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20 जुलाई तक मिलनी होगी पंचायत-निकाय चुनाव की तारीख: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव की तारीख को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार को 20 जुलाई तक चुनाव की तारीख और पूरा शेड्यूल पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी भी दी है, क्योंकि सरकार ने पहले दो बार चुनाव कराने के आदेश जारी किए थे, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं।

Navbharat Times के अनुसार17 जुलाई 2026 को 04:22 am बजे
20 जुलाई तक मिलनी होगी पंचायत-निकाय चुनाव की तारीख: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया आदेश

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव टालने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए 20 जुलाई चुनाव का पूरा शेड्यूल पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी है।

जयपुर: प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। चुनाव प्रक्रिया में देरी को लेकर हुई सुनवाई के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने आज गुरुवार को स्पष्ट कहा कि अगले चार दिन में चुनाव कराने की तारीख बताएं। सोमवार 20 जुलाई को इस मामले की फिर से सुनवाई होगी। 20 जुलाई को ही चुनाव की तारीख के साथ पूरा शेड्यूल बताना होगा।

उलझाने की कोशिश ना करें

दो दिन पहले राजस्थान सरकार की ओर से याचिका दाखिल करके चुनाव कराने के लिए समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त और ओबीसी आयोग के सचिव को व्यक्तिगत तलब किया। आयुक्त राजेश्वर सिंह और ओबीसी आयोग के विधिक सलाहकार अशोक जैन वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश हुए। जैन ने कहा कि उन्हें एससी और एसटी आयोग की रिपोर्ट राज्य सरकार से नहीं मिली। रिपोर्ट मिले तो वे कुछ ही दिनों में ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट तैयार कर देंगे। इस पर कोर्ट ने कहा कि पूर्व में दो बार आदेश दिए जा चुके हैं। उसके बावजूद भी रिपोर्ट क्यों नहीं तैयार की गई। राज्य सरकार को भी आंकड़े पेश करने के निर्देश दिए।

अवमानना की कार्रवाई क्यों ना की जाए

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले 15 अप्रैल तक निकाय और पंचायत चुनाव कराने के आदेश जारी किए थे। बाद में 31 जुलाई तक चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट द्वारा दो बार स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद भी अभी तक चुनाव की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की गई। कोर्ट ने कहा क्यों ना चुनाव आयोग के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए।

हम तैयार हैं - राजेश्वर सिंह

मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कोर्ट में कहा कि आयोग चुनाव करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अगर उन्हें आयोग द्वारा आरक्षण के वर्गीकरण की रिपोर्ट दे दी जाए तो वे दो दिन में चुनाव का पूरा कार्यक्रम तैयार कर देंगे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को आरक्षण के वर्गीकरण और लॉटरी प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है। अगर सरकार यह प्रक्रिया पूरी कर दे तो वे दो दिन के भीतर चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।

जानिए किसने लगाई थी मूल याचिका

निकाय चुनाव नहीं कराए जाने पर जयपुर के पास स्थित चौमू निवासी गिरिराज सिंह देवंदा की ओर से करीब एक साल पहले याचिका लगाई गई थी। देवंदा के एडवोकेट प्रेमचंद देवंदा और अभिषेक देवंदा हाईकोर्ट में इस मामले में पैरवी कर रहे हैं। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने भी इसी से जुड़ी याचिका कोर्ट में लगाई थी। एडवोकेट पुनीत सिंघवी उनकी ओर से पैरवी कर रहे हैं।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

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