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राजस्थान पुलिस ने अश्लील फिल्मों के ग्रुप कराए ब्लॉक: 15 हजार मोबाइल नंबर किए बंद; टेलीग्राम-डिस्कॉर्ड एप पर जोड़ते थे लोगों को - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार28 सितंबर 2026 को 10:05 am बजे
राजस्थान पुलिस ने अश्लील फिल्मों के ग्रुप कराए ब्लॉक:  15 हजार मोबाइल नंबर किए बंद; टेलीग्राम-डिस्कॉर्ड एप पर जोड़ते थे लोगों को - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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राजस्थान पुलिस ने अश्लील फिल्मों के ग्रुप कराए ब्लॉक:15 हजार मोबाइल नंबर किए बंद; टेलीग्राम-डिस्कॉर्ड एप पर जोड़ते थे लोगों को

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राजस्थान साइबर क्राइम विंग और राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) की तकनीकी जांच के बाद विभिन्न सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नेपचेट, वॉट्सऐप और टेलीग्राम से जुड़े करीब 7,800 U

7800 से अधिक यूआरएल और 15,326 मोबाइल नंबर चिन्हित राजस्थान पुलिस की कार्रवाई के तहत इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट और वॉट्सऐप से जुड़े लगभग 7 हजार 800 यूआरएल/प्रोफाइल और 15 हजार 326 मोबाइल नंबर व 100 डिवाइस चिन्हित कर ब्लॉक करवाए गए हैं। तकनीकी विश्लेषण और एनसीएमईसी की रिपोर्ट्स के आधार पर संबंधित मोबाइल नंबर, अकाउंट और डिजिटल ट्रेल की पहचान की गई। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सूचना देकर आपत्तिजनक लिंक और मोबाइल नंबर ब्लॉक करवाए गए।

एनसीएमईसी रिपोर्ट के आधार पर रिपीटेड ऑफेंडर पर कार्रवाई एनसीएमईसी की टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर बार-बार ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं। चूरू, नागौर, अलवर, खैरथल-तिजारा, सीकर, हनुमानगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिलों के संबंधित थानों में ऐसे मामलों में प्रकरण दर्ज हुए हैं। राजस्थान पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर ऐसे ग्रुप और नेटवर्क पर लगातार नजर रख रही है। सीएसईएएम की खरीद-फरोख्त व आदान-प्रदान में सक्रिय व्यक्तियों की पहचान कर संबंधित राज्य की पुलिस को सूचना दी जा रही है, ताकि वहां भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।

पुलिस की सख्त चेतावनी राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट पर गुमनाम पहचान के पीछे छिपकर बाल यौन शोषण सामग्री देखना, डाउनलोड करना, रखना अथवा शेयर करना सुरक्षित नहीं है। पुलिस तकनीकी माध्यमों से ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रख रही है और डिजिटल ट्रेल के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

परिजन रखें नजर राजस्थान पुलिस ने अभिभावकों व परिजनों से बच्चों के मोबाइल और इंटरनेट यूज पर ध्यान देने और उन्हें असुरक्षित ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति जागरूक करने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध लिंक, समूह, चैनल और ऐसी सामग्री की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई है। बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री देखना, डाउनलोड करना, रखना या शेयर करना पॉक्सो अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता के सुसंगत प्रावधानों के तहत गंभीर दंडनीय अपराध है।

एडीजी सिंह ने अपील की है कि संदिग्ध सामग्री या गतिविधि की सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर दी जा सकती है। राजस्थान पुलिस साइबर क्राइम शाखा (आर4सी), पुलिस मुख्यालय, जयपुर के ई-मेल: sp.cybercrime@rajpolice.gov.in भेजी जा सकती है।

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