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महिला सशक्तिकरण में सोशल मीडिया की भूमिका पर जयपुर में हुई चर्चा

जयपुर में महिला मानसिक स्वास्थ्य पर एक राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 90 छात्र-छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण और सोशल मीडिया की भूमिका पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने महिलाओं के व्यक्तित्व की विकृति और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को कैसे महिला सशक्तिकरण से जोड़ा जाए, इस पर चर्चा की।

Dainik Bhaskar के अनुसार24 जून 2026 को 03:09 pm बजे
महिला सशक्तिकरण में सोशल मीडिया की भूमिका पर जयपुर में हुई चर्चा

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स कैसे बनें महिला सशक्तिकरण का जरिया?:जयपुर में महिला मानसिक स्वास्थ्य पर महामंथन; 3 यूनिवर्सिटीज के छात्रों ने रखे विचार

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जयपुर के गौतम हॉस्पिटल के सभागार में 24 जून को 'महिला मानसिक स्वास्थ्य' विषय पर एक राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विमेन मेंटल हेल्थ स्पेशियलिटी सेक्शन, इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी (IPS), गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च से

इस प्रतियोगिता में जयपुर के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों जैसे एमिटी यूनिवर्सिटी, आईआईएस (IIS) यूनिवर्सिटी और अपेक्स यूनिवर्सिटी के करीब 90 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने दो मुख्य विषयों पर अपने विचार रखे:

- महिलाओं के व्यक्तित्व की विकृति (Personality Disorders) को किस प्रकार सही तरीके से समझा जा सकता है?

- मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को किस प्रकार महिला सशक्तिकरण से जोड़ा जाए?

मानसिक रूप से सशक्त महिला ही समाज का आधार

कार्यक्रम की शुरुआत में एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. शिव गौतम ने महिलाओं के मानसिक रूप से सशक्त होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "वर्तमान परिस्थितियों में एक मानसिक रूप से सशक्त महिला न केवल खुद को संभालती है, बल्कि अपने परिवार और पूरे समाज को भी एक बेहतर और सकारात्मक दिशा में ले जाने की क्षमता रखती है।

कविता के जरिए नारी महिमा का बखान

गौतम हॉस्पिटल की सीईओ राजश्री गौतम ने अपनी एक स्वरचित कविता के माध्यम से नारी की महिमा और शक्ति का सुंदर बखान किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज के समय में समाज के सर्वांगीण विकास के लिए नारी का सशक्तिकरण कितना महत्वपूर्ण है।

निर्णायकों ने की तार्किक क्षमता की सराहना

प्रतियोगिता में निर्णायक (Judges) की भूमिका डॉ. सुशीला पारीक और डॉ. मनीषा गौड़ ने निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, सही मुद्दों पर उनकी पकड़ और तार्किक भागीदारी की जमकर सराहना की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनीता गौतम ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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