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विशेष टिकट जांच अभियान का असर: अप्रैल-जून के दौरान बिना टिकट यात्रियों की संख्या में 8,271 की कमी

राजस्थान के जयपुर मंडल में विशेष टिकट जांच अभियान का असर अब दिखने लगा है। अप्रैल-जून के दौरान बिना टिकट और अनियमित टिकट के 8,271 अधिक मामले कम हुए हैं। इस दौरान रेलवे ने कुल ₹8.64 करोड़ का जुर्माना वसूला।

Dainik Bhaskar के अनुसार25 जुलाई 2026 को 04:35 am बजे
विशेष टिकट जांच अभियान का असर: अप्रैल-जून के दौरान बिना टिकट यात्रियों की संख्या में 8,271 की कमी

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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- Strict Action Against Ticketless Travellers In Jaipur Division Saw A Decline Of 8,271 Cases In April June.

जयपुर मंडल में बेटिकट यात्रियों पर सख्ती का असर, अप्रैल-जून में 8,271 मामले घटे

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जयपुर मंडल में बिना टिकट यात्रा रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष टिकट जांच अभियान का असर अब आंकड़ों में दिखने लगा है। रेलवे के अनुसार अप्रैल से जून, 2026 के दौरान बिना टिकट और अनियमित टिकट के 1,36,364 मामले सामने आए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 1,44,635 थी यानी एक साल में 8,271 मामलों की कमी दर्ज हुई। इस दौरान रेलवे ने कुल ₹8.64 करोड़ का जुर्माना वसूला। वहीं, दूसरी ओर यात्रियों का रुझान डिजिटल टिकटिंग की ओर बढ़ा है। रेल वन एप से टिकट लेने वाले यात्रियों की हिस्सेदारी बढ़कर 14 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

सीनियर डीसीएम भूपेश यादव के निर्देश पर डीसीएम डॉ. जगदीश कुमार के नेतृत्व में गैटोर-जगतपुरा स्टेशन पर विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। 13 ट्रेनों की जांच में 437 यात्रियों पर कार्रवाई कर ₹2.49 लाख का जुर्माना वसूला गया। इनमें 434 यात्री बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ मिले, जबकि धूम्रपान निषेध नियम का उल्लंघन करने वाले तीन यात्रियों पर भी ₹6,000 जुर्माना लगाया गया। अभियान में 38 टिकट चेकिंग स्टाफ और 17 आरपीएफ जवान शामिल रहे।

डीसीएम यादव ने बताया कि विशेष टिकट जांच अभियानों का उद्देश्य केवल रेलवे राजस्व की सुरक्षा नहीं, बल्कि यात्रियों में वैध टिकट लेकर यात्रा करने की आदत विकसित करना भी है। जयपुर-दौसा सेक्शन पर दिखाई दे रहा है, जहां टिकट बिक्री में वृद्धि हुई। मई के 15 दिन में रेल वन एप से टिकट लेने वाले यात्रियों की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत थी, जो जुलाई के पहले 15 दिन में बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई। रेलवन एप से आय का भी 3.76 से बढ़कर 4.64 प्रतिशत हो गई। रेलवे का मानना है कि मोबाइल टिकटिंग बढ़ने से टिकट काउंटरों पर भीड़ कम हो रही है और बिना टिकट यात्रा पर भी अंकुश लग रहा है।

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