दिल्ली से साफ है जयपुर की हवा, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में राजस्थान की राजधानी का नंबर जानिए
उत्तर प्रदेश के लखनऊ ने इंदौर को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया, वहीं जयपुर देश के टॉप 20 शहरों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है। जयपुर के अलावा राजस्थान को दो और शहरों का नाम शामिल हुआ है। जयपुर: केंद्रीय प्रदूषण…

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com
उत्तर प्रदेश के लखनऊ ने इंदौर को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया, वहीं जयपुर देश के टॉप 20 शहरों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है। जयपुर के अलावा राजस्थान को दो और शहरों का नाम शामिल हुआ है।
जयपुर: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से स्वच्छ वायु दिवस पर ' स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 ' के नतीजों जारी किए गए हैं। इसमें गुलाबी नगरी (जयपुर) 20 वें पायदान पर दि्खाई दिया है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले प्रमुख शहरों की श्रेणी में जहां उत्तर प्रदेश के लखनऊ ने इंदौर को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया, वहीं जयपुर देश के टॉप शहरों में अपनी जगह बनाने में कामयाब नहीं हो सका है।
राजस्थान के तीन शहर इस लिस्ट में
जारी की गई सर्वेक्षण रिपोर्ट में जयपुर को 174 नंबर के साथ 20 वे स्थान पर है। वड़ी बात यह है कि इस लिस्ट में जयपुर के अलावा राजस्थान को दो और शहरों का नाम शामिल हुआ है। जोधपुर शहर 163 अंकों के साथ 24 वे स्थान पर और कोचिंग सिटी के नाम से विख्यात कोटा 146 के साथ 37 वे स्थान पर है। राजस्थान के शहरों का आंकलन करने पर ये देखने को मिला है कि राजधानी में हवा दूसरे शहरों के मुकाबला ज्यादा अच्छी है।
दिल्ली से अच्छी जयपुर की हवा
बात करें राजधानी दिल्ली की तो दिल्ली 172 अंको के साथ 21वें नंबर पर है। इस तरह हम कह सकते हैं दिल्ली की हवा से ज्यादा अच्छी भी जयपुर की हवा है। हालांकि राजधानी की बात करें तो यूपी की राजधानी जयपुर- दिल्ली जैसे शहरों को पछाड़ कर इस बार पहले स्थान पर अपने जगह बना चुकी है। ऐसे में जयपुर में भी जरूरत है कि ये शहर भी अपनी रैंकिंग सुधार कर शीर्ष पायदानों पर अपना स्थान बनाए।
बता दें कि देश भर के शहरों और कस्बों को 2022-23 में जारी 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण फ्रेमवर्क' के आधार पर रैंक प्रदान किया गया। इस फ्रेमवर्क में सड़क की धूल, गाड़ियों से निकलने वाले धुएं और औद्योगिक प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के उपाय बताए गए थे।
जानिए क्या है स्वच्छता का मानक
स्वच्छता का मानक PM10 है। PM10 से तात्पर्य हवा में मौजूद ऐसे सूक्ष्म कणों से है, जिनका व्यास 10 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। ये कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं। इसलिए हवा की गुणवत्ता मापने में PM10 का स्तर एक महत्वपूर्ण मानक माना जाता है।
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लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
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