इलाज की प्रक्रिया में लगने वाले समय को लेकर परेशानी भी सामने रखी.

दिल्ली AIIMS में कोटा की एक छात्रा की मौत के बाद देश के बड़े सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसी बीच ABP न्यूज ने जोधपुर AIIMS में ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों के अनुभवों को जाना. यहां इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने उपचार को लेकर संतोष जताया है, लेकिन जांच और इलाज की प्रक्रिया में लगने वाले समय को लेकर परेशानी भी सामने रखी.

पंजाब से अपनी पत्नी का इलाज करवाने जोधपुर AIIMS पहुंचे लखबीर ने बताया कि यहां इलाज अच्छा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि इलाज की प्रक्रिया में समय जरूर ज्यादा लगता है, लेकिन उपचार सही मिलने से वह संतुष्ट हैं.

सात दिन से इलाज के इंतजार में परिवार

जालौर के सायला से अपने परिवार के साथ AIIMS पहुंचे खान पथरी के इलाज के लिए अस्पताल आए हैं. उन्होंने बताया कि करीब सात दिन हो चुके हैं. पेट में सूजन होने के कारण अभी उपचार नहीं हो पा रहा है. परिवार अस्पताल के बाहर बैठकर इंतजार कर रहा है और उन्हें अभी दो दिन और इंतजार करने की बात कही गई है.

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कैंसर के इलाज के साथ बढ़ा कमरे का खर्च

जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्र जांबा से अपनी भांजी का कैंसर का इलाज करवाने आए कैलाश बिश्नोई ने बताया कि वह करीब एक साल से AIIMS आ रहे हैं. पहले कीमोथेरेपी के दौरान अस्पताल में मिलने वाले प्राइवेट रूम का किराया करीब 1,000 रुपये था, लेकिन अब किराया बढ़ने से परेशानी बढ़ गई है. उन्होंने बताया कि कैंसर के इलाज की सभी दवाइयां मुफ्त नहीं मिलतीं और कुछ दवाइयां बाजार से खरीदनी पड़ती हैं. बाहर रहने पर करीब 3,500 रुपये तक का किराया भी देना पड़ रहा है.

तीन साल से बेटे का इलाज, समय ज्यादा लगने की शिकायत

हनुमानगढ़ से अपने बेटे का इलाज करवाने पहुंचे कुलविंदर सिंह ने बताया कि उनके छोटे बेटे का पिछले करीब तीन साल से AIIMS जोधपुर में इलाज चल रहा है. उनके बेटे को नियमित रूप से इंजेक्शन लगवाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि AIIMS में इलाज अच्छा होता है, लेकिन समय ज्यादा लगता है. वहीं अस्पताल के आसपास बनी धर्मशालाओं को उन्होंने मरीजों के परिजनों के लिए बड़ी सुविधा बताया. यहां कम शुल्क में रहने और भोजन की व्यवस्था मिल जाती है.

बीकानेर से पिता का कैंसर इलाज करवाने पहुंचे दीपक

बीकानेर के दीपक जैन अपने पिता के गले के कैंसर का इलाज करवाने AIIMS पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले करीब दो महीने से उपचार चल रहा है. इलाज तो चल रहा है, लेकिन अस्पताल में जांच की प्रक्रिया काफी ज्यादा है.

धर्मशालाएं बनीं बाहर से आने वाले मरीजों का सहारा

AIIMS जोधपुर में इलाज के लिए देशभर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्पताल के आसपास कई धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की ओर से धर्मशालाएं संचालित की जा रही हैं. सुदर्शन सेवा संस्थान, श्रीमाली संस्थान, बिश्नोई समाज सहित कई संस्थाओं ने मरीजों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की है. कम शुल्क में मिलने वाली इन सुविधाओं से दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों को आर्थिक राहत मिल रही है.

AIIMS प्रशासन ने कवरेज की अनुमति नहीं होने की बात कही

ABP न्यूज़ ने AIIMS जोधपुर के प्रशासनिक अधिकारी से अस्पताल में मरीजों की संख्या, सुविधाओं, डॉक्टरों की कमी और मरीजों की समस्याओं को लेकर पक्ष जानने का प्रयास किया. प्रशासन की ओर से बताया गया कि इस तरह की कवरेज के लिए AIIMS परिसर में अनुमति नहीं है. प्रशासन ने कहा कि अस्पताल की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस नोट को ही संस्थान का पक्ष माना जाए.

AIIMS जोधपुर में मरीजों से बातचीत के दौरान तस्वीर यह सामने आई कि बेहतर और विशेषज्ञ उपचार की उम्मीद में देशभर से लोग यहां पहुंच रहे हैं. मरीजों का एक बड़ा वर्ग इलाज की गुणवत्ता से संतुष्ट नजर आया, लेकिन लंबी प्रक्रिया, जांच में लगने वाला समय, बढ़ते मरीजों का दबाव और डॉक्टरों के रिक्त पद अस्पताल के सामने चुनौती के रूप में दिखाई दे रहे हैं.

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