राजस्थान में जाट 71.76 लाख, गुर्जर 32 लाख से ज्यादा: ओबीसी आयोग रिपोर्ट में 92 जातियों की जातिगत जनगणना; 7 जातियों में OBC की 77% आबादी - Jaipur News
- Hindi News - Local - Rajasthan - Jaipur - Rajasthan OBC Commission Caste Census Report | List Of 92 Communities भास्कर एक्सक्लूसिवराजस्थान में जाट 71.76 लाख, गुर्जर 32 लाख से ज्यादा:ओबीसी आयोग रिपोर्ट में 92 जातियों की…

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Rajasthan
- Jaipur
- Rajasthan OBC Commission Caste Census Report | List Of 92 Communities
भास्कर एक्सक्लूसिवराजस्थान में जाट 71.76 लाख, गुर्जर 32 लाख से ज्यादा:ओबीसी आयोग रिपोर्ट में 92 जातियों की जातिगत जनगणना; 7 जातियों में OBC की 77% आबादी
- कॉपी लिंक
प्रदेश में ओबीसी आयोग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व ) ने जनगणना से पहले ही ओबीसी वर्ग की जातिगत जनगणना कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में ओबीसी की 92 जातियों (5 एमबीसी जातियों सहित) की कुल जनसंख्या 2.42 करोड़ है।
ओबीसी में जनसंख्या के मामले में जाट पहले नंबर पर हैं। प्रदेश में जाट पॉपुलेशन 71.76 लाख बताई गई है। गुर्जर दूसरे, कुम्हार-कुमावत तीसरे, माली-सैनी चौथे, जांगिड़ पांचवें, यादव छठे और मेव सातवें नंबर पर हैं।
आयोग ने 74 लाख से ज्यादा ओबीसी परिवारों का सर्वे कर ये आंकड़े जुटाए हैं। पंचायत-निकाय चुनाव से पहले ओबीसी आयोग ने अपने स्तर पर कराई इस गणना की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।
ओबीसी की 77 प्रतिशत आबादी टॉप 7 जातियों में
ओबीसी वर्ग की कुल जनसंख्या में 77 फीसदी हिस्सा टॉप 7 जातियों का है। ओबीसी की 2.42 करोड़ की जनसंख्या में 7 जातियों की आबादी 1.87 करोड़ से ज्यादा है। इनमें जाट, गुर्जर, कुम्हार-कुमावत, माली-सैनी, जांगिड़, यादव और मेव हैं। इसके बाद बची हुई 85 जातियों की आबादी 33 फीसदी है।
राजस्थान में जाट 71.76 लाख, गुर्जर 32.68 लाख, कुम्हार-कुमावत 29.97 लाख, माली-सैनी 27.97 लाख, जांगिड़ 12.52 लाख, यादव 11.57 लाख और मेव जनसंख्या 10.84 लाख है।
ओबीसी आबादी में 52.16% पुरुष, 1000 पुरुषों पर 917 महिलाएं ओबीसी की 2.42 करोड़ आबादी में 1 करोड़ 26 लाख 45 हजार 633 पुरुष और 1 करोड़ 15 लाख 97 हजार 251 महिलाएं हैं। इस हिसाब से कुल ओबीसी आबादी में 52.16% पुरुष और 47.84% महिलाएं हैं। ओबीसी का लिंगानुपात 917 है। प्रति हजार पुरुषों पर 917 महिलाएं हैं।
सात बड़ी जातियों का राजनीति, नौकरी, बिजनेस पर वर्चस्व ओबीसी के 3.92 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। सरकारी कर्मचारियों में 78 फीसदी हिस्सा चार जातियों से हैं, जिनमें जाट, गुर्जर, सैनी और यादव शामिल हैं।
जाट, सैनी, कुमावत और जांगिड़ खुद के बिजनेस में आगे स्वरोजगार में भी बड़ी संख्या वाली जातियों का वर्चस्व है। ओबीसी के 12.50 लाख लोग खुद का रोजगार करते हैं। स्वरोजगार में जाट, सैनी, कुमावत, जांगिड़ आगे हैं। स्वरोजगार में जाट 1.21 लाख, सैनी 1.15 लाख, कुम्हार- कुमावत 1.24 लाख हैं। जांगिड़, सुथार जाति के 85,114 सदस्य स्वरोजगार में हैं।
8.67 लाख लोग प्राइवेट सेक्टर में जॉब वाले ओबीसी के 8.67 लाख लोग प्राइवेट सेक्टर में अलग अलग तरह का जॉब करते हैं, इनमें कॉर्पोरेट सेक्टर से लेकर रिटेल जैसे काम शामिल हैं। प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में भी वही जातियां आगे हैं जो सरकारी नौकरी और स्वरोजगार में आगे हैं। प्राइवेट नौकरियों में जाट/जट सिख 82 हजार 157, कुम्हार-कुमावत 51 हजार 277, सैनी 49 हजार 91 और यादव 28 हजार 797 हैं।
