होमसेहतजयपुर में 200 पूर्व पार्षद फिर लड़ सकते चुनाव: 25 से ज्यादा ने मांगा नोड्यूज; वार्डों की लॉटरी के बाद पूर्व मेयर कुसुम यादव समेत कई दिग्गज सक्रिय - Jaipur News
सेहत

जयपुर में 200 पूर्व पार्षद फिर लड़ सकते चुनाव: 25 से ज्यादा ने मांगा नोड्यूज; वार्डों की लॉटरी के बाद पूर्व मेयर कुसुम यादव समेत कई दिग्गज सक्रिय - Jaipur News

- Hindi News - Local - Rajasthan - Jaipur - Jaipur Civic Election News | Former Councilors Seek NOC & No Dues जयपुर में 200 पूर्व पार्षद फिर लड़ सकते चुनाव:25 से ज्यादा ने मांगा नोड्यूज; वार्डों की लॉटरी के बाद पूर्व मेय…

Dainik Bhaskar के अनुसार18 अगस्त 2026 को 12:55 pm बजे
जयपुर में 200 पूर्व पार्षद फिर लड़ सकते चुनाव:  25 से ज्यादा ने मांगा नोड्यूज; वार्डों की लॉटरी के बाद पूर्व मेयर कुसुम यादव समेत कई दिग्गज सक्रिय - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Rajasthan

- Jaipur

- Jaipur Civic Election News | Former Councilors Seek NOC & No Dues

जयपुर में 200 पूर्व पार्षद फिर लड़ सकते चुनाव:25 से ज्यादा ने मांगा नोड्यूज; वार्डों की लॉटरी के बाद पूर्व मेयर कुसुम यादव समेत कई दिग्गज सक्रिय

- कॉपी लिंक

राजस्थान में निकाय चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही सियासी तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। जयपुर नगर निगम के वार्डों की आरक्षण लॉटरी सामने आने के बाद अब चुनाव लड़ने के इच्छुक पूर्व पार्षद और दावेदार सक्रिय हो गए हैं।

जयपुर नगर निगम के पिछले कार्यकाल में कुल 250 पार्षद थे। अब इनमें से करीब 200 पूर्व पार्षदों के दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी करने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इनमें से कितने दावेदारों को उनकी पार्टी से टिकट मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

टिकट की घोषणा से पहले ही नगर निगम में पूर्व पार्षदों की आवाजाही बढ़ गई है। कई पार्षद नगर निगम से नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) और नोड्यूज लेने की प्रक्रिया में जुट गए हैं।

पिछले दो दिनों में 25 से ज्यादा पूर्व पार्षद NOC के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें पूर्व मेयर कुसुम यादव समेत कई वरिष्ठ और पूर्व पार्षद शामिल हैं।

नगर निगम में NOC के लिए आवेदन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दावेदारों का कहना है कि चुनाव में नामांकन दाखिल करने के लिए यह दस्तावेज महत्वपूर्ण है, इसलिए वे चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही अपनी कागजी प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं।

आरक्षण लॉटरी के बाद बढ़ी चुनावी हलचल

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों की आरक्षण लॉटरी के बाद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों ने अब अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने टिकट की दौड़ में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

पूर्व पार्षदों के लिए अपने पुराने वार्ड से दोबारा चुनाव लड़ने की संभावनाएं आरक्षण पर निर्भर हैं। ऐसे में जिन दावेदारों के लिए वार्ड अनुकूल है, वे नामांकन से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार करने में जुट गए हैं।

NOC क्यों जरूरी?

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार पार्षद रहते हुए निगम की संपत्ति, सुविधाओं या अन्य संसाधनों से जुड़े किसी भी बकाया अथवा दायित्व की स्थिति स्पष्ट करने के लिए नोड्यूज - NOC की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को नामांकन के दौरान जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।

इसी वजह से पूर्व पार्षद चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ नगर निगम से अपना नोड्यूज और NOC लेने में जुट गए हैं। दावेदारों को डर है कि आखिरी समय में दस्तावेजों को लेकर कोई कमी रह गई तो नामांकन के दौरान परेशानी हो सकती है।

24 घंटे में 25 से ज्यादा पार्षदों ने आवेदन किया

जयपुर नगर निगम के बाबू दुर्गापाल ने बताया कि नोड्यूज बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले 24 घंटे में ही 25 से ज्यादा पार्षदों की ओर से आवेदन किए जा चुके हैं और इनकी प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने बताया कि आवेदन करने वालों में पूर्व मेयर कुसुम यादव समेत कई वरिष्ठ पार्षद भी शामिल हैं। जैसे-जैसे चुनाव को लेकर गतिविधियां बढ़ेंगी, NOC के लिए आवेदन करने वालों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

NOC बेहद जरूरी, समय पर नहीं मिली तो परेशानी

पार्षद पति अख्तर हुसैन ने बताया कि चुनाव लड़ने के लिए NOC बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से दर्जनों पार्षद NOC के लिए नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं और इसके लिए जरूरी दस्तावेज भी जमा कराए जा चुके हैं।

उनका कहना है कि नगर निगम के संबंधित अधिकारी पिछले दो-तीन दिनों से उपलब्ध नहीं होने के कारण NOC की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। अगर समय पर NOC नहीं मिली तो नामांकन के समय परेशानी हो सकती है।

250 में से करीब 200 पूर्व पार्षद फिर मैदान में उतरने की तैयारी में

जयपुर नगर निगम के पिछले कार्यकाल में कुल 250 पार्षद थे। अब इनमें से करीब 200 पूर्व पार्षदों के दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी करने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इनमें से कितने दावेदारों को उनकी पार्टी से टिकट मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

आरक्षण लॉटरी के बाद कई पूर्व पार्षद अपने वार्ड के समीकरण देख रहे हैं। जिन वार्डों में उनकी जातिगत और राजनीतिक स्थिति अनुकूल है, वहां वे टिकट के लिए पार्टी नेतृत्व के सामने दावेदारी मजबूत करने में जुट गए हैं।

टिकट की घोषणा से पहले ही शुरू हुई दावेदारी

भाजपा और कांग्रेस की ओर से अभी प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं किए गए हैं, लेकिन दोनों प्रमुख दलों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर अंदरूनी स्तर पर मंथन चल रहा है। पूर्व पार्षदों के अलावा नए चेहरे भी टिकट की दौड़ में हैं।

ऐसे में एक तरफ पुराने पार्षद अपने अनुभव और पिछले कार्यकाल के काम को आधार बनाकर टिकट मांग रहे हैं, तो दूसरी ओर पार्टी संगठन से जुड़े नए दावेदार भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

ऐसे में अब देखना यह होगा कि पूर्व पार्षदों में से कितनों को दोबारा टिकट मिलता है। फिर इनमें से कितने चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंच पाते हैं।

---

ये खबर भी पढ़िए-

उदयपुर-जालोर में 1-1 नगरपालिका की लॉटरी दोबारा निकाली:जोधपुर में भाजपा-कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के वार्ड बदले; देखें- जयपुर समेत प्रमुख शहरों के वार्डों की लिस्ट

राजस्थान में सोमवार को 309 नगर निकायों के वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकाली गई। (पढ़िए पूरी खबर)

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें