राजस्थान में कुछ जिलों में बारिश की कमी, 18 जिले कम वर्षा श्रेणी में
राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 16 जुलाई तक प्रदेश में 112.75 मिमी बारिश हुई है, जबकि औसतन 123.13 मिमी बारिश होती है। 18 जिले कम वर्षा श्रेणी में पहुंच गए हैं।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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मानसून डेटा एनालिसिस:प्रदेश में 16 जुलाई तक सामान्य से 8.43 प्रतिशत कम बारिश, 18 जिले सूखे, उदयपुर में 35 प्रतिशत की कमी
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प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब तक उम्मीद से धीमी रही है। जल संसाधन विभाग के 1 जून से 16 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 112.75 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक औसतन 123.13 मिमी बारिश होती है। यानी राज्य में सामान्य से 8.43 प्रतिशत कम
- बीकानेर में 52% ज्यादा बारिश, जैसलमेर में आधी, जोधपुर संभाग सबसे पिछड़ा
जिलावार विश्लेषण बताता है कि प्रदेश के 18 जिले कम वर्षा (डिफिशिएंट) श्रेणी में पहुंच गए हैं। 16 जिलों में सामान्य और केवल 7 जिलों में ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। बारिश के मामले में बीकानेर जिला सबसे आगे है। यहां सामान्य से 52.18 प्रतिशत अधिक यानी 115.18 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। इसके बाद चूरू 46.45% और डीडवाना-कुचामन 45.76% का स्थान है। वहीं सबसे खराब स्थिति जैसलमेर की है। यहां केवल 24.25 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 50.66 प्रतिशत कम है।
वहीं सवाई माधोपुर में 48.95 प्रतिशत और बांसवाड़ा में 46.98 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं उदयपुर में अब तक 121.82 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य 187.56 मिमी की तुलना में 35.05 प्रतिशत कम है। इस तरह देखें तो प्रदेशभर में मानसून का वितरण भी बेहद असमान रहा है। कहीं सामान्य से 50 प्रतिशत अधिक बारिश हुई तो कई जिलों में सामान्य बारिश का आधा पानी भी नहीं गिरा है।
उदयपुर संभाग : यहां 11.39 फीसदी कम
संभागवार आंकड़े भी मानसून की असमान चाल को साफ दिखाते हैं। बीकानेर संभाग में सामान्य से 27.87 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है और यह प्रदेश का एकमात्र एक्सेस संभाग है। अजमेर, जयपुर, उदयपुर और कोटा संभाग अभी नॉर्मल श्रेणी में हैं, हालांकि इन चारों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। इनमें उदयपुर संभाग में 11.39 प्रतिशत और कोटा संभाग में 17.81 प्रतिशत की कमी रही। भरतपुर संभाग में सामान्य से 20.29 प्रतिशत कम तथा जोधपुर संभाग में 33.44 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। यही कारण है कि जोधपुर संभाग प्रदेश का सबसे कमजोर मानसूनी क्षेत्र बनकर उभरा है।
जिले की तस्वीर: बांसवाड़ा सबसे कमजोर
- उदयपुर: अब तक 121.82 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 187.56 मिमी की तुलना में 35.05 प्रतिशत कम है। शहर में मानसून की सुस्ती का असर झीलों और जलस्रोतों पर भी नजर आने लगा है। जिला कम वर्षा श्रेणी में है।
- सलूंबर: यह जिला पूरे संभाग में सबसे बेहतर स्थिति में है। यहां 227.96 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 173.02 मिमी से 31.75 प्रतिशत अधिक है।
- चित्तौड़गढ़ : 233.50 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 22.41 प्रतिशत अधिक है। यह जिला एक्सेस श्रेणी में है।
- प्रतापगढ़ : 254.57 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 4.87 प्रतिशत अधिक होने के कारण नॉर्मल श्रेणी में है।
- राजसमंद : अब 115.23 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 27.45 प्रतिशत कम है। जिला कम वर्षा श्रेणी में है।
- डूंगरपुर : 141.69 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 28.95 प्रतिशत कम रही। जिला कम वर्षा श्रेणी में है।
- बांसवाड़ा: संभाग का सबसे कमजोर जिला बना हुआ है। यहां 122.93 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 46.98 प्रतिशत कम है। जिला कम वर्षा श्रेणी में है।
भास्कर एक्सपर्ट
डॉ. राधेश्याम शर्मा, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर
कमजोर मानसून से दक्षिण राजस्थान में कम बरसात हुई
प्रदेश में कमजोर मानसून होने से दक्षिण राजस्थान में कम बारिश हो रही है। जबकि उत्तर और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में सामान्य या अधिक बारिश हुई है। जुलाई के आखिरी सप्ताह में मानसून का दौर शुरू होगा। अगस्त में कमजोर दौर देखने को मिलेगा। 16 जुलाई को भी राज्य में औसत 0.21 मिमी बारिश ही हुई।
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