ओबीसी के 31.50 लाख लोग मजदूर ओबीसी की 92 जातियों में 31.50 लाख लोग मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। 20 जातियों में ही सबसे ज्यादा मजदूर हैं। कुम्हार कुमावत जाति से 3.32 लाख लोग मजदूर हैं। ओबीसी में मजदूरी के मामले में कुमावत पहले नंबर पर हैं, दूसरे नंबर पर 2.67 लाख मजदूर सैनी जाति के हैं। तीसरे स्थान पर 2.16 लाख मजदूरों के साथ जाट हैं। गुर्जर 1.80 लाख मजदूर हैं। रावत 1.25 लाख और जांगिड़ 1.15 लाख मजदूर हैं।
एमबीसी की गुर्जर सहित 5 जातियों को भी ओबीसी के साथ गिना आयोग की रिपोर्ट में एमबीसी की गुर्जर सहित 5 जातियों को भी ओबीसी के साथ गिना गया है। इसमें गुर्जर, बंजारा/ बाल्दिया/ लबाना, गाड़िया लुहार, रेबारी /रायका / देवासी, गडरिया (गाडरी) को ओबीसी के साथ गिना गया है।
आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक कर सकती है सरकार ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट को आने वाले दिनों में सरकार सार्वजनिक कर सकती है। पहले भी इस तरह की रिपोर्ट सरकार सार्वजनिक करती रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित विपक्षी दलों के नेता रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग उठा रहे हैं।
जातिगत जनगणना से पहले ओबीसी की जातियों के आंकड़े सामने आए ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधत्व आयोग की रिपोर्ट में ओबीसी की 92 जातियों के आंकड़े दिए गए हैं। अगले साल जातिगत जनगणना के बाद इसके आंकड़े सार्वजनिक होंगे। राजस्थान की ओबीसी जातियों की संख्या का आंकलन जनगणना से पहले ही हो चुका है।
रिपोर्ट सार्वजनिक होने के साथ ही हर व्यक्ति को राजस्थान में ओबीसी की जातियों की संख्या के बारे में पता लग जाएगा। अब अगले साल होने वाली जातिगत जनगणना और आयोग के आंकड़ों में मिलान से ही इस रिपोर्ट की सटीकता का पता लगेगा।
पंचायत-निकाय चुनावों से पहले सियासत गरमाएंगे जातिगत आंकड़े वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक महेश शर्मा बताते हैं- ओबीसी आयोग के सर्वे में सामने आए जातिवार जनसंख्या के आंकड़ों से इस बार निकाय और पंचायत चुनावों से पहले सियासी माहौल गरमाएगा। सत्ताधारी और विपक्ष, दोनों पार्टियों के लिए ये आंकड़े नई चुनौती भी बनेंगे।
अब ओबीसी से जुड़ी जातियों के नेता अपनी संख्या के हिसाब से टिकटों की मांग कर सकते हैं। ओबीसी की जातियों के लोग अब मुखर होकर अपनी भागीदारी मांगेगे। उनके पास जातिगत जनसंख्या का आधार होगा। ऐसे में सरकार और राजनीतिक दलों के पास ओबीसी के लोगों की अनदेखी करना अब आसान नहीं होगा।
यह खबर भी पढ़ेंः
ओबीसी में जाट सबसे ताकतवर, 22 हजार परिवार राजनीति में:गुर्जर दूसरे नंबर पर, सपेरा जाति की कोई हिस्सेदारी नहीं; पहली बार राजस्थान की 92 जातियों की स्थिति
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की 92 जातियों में 17 से 20 ही ऐसी हैं, जिनका राजनीतिक भागीदारी, सरकारी नौकरी से लेकर खेती और दूसरे संसाधनों पर पूरा दबदबा है…(CLICK कर पूरा पढ़ें)
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

राजस्थान में जाट 71.76 लाख, गुर्जर 32 लाख से ज्यादा: ओबीसी आयोग रिपोर्ट में 92 जातियों की जातिगत जनगणना; 7 जातियों में OBC की सबसे ज्यादा आबादी - Jaipur News

केकड़ी अस्पताल में दो बच्चे ब्रुसेलोसिस पॉजिटिव: कच्चे दूध-मांस से फैलती है बीमारी, बेहतर इलाज को अजमेर-जयपुर रेफर - kekri News

चूरू में कई कॉलोनियों में पानी भरा: कोटपूतली-बहरोड़ में सड़कें डूबीं, अलवर में मकान की छत गिरी; कल 19 जिलों में बारिश का अलर्ट - Jaipur News


