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7 साल बाद राजस्थान से पकड़ा गया टैक्सी चालक हत्या व लूट में 50 हजार का इनामी

राजस्थान से पकड़े गए इस 50 हजार रुपये के इनामी को 14 जुलाई 2019 की रात अमौसी एयरपोर्ट से टैक्सी चालक शुभम पांडे की हत्या कर वारदात में शामिल था। यह आरोपी न्यायालय से एनबीडब्ल्यू और धारा 82 के तहत कुर्की की कार्रवाई के बावजूद पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा, सूत्र: Sarojini Nagar News

Dainik Bhaskar के अनुसार17 जुलाई 2026 को 04:21 am बजे
7 साल बाद राजस्थान से पकड़ा गया टैक्सी चालक हत्या व लूट में 50 हजार का इनामी

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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लखनऊ में टैक्सी चालक की हत्या कर फरार आरोपी गिरफ्तार:7 साल बाद राजस्थान से पकड़ा गया, 50 हजार का इनामी थी

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अमौसी एयरपोर्ट से टैक्सी चालक की हत्या और कार लूट के मामले में सात साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु को एसटीएफ ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ ने उसे सरोजनीनगर पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद पूछताछ कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 14 जुलाई 2019 की रात की है। गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र निवासी यज्ञ कुमार श्रीवास्तव ने 19 जुलाई 2019 को सरोजनीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी टैक्सी (यूपी-53 एफटी-1469) का चालक शुभम पांडे सवारी लेकर अमौसी एयरपोर्ट गया था। रात करीब 2:15 बजे शुभम ने अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि वह सवारी छोड़कर घर लौट रहा है, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और उससे संपर्क नहीं हो पाया।

बाराबंकी में मिला था शव

काफी तलाश के बाद भी शुभम का पता न चलने पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बाराबंकी जिले में एक नहर से शुभम पांडे का शव बरामद हुआ। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र स्थित धरहरा गांव निवासी मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु ने अपने साथियों मिथिलेश पांडे, छोटू सिंह और मोहन यादव के साथ मिलकर चालक शुभम की हत्या कर टैक्सी लूट ली थी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी कार लेकर वाराणसी भाग गए थे।

पुलिस ने इस मामले में बाद में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी मोनू यादव लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई प्रयास किए। न्यायालय से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हुआ और 19 मार्च 2021 को धारा 82 के तहत कुर्की की कार्रवाई भी की गई। इन सब के बावजूद मोनू यादव पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

वाराणसी जाने के बहाने बुक की थी टैक्सी

इसी बीच एसटीएफ को मुखबिर से पता चला कि मोनू यादव राजस्थान के डीडवाना जिले में स्थित सत्या इंडस्ट्रीज, खंडेलवाल स्वीट्स कंपनी में नौकरी कर रहा है। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने बुधवार को वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया और सरोजनीनगर पुलिस को सौंप दिया। जहां पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने और उसके साथियों ने कार लूटने की योजना बनाकर लखनऊ एयरपोर्ट से वाराणसी एयरपोर्ट जाने के बहाने टैक्सी बुक की थी। बाराबंकी के पास चालक शुभम पांडे की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया और टैक्सी लेकर फरार हो गए। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वह पहले बेंगलुरु और फिर राजस्थान भाग गया, जहां पहचान छिपाकर निजी कंपनी में नौकरी कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए वांछित मोनू यादव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।

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