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राजस्थान: जमीनों की रजिस्ट्री से सरकार की कमाई बढ़ी, 7,264 करोड़ का राजस्व; पिछले साल से 28% ज्यादा

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Amar Ujala के अनुसार28 सितंबर 2026 को 03:05 pm बजे
राजस्थान: जमीनों की रजिस्ट्री से सरकार की कमाई बढ़ी, 7,264 करोड़ का राजस्व; पिछले साल से 28% ज्यादा

सौजन्य से:- Amar Ujala

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राजस्थान: जमीनों की रजिस्ट्री से सरकार की कमाई बढ़ी, 7,264 करोड़ का राजस्व; पिछले साल से 28% ज्यादा

Mon, 28 Sep 2026 07:49 PM IST

प्रतीक पांडेय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

Published by: प्रतीक पांडेय

Updated Mon, 28 Sep 2026 07:49 PM IST

सार

राजस्थान में जमीनों की खरीद-फरोख्त और संपत्ति पंजीयन से राज्य सरकार की कमाई बढ़ी है। चालू वित्तवर्ष में अब तक रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से 7,264 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो पिछले साल की समान अवधि से 28 फीसदी से ज्यादा है। सरकार ने इस वित्तवर्ष में 18,750 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।

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विस्तार

राजस्थान में जमीनों के सौदों और संपत्ति में निवेश को लेकर लोगों की दिलचस्पी फिर बढ़ रही है। इस साल राज्य में बड़ी संख्या में जमीनों की खरीद-फरोख्त दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा असर राज्य सरकार के राजस्व पर दिखाई दे रहा है। मुद्रांक एवं पंजीयन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्तवर्ष में अब तक की अवधि में सरकार को रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के जरिये 7,264 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।

यह आंकड़ा पिछले साल की इसी समान अवधि की तुलना में 28 फीसदी से ज्यादा है। पिछले वर्ष 1 अप्रैल 2025 से 24 सितंबर 2025 तक की अवधि में राज्य सरकार को इस मद में 5,658.26 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस प्रकार सरकार को इस बार 1,606 करोड़ रुपये अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।

डीएलसी दरों में दो बार बढ़ोतरी का असर

राजस्व संग्रह में दर्ज की गई इस बड़ी वृद्धि में राज्य सरकार द्वारा दरों में किया गया बदलाव भी अहम रहा है। सरकार ने पिछले पांच महीनों के दौरान जिला स्तरीय दर समिति (डीएलसी) की दरों में दो बार बढ़ोतरी की है। इन दो बार के संशोधनों से राज्य में जमीनों की डीएलसी दरों में अनुमानित 35 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। डीएलसी की बढ़ी हुई इन दरों के कारण संपत्तियों का मूल्यांकन बढ़ गया, जिससे सरकार को काफी मुनाफा हुआ है। जमीनों के बाजार में बढ़ी कारोबारी गतिविधियों और संशोधित दरों के मिले-जुले प्रभाव ने सरकारी खजाने की आय को गति दी है।

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हर महीने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व

चालू वित्तवर्ष के दौरान सरकारी खजाने में राजस्व की आवक लगातार मजबूत बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा वित्तवर्ष के बीते पांच महीनों में ऐसा एक भी महीना नहीं रहा, जब इस मद में 1,000 करोड़ रुपये से कम का राजस्व आया हो। अप्रैल से लेकर अगस्त तक हर महीने सरकार को संपत्ति रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला है। जमीनों में लगातार हो रहे निवेश और खरीद-फरोख्त के सौदों ने आय के इस स्तर को हर महीने बनाए रखा है।

वार्षिक लक्ष्य का 39 फीसदी हिस्सा पूरा

राज्य सरकार ने चालू वित्तवर्ष में संपत्ति रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के जरिये कुल 18,750 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। अभी मौजूदा वित्तवर्ष के छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन विभाग ने करीब 39 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है। जिस रफ्तार से राज्य में जमीनों की खरीद-फरोख्त हो रही है, उससे इस पूरे वित्तवर्ष के निर्धारित राजस्व लक्ष्य को प्राप्त कर लेने की उम्मीद जताई जा रही है।

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यह आंकड़ा पिछले साल की इसी समान अवधि की तुलना में 28 फीसदी से ज्यादा है। पिछले वर्ष 1 अप्रैल 2025 से 24 सितंबर 2025 तक की अवधि में राज्य सरकार को इस मद में 5,658.26 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस प्रकार सरकार को इस बार 1,606 करोड़ रुपये अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।

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डीएलसी दरों में दो बार बढ़ोतरी का असर

राजस्व संग्रह में दर्ज की गई इस बड़ी वृद्धि में राज्य सरकार द्वारा दरों में किया गया बदलाव भी अहम रहा है। सरकार ने पिछले पांच महीनों के दौरान जिला स्तरीय दर समिति (डीएलसी) की दरों में दो बार बढ़ोतरी की है। इन दो बार के संशोधनों से राज्य में जमीनों की डीएलसी दरों में अनुमानित 35 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। डीएलसी की बढ़ी हुई इन दरों के कारण संपत्तियों का मूल्यांकन बढ़ गया, जिससे सरकार को काफी मुनाफा हुआ है। जमीनों के बाजार में बढ़ी कारोबारी गतिविधियों और संशोधित दरों के मिले-जुले प्रभाव ने सरकारी खजाने की आय को गति दी है।

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हर महीने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व

चालू वित्तवर्ष के दौरान सरकारी खजाने में राजस्व की आवक लगातार मजबूत बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा वित्तवर्ष के बीते पांच महीनों में ऐसा एक भी महीना नहीं रहा, जब इस मद में 1,000 करोड़ रुपये से कम का राजस्व आया हो। अप्रैल से लेकर अगस्त तक हर महीने सरकार को संपत्ति रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला है। जमीनों में लगातार हो रहे निवेश और खरीद-फरोख्त के सौदों ने आय के इस स्तर को हर महीने बनाए रखा है।

वार्षिक लक्ष्य का 39 फीसदी हिस्सा पूरा

राज्य सरकार ने चालू वित्तवर्ष में संपत्ति रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के जरिये कुल 18,750 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। अभी मौजूदा वित्तवर्ष के छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन विभाग ने करीब 39 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है। जिस रफ्तार से राज्य में जमीनों की खरीद-फरोख्त हो रही है, उससे इस पूरे वित्तवर्ष के निर्धारित राजस्व लक्ष्य को प्राप्त कर लेने की उम्मीद जताई जा रही है।

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