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सितंबर में सूरज का सितम! राजस्थान में 39 डिग्री के करीब पारा

सितंबर में सूरज का सितम! राजस्थान में 39 डिग्री के करीब पारा मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसका असर मध्य प्रदेश के साथ र…

Hindustan के अनुसार9 सितंबर 2026 को 05:33 am बजे
सितंबर में सूरज का सितम! राजस्थान में 39 डिग्री के करीब पारा

सौजन्य से:- Hindustan

सितंबर में सूरज का सितम! राजस्थान में 39 डिग्री के करीब पारा

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसका असर मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है।

राजस्थान में मानसून अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। सितंबर का दूसरा सप्ताह चल रहा है, लेकिन कई इलाकों में गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है। मंगलवार को श्रीगंगानगर में दिन का तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रदेश के 10 शहरों में पारा 35 डिग्री से ऊपर रहा। यानी जिस समय राजस्थान में मानसून की विदाई की आहट सुनाई देनी चाहिए, उस वक्त कई इलाकों में सूरज अपने तेवर दिखा रहा है।

हालांकि मौसम पूरी तरह बेरुखा भी नहीं रहने वाला। बंगाल की खाड़ी में 11 सितंबर को नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 12 सितंबर से राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल अगले तीन दिन प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बेहद सीमित रहने की संभावना है।

तीन दिन सूखा मौसम, फिर बंगाल की खाड़ी से आएगा सिस्टम

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसका असर मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है।

12 और 13 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। ऐसे में अगले तीन दिन तक जहां लोगों को गर्मी और उमस झेलनी पड़ सकती है, वहीं सप्ताह के आखिर में मौसम कुछ राहत दे सकता है।

हालांकि पश्चिमी राजस्थान के लिए तस्वीर फिलहाल बहुत उत्साहजनक नहीं है। पश्चिमी जिलों में इस सिस्टम का असर सीमित रहने की संभावना है। ऐसे में वहां बारिश के बजाय गर्मी और उमस का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

सितंबर में भी 39 डिग्री के करीब पहुंचा पारा

मानसून की कमजोर गतिविधियों का सीधा असर तापमान पर दिखाई दे रहा है। आसमान साफ रहने और दिन में तेज धूप निकलने के कारण प्रदेश के कई शहरों में गर्मी बढ़ गई है।

मंगलवार को श्रीगंगानगर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रदेश के 10 शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर रहा।

सितंबर में इस तरह तापमान का ऊपर जाना इसलिए भी खास है क्योंकि आमतौर पर इस समय तक मानसून सक्रिय रहने के कारण कई हिस्सों में बादल, बारिश और नमी का प्रभाव बना रहता है। लेकिन इस बार मानसून की कमजोर गतिविधियों ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।

सिर्फ चार इलाकों में बारिश, बाकी राजस्थान में धूप

पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कुछ ही इलाकों में बारिश दर्ज की गई। अलवर के प्रतापगढ़ में 2 MM, दौसा के निर्झरना में 3 MM, भरतपुर के जुरहरा में 11 MM और कांमा में 10 MM बारिश रिकॉर्ड हुई।

इसके अलावा प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मंगलवार को मौसम शुष्क रहा। कई इलाकों में दिनभर आसमान साफ रहा और तेज धूप निकली।

यानी राजस्थान में इस समय मौसम का मिजाज कुछ ऐसा है कि एक तरफ पूर्वी हिस्सों में बंगाल की खाड़ी से आने वाले सिस्टम से बारिश की उम्मीद बंधी है, तो दूसरी तरफ पश्चिम और उत्तरी राजस्थान में गर्मी अभी पीछा छोड़ने के मूड में नहीं है।

अगले सप्ताह शुरू हो सकती है मानसून की विदाई

सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि राजस्थान से मानसून कब विदा होगा? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अगले सप्ताह से राजस्थान में मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो सकता है।

राजस्थान से मानसून की विदाई की सामान्य तारीख 17 सितंबर मानी जाती है। ऐसे में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। अगर बारिश की गतिविधियां कमजोर रहती हैं और वातावरण में शुष्कता बढ़ती है, तो मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना मजबूत हो सकती है।

फिलहाल 11 सितंबर का बंगाल की खाड़ी वाला सिस्टम इस पूरे समीकरण को थोड़ा बदल सकता है। यदि इसका असर राजस्थान के पूर्वी हिस्सों तक अच्छा पहुंचता है तो मानसून की विदाई कुछ दिन आगे खिसक सकती है।

अब मौसम का अगला मोड़ 11 सितंबर के बाद

राजस्थान में फिलहाल तीन दिन मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने वाला है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी का सिस्टम प्रदेश के मौसम की दिशा तय करेगा। 12-13 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में बारिश, पश्चिमी हिस्सों में गर्मी और इसके बाद मानसून की विदाई—आने वाला सप्ताह मौसम के लिहाज से राजस्थान के लिए काफी अहम रहने वाला है।

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