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भारतीय वायुसेना का महाअभ्यास: जोधपुर में 7 देशों की एयरफोर्स के साथ 'तरंग शक्ति' का ऑपरेशनल फेज शुरू

भारतीय वायुसेना का महाअभ्यास: जोधपुर में 7 देशों की एयरफोर्स के साथ 'तरंग शक्ति' का ऑपरेशनल फेज शुरू जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर ‘तरंग शक्ति 2026’ का ऑपरेशनल फेज शुरू हो गया है. Published : September 27, 2026 at 8:07 PM I…

ETV Bharat के अनुसार27 सितंबर 2026 को 03:04 pm बजे
भारतीय वायुसेना का महाअभ्यास: जोधपुर में 7 देशों की एयरफोर्स के साथ 'तरंग शक्ति' का ऑपरेशनल फेज शुरू

सौजन्य से:- ETV Bharat

भारतीय वायुसेना का महाअभ्यास: जोधपुर में 7 देशों की एयरफोर्स के साथ 'तरंग शक्ति' का ऑपरेशनल फेज शुरू

जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर ‘तरंग शक्ति 2026’ का ऑपरेशनल फेज शुरू हो गया है.

Published : September 27, 2026 at 8:07 PM IST

जोधपुर: भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ का ऑपरेशनल फेज रविवार से जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर शुरू हो गया. अभ्यास का आयोजन 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है. इस साल अभ्यास की थीम ‘पावर इन पार्टनरशिप’ रखी गई है, जिसका फोकस मित्र देशों की वायु सेनाओं के बीच सहयोग, अनुभव साझा करने और आपसी ऑपरेशनल तालमेल बढ़ाने पर है. इस बारे ने प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो में रविवार को जानकारी साझा की है.

7 देशों की वायु सेनाएं ले रही हैं हिस्सा: तरंग शक्ति 2026 में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं. इसके अलावा 32 अन्य मित्र देशों की सेनाएं अभ्यास में ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल होंगी, यानी कुल 40 देश इस अभ्यास में शामिल हो रहे हैं. इस अभ्यास में अलग-अलग देशों के अत्याधुनिक लड़ाकू और सपोर्ट विमान हिस्सा ले रहे हैं. इनमें F-35 Lightning II, Rafale, F-16, A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A जैसे विमान शामिल हैं. इन विमानों के जरिए लड़ाकू अभियानों के साथ-साथ एयरलिफ्ट और हवा में ईंधन भरने जैसी क्षमताओं का प्रदर्शन और संयुक्त प्रशिक्षण किया जाएगा.

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अलग-अलग मिशन में साथ उड़ेंगे मित्र देशों के विमान: तरंग शक्ति 2026 में विदेशी दल भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर विभिन्न तरह के मिशनों में हिस्सा लेंगे. इसका उद्देश्य संयुक्त प्रशिक्षण के जरिए ऑपरेशनल अनुभव साझा करना और अलग-अलग वायु सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना है. अभ्यास के दौरान एयरक्रू, मिशन प्लानर और ऑपरेशनल सपोर्ट स्टाफ के बीच प्रोफेशनल बातचीत होगी. इसमें मिशन प्लानिंग, ऑपरेशनल प्रक्रियाओं, एयरोस्पेस सेफ्टी और अलग-अलग परिस्थितियों में संयुक्त रूप से काम करने के तरीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

2024 के बाद दूसरा बड़ा संस्करण: तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था. 2026 का यह संस्करण उसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है. इसमें भाग लेने वाली वायु सेनाओं को एक-दूसरे की क्षमताओं, ऑपरेशनल प्रक्रियाओं और काम करने के तरीकों को समझने का अवसर मिलेगा. अभ्यास के जरिए अलग-अलग देशों के सैन्यकर्मी वास्तविक ऑपरेशनल परिस्थितियों के अनुरूप संयुक्त प्रशिक्षण करेंगे. इससे भविष्य में किसी भी संयुक्त ऑपरेशन या बहुराष्ट्रीय सैन्य गतिविधि के दौरान आपसी समन्वय बेहतर करने में मदद मिलेगी.

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सिर्फ हवाई अभ्यास तक सीमित नहीं रहेगा तरंग शक्ति: तरंग शक्ति 2026 का दायरा सिर्फ फ्लाइंग ऑपरेशंस तक सीमित नहीं रखा गया है. अभ्यास के दौरान पेशेवर, सांस्कृतिक और आउटरीच गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी. इन गतिविधियों में समर्पित सेमिनार, विदेशी दलों के लिए इंडस्ट्रियल टूर, सेखों मैराथन, हेरिटेज टूर और योग सत्र शामिल हैं. इन कार्यक्रमों के जरिए विदेशी दलों को भारत के एयरोस्पेस और डिफेंस इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को करीब से समझने का अवसर मिलेगा. हेरिटेज टूर और योग जैसी गतिविधियों के जरिए अलग-अलग देशों के सैन्यकर्मियों के बीच सांस्कृतिक संपर्क और आपसी संवाद को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस क्षमता का प्रदर्शन: अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना को अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं, प्रोफेशनल स्टैंडर्ड और संस्थागत कार्यप्रणाली को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा. साथ ही भारत की बढ़ती स्वदेशी एयरोस्पेस और डिफेंस क्षमताओं को भी अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के सामने रखा जाएगा. ‘पावर इन पार्टनरशिप’ की थीम के तहत अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपसी विश्वास, सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना है. अलग-अलग देशों की वायु सेनाएं एक साथ प्रशिक्षण और अनुभव साझा करके अपनी संयुक्त क्षमता को बेहतर करने पर काम करेंगी.

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