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दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर RRTS कॉरिडोर: राजस्थान सरकार जल्द देगी सैद्धांतिक स्वीकृति, बैठक में बनी सहमति

दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर RRTS कॉरिडोर: राजस्थान सरकार जल्द देगी सैद्धांतिक स्वीकृति, बैठक में बनी सहमति RRTS कॉरिडोर के बावल-बहरोड़ खंड को लेकर राजस्थान सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है. Published : September 2, 2026 at 10:5…

ETV Bharat के अनुसार2 सितंबर 2026 को 06:33 pm बजे
दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर RRTS कॉरिडोर: राजस्थान सरकार जल्द देगी सैद्धांतिक स्वीकृति, बैठक में बनी सहमति

सौजन्य से:- ETV Bharat

दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर RRTS कॉरिडोर: राजस्थान सरकार जल्द देगी सैद्धांतिक स्वीकृति, बैठक में बनी सहमति

RRTS कॉरिडोर के बावल-बहरोड़ खंड को लेकर राजस्थान सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है.

Published : September 2, 2026 at 10:59 PM IST

जयपुर: दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के बावल-बहरोड़ खंड को लेकर राजस्थान सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है. बुधवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव सुधांश पंत की अध्यक्षता में पूरक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को लेकर बैठक हुई. बैठक में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई.

129.05 किमी का कॉरिडोर, राजस्थान में 25.16 किमी हिस्सा: मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए पूरक DPR को शीघ्र अनुमोदन के लिए भेजने के निर्देश दिए. उन्होंने सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर राज्य सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी जल्द केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजने को कहा. मुख्य सचिव ने कहा कि यह परियोजना केवल परिवहन सुविधा बढ़ाने वाली नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगी. प्रस्तावित रेल कॉरिडोर सराय काले खां से बहरोड़ तक करीब 129.05 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें राजस्थान में 25.16 किलोमीटर का हिस्सा आएगा. राजस्थान क्षेत्र में शाहजहांपुर, नीमराणा और बहरोड़ से जुड़े चार एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं. दिल्ली-एनसीआर से राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर अलवर-बहरोड़-नीमराणा क्षेत्र के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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7,747 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत: बैठक में बताया गया कि बावल-बहरोड़ खंड की अनुमानित लागत करीब 7,747 करोड़ रुपये है. इसमें 5,167.28 करोड़ रुपये मूल लागत, करीब 640 करोड़ रुपये भूमि लागत और 1,861 करोड़ रुपये उद्यम निधि शामिल है. परियोजना की वित्तपोषण व्यवस्था, चरणबद्ध व्यय और राज्य सरकार के संभावित वित्तीय दायित्वों पर भी विचार किया गया. परियोजना के लिए संसाधन जुटाने को लेकर कोटपूतली-बहरोड़ के जिला कलक्टर और बीडा (BIDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए.

राजस्थान-हरियाणा सीमा तक बावल से जुड़े हिस्से की लागत दोनों राज्यों द्वारा वहन किए जाने के प्रस्ताव और हरियाणा सरकार से प्राप्त समझौता ज्ञापन (MoU) के निष्पादन पर भी चर्चा हुई. राज्य सरकार की ओर से अब संबंधित विभागों की मंजूरी और केंद्र को सैद्धांतिक स्वीकृति भेजने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है. ऐसे में RRTS कॉरिडोर राजस्थान के औद्योगिक बेल्ट को दिल्ली-एनसीआर से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बन सकता है.

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