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जयपुर में जुटे देशभर के 1600 सीए स्टूडेंट, यहां मिलेगा भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण

जयपुर में जुटे देशभर के 1600 सीए स्टूडेंट, यहां मिलेगा भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण राज्यपाल ने कहा, वर्ष 2047 के विकसित भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट निभाएंगे निर्णायक भूमिका, एआई होगा सहयोगी. Published : June 27, 2026…

ETV Bharat के अनुसार27 जून 2026 को 11:29 am बजे
जयपुर में जुटे देशभर के 1600 सीए स्टूडेंट, यहां मिलेगा भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर में जुटे देशभर के 1600 सीए स्टूडेंट, यहां मिलेगा भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण

राज्यपाल ने कहा, वर्ष 2047 के विकसित भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट निभाएंगे निर्णायक भूमिका, एआई होगा सहयोगी.

Published : June 27, 2026 at 3:40 PM IST

जयपुर: देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) आने वाले विकसित भारत के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्हें केवल टैक्स और ऑडिट तक सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता, कॉरपोरेट गवर्नेंस और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी. ये बात राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में 'द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई)' के 'क्षितिज' कार्यक्रम में कही.

देशभर से लगभग 1600 सीए छात्र शनिवार को जयपुर में जुटे, जहां उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टैक्स मैनेजमेंट, लीडरशिप और इमर्जिंग ऑपर्च्युनिटीज जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस दौरान राज्यपाल ने कहा, सीए प्रोफेशनल्स आयकर और जीएसटी कानूनों की पालना सुनिश्चित कराने के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में एनवायरमेंटल स्टैंडर्ड के ऑडिट के प्रति भी सजग रहें. उद्योग एनवायरमेंटल स्टैंडर्ड का पालन करेंगे तो आर्थिक विकास के साथ जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से भी देश को बचाया जा सकेगा. चार्टर्ड अकाउंटेंट्स कैपिटल बजटिंग, वित्तपोषण, बजट पूर्वानुमान और वित्तीय प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में 'राष्ट्र प्रथम' की भावना से कार्य करें, जिससे देश के राजस्व और आर्थिक विकास को नई गति मिले.

भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ने का आह्वान :आईसीएआई के आदर्श वाक्य 'य एष सुप्तेषु जागर्ति' का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कठोपनिषद का ये संदेश छात्रों के जीवन का मार्गदर्शक बनना चाहिए. जब सभी सो रहे हों, तब भी सजग रहकर राष्ट्रहित में कार्य करना ही सच्चे प्रोफेशनल की पहचान है. उन्होंने सीए छात्रों से भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को अपनाते हुए आधुनिक तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप आगे बढ़ने का आह्वान किया.

सीएसआर का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे :राज्यपाल ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट कंपनियों और उद्योगों को ऐसे सुझाव दें कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) की राशि शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज के उन क्षेत्रों तक पहुंचे, जहां इसकी सर्वाधिक जरूरत है. उन्होंने वंचित वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया. राज्यपाल ने कहा कि किसी सीए की पहचान केवल कम टैक्स दिलाने से नहीं होती, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, गोपनीयता और जोखिम का सही आकलन करने की क्षमता होती है. बैंक भी किसी कंपनी को ऋण देने से पहले उसके ऑडिट पर भरोसा करते हैं.

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बचत की संस्कृति से मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था :उन्होंने जयंती धर्म तेजा, हर्षद मेहता और नीरव मोदी जैसे वित्तीय घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से सीख लेने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं को रोकने में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. सीए पूरी सतर्कता से कार्य करें तो कंपनियों के साथ देश का भी हित सुरक्षित रहेगा. राज्यपाल ने कहा, आज देश में अधिकाधिक लोगों के बैंक खाते हैं. भारतीयों की बचत करने की आदत देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है. इस आर्थिक व्यवस्था को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने में चार्टर्ड अकाउंटेंट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. राज्यपाल ने 'क्षितिज' स्मारिका का विमोचन भी किया.

1600 छात्रों को चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा आईसीएआई :आईसीएआई के सेंट्रल काउंसिल मेंबर सीए सतीश गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2047 तक भारत लगभग 4000 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. आज जो छात्र 20-22 वर्ष की आयु में प्रशिक्षण ले रहे हैं, वे विकसित भारत के दौर में दो दशक के अनुभव के साथ देश की आर्थिक व्यवस्था का नेतृत्व करेंगे. गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कभी चार्टर्ड अकाउंटेंट का विकल्प नहीं बनेगा बल्कि उसका सहयोगी रहेगा. जो प्रोफेशनल एआई, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी और फॉरेंसिक अकाउंटिंग जैसी नई तकनीकों को अपनाएगा, वही भविष्य में प्रतिस्पर्धा में आगे रहेगा.

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एआई आधारित टूल्स बढ़ाएंगे प्रोडक्टिविटी :सीए छात्रा प्रीति सिंह ने कहा, अब नए एआई आधारित टूल्स केवल प्रोडक्टिविटी ही नहीं बढ़ाएंगे, बल्कि निर्णय लेने और विश्लेषण में भी सहायता करेंगे. इससे चार्टर्ड अकाउंटेंट अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकेंगे. छात्र लक्ष्य गोयल ने कहा कि भारत का युवा तेज गति से बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर रहा है. आईसीएआई छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के साथ सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण भी दे रहा है, जिससे वे भविष्य में ऑडिटिंग, कंसल्टेंसी और बिजनेस इनोवेशन के क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे.

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