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जयपुर नगर निगम चुनाव 2026: पुनीत कर्णावत की बगावत के आगे झुके कालीचरण सराफ? मान ली अपनी 'गलती'

जयपुर नगर निगम चुनाव के वार्ड 76 में टिकट आवंटन को लेकर बीजेपी का अंदरूनी गुटबाज़ी का विवाद गहरा गया। कर्णावत की बगावत और धरने की धमकी के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कड़ा रुख अपनाया। जयपुर:…

Navbharat Times के अनुसार1 सितंबर 2026 को 10:33 am बजे
जयपुर नगर निगम चुनाव 2026: पुनीत कर्णावत की बगावत के आगे झुके कालीचरण सराफ? मान ली अपनी 'गलती'

सौजन्य से:- Navbharat Times

जयपुर नगर निगम चुनाव के वार्ड 76 में टिकट आवंटन को लेकर बीजेपी का अंदरूनी गुटबाज़ी का विवाद गहरा गया। कर्णावत की बगावत और धरने की धमकी के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कड़ा रुख अपनाया।

जयपुर: नगर निगम चुनाव के दौरान टिकट वितरण में मनमर्जी करना भाजपा विधायक कालीचरण को भारी पड़ गया। पार्टी के फैसले को दरकिनार करते हुए अपने चहेते को टिकट देने पर वे निशाने पर आ गए। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नाराजगी के बाद कालीचरण सराफ को बैकफुट पर आना पड़ा। सराफ को अपनी गलती मानी और कहा कि उन्हें गफलत में सिंबल किसी और को दे दिया। स्वयं का बचाव करते हुए सराफ ने कहा कि पहले अलग नाम पर सहमति बनी थी और बाद में अलग नाम फाइनल कर दिया। ऐसे में गफलत हो गई।

विवाद के बाद दी सफाई

विवाद का यह पूरा मामला जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 76 से जुड़ा है। तीन दिन आधी रात के बाद तक प्रदेश मुख्यालय में चली बैठकों के बाद भाजपा ने प्रत्याशियों के नाम फाइनल किए थे। नामांकन के अंतिम दिन बीजेपी ने प्रत्याशियों की सूची जारी की जिसमें वार्ड 76 में निवर्तमान उप महापौर पुनीत कर्णावत को प्रत्याशी घोषित किया गया था लेकिन मालवीय नगर से भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने वार्ड 76 का सिंबल अपने चहेते कुलदीप मिश्रा को थमा दिया। जब विवाद हुआ तो पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने नाराजगी जताते हुए दखल दिया। इसके बाद कालीचरण ने सफाई दी कि पहले कुलदीप मिश्रा के नाम पर सहमति बनी थी इसलिए सिंबल उसे दे दिया था। बाद में रिटर्निंग अधिकारी को बोल दिया गया कि पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी पुनीत कर्णावत ही है।

कर्णावत ने दी थी धरने की धमकी

नामांकन के दौरान ही पुनीत कर्णावत को पता चला कि उनके वार्ड का सिंबल किसी और को थमा दिया गया है। इसके बाद उन्होंने बीजेपी मुख्यालय के बाहर धरने की धमकी दी। पूरा मीडिया बीजेपी मुख्यालय पहुंच गया। इस दौरान कर्णावत ने कहा कि पहले वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे और फिर बीजेपी मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे। कर्णावत के धरने की धमकी की खबरें सभी मीडिया पर आग की तरह प्रसारित हुई। इसके बाद बीजेपी का प्रदेश नेतृत्व हरकत में आया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के दखल के बाद कालीचरण को कहना पड़ा कि उनसे गलती हो गई थी। गफलत में उन्होंने मिश्रा को सिंबल दे दिया था। गलती स्वीकार करने के बाद मामला शांत हुआ।

विधायक का टिकट मांगा था कर्णावत ने

उपमहापौर रहे पुनीत कर्णावत लंबे समय से पार्टी में सक्रिय हैं। उनकी पहुंच प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के भी वे नजदीकी रहे हैं। गत विधानसभा चुनाव में पुनीत कर्णावत ने मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से टिकट भी मांगा था। हालांकि पार्टी ने उनके बजाय कालीचरण सराफ को ही प्रत्याशी बनाया जो कि लगातार जीत दर्ज करते आ रहे हैं। टिकट की दावेदारी करने की वजह से ही सराफ कर्णावत से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में उन्होंने कर्णावत के बजाय अपने पसंदीदा कुलदीप मिश्रा को सिंबल दे दिया। हालांकि बाद में मामले को शांत कर दिया गया।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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