होमसेहतराजस्थान की गर्भवती महिलाओं की सेहत पर खुलासा, हर छठी गर्भवती की हालत नाजुक
सेहत

राजस्थान की गर्भवती महिलाओं की सेहत पर खुलासा, हर छठी गर्भवती की हालत नाजुक

राजस्थान में 4 हजार अस्पतालों की जांच में पता चला है कि प्रदेश की हर छठी गर्भवती की हालत नाजुक है। 1 लाख 6 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच के बाद खुलासा हुआ है कि 15 हजार हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली हैं। यानी राजस्थान की 15 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं डिलीवरी के पहले ही जच्चा और बच्चा का जीवन रिस्क पर होता है।

Dainik Bhaskar के अनुसार17 जुलाई 2026 को 04:27 am बजे
राजस्थान की गर्भवती महिलाओं की सेहत पर खुलासा, हर छठी गर्भवती की हालत नाजुक

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Rajasthan

- Jaipur

- Rajasthan Pregnancy Health Survey | High Risk Cases Found In Hospitals

प्रसूता निरीक्षण शुरू:राजस्थान की हर छठी गर्भवती हाई रिस्क पर, 4 हजार अस्पतालों की जांच में खुलासा

- कॉपी लिंक

प्रदेश में 23 प्रसूताओं की मौतों के बाद सरकार की नींद खुली और राज्य स्तर पर प्रसूता निरीक्षण शुरू किया गया। अभियान में 4 हजार अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। इसमें प्रदेश की गर्भवती महिलाएं के स्वास्थ्य का चौंकाने वाला फैक्ट सामने आया। 1 लाख 6 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच की गई तो सामने आया कि उनमें से 15 हजार हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली हैं। यानी हर छठी गर्भवती की हालत नाजुक है।

राजस्थान की 15 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के पहले ही जच्चा और बच्चा का जीवन रिस्क पर होता है। यह खुलासा प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए सघन निरीक्षण अभियान में हुआ। दो दिन में 1 लाख 6 हजार 264 गर्भवती महिलाओं का निरीक्षण किया गया। इनमें से 15 हजार 504 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी महिलाएं मिलीं। प्रदेश में 2 दिन में 3 हजार 808 स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर 6 हजार 794 गर्भवती महिलाओं का रियल-टाइम सत्यापन एवं साक्षात्कार कर मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया गया है।

86 हजार छोटे वर्कर्स कर रहे निरीक्षण

प्रदेश में गर्भवती महिलाओं के संघन निरीक्षण अभियान में करीब 86 हजार सीएचओ और आशा वर्कर स्तर की टीम को लगाया गया है। प्रमुख सचिव के अनुसार इस अभियान में जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, फील्ड स्तर पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक व पीएचसी आशा सुपरवाइजर द्वारा मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में कार्यरत 10 हजार 49 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, 22 हजार 355 एएनएम एवं 54 हजार 431 आशा सहयोगिनियां के माध्यम से अभियान संचालित किया जा रहा है।

मंत्री दौरे पर, बड़े अफसर नहीं निकले

प्रसूताओं की मौतों को रोकने के लिए अभियान तो चला दिया। दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर 2 दिन भीलवाड़ा और बांसवाड़ा दौरे पर हैं। लेकिन बड़े अफसर 23 मौतों के बाद भी फील्ड में नहीं उतरे। प्रमुख सचिव, संयुक्त सचिव, डायरेक्टर से लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पीएमओ, आरसीएचओ, ब्लॉक सीएमएचओ, स्थानीय चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक व पीएचसी सुपरवाइजर आदि सारे अफसर एसी कमरों में बैठे समीक्षाएं कर रहे हैं।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें