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उत्तराखंड: खेल कोटे से हुई गलत नियुक्ति पर निगम ने बर्खास्त किया अधिशासी अभियंता

उत्तराखंड पेयजल निगम ने खेल कोटे से हुई नियुक्ति को अवैध घोषित कर अधिशासी अभियंता अशोक कुमार प्रजापति की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

Jagran के अनुसार18 जुलाई 2026 को 12:05 pm बजे
उत्तराखंड: खेल कोटे से हुई गलत नियुक्ति पर निगम ने बर्खास्त किया अधिशासी अभियंता

सौजन्य से:- Jagran

उत्तराखंड: खेल कोटे से हुई गलत नियुक्ति पर अधिशासी अभियंता बर्खास्त, 13 साल से कर रहा था नौकरी

उत्तराखंड पेयजल निगम में खेल कोटे से नियुक्त अधिशासी अभियंता अशोक कुमार प्रजापति की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। ...और पढ़ें

HighLights

- अधिशासी अभियंता अशोक कुमार प्रजापति बर्खास्त

- खेल कोटे से हुई नियुक्ति अवैध घोषित

- प्रमाणपत्र निर्धारित पात्रता के अनुरूप नहीं पाए गए

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम में करीब 13 वर्ष पहले खेल कोटा से हुई नियुक्त अभियंता पर आखिरकार गाज गिर गई।

निगम ने अधिशासी अभियंता अशोक कुमार प्रजापति की नियुक्ति को नियमों के विपरीत मानते हुए उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।

विभागीय जांच में यह निष्कर्ष निकला कि नियुक्ति के समय प्रस्तुत खेल प्रमाणपत्र शासन की निर्धारित पात्रता के अनुरूप नहीं थे और इसी आधार पर पूरी नियुक्ति को अवैध माना गया।

मामला वर्ष 2025 में मिली शिकायतों के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2013-14 में खेल कोटा का अनुचित लाभ लेकर नियुक्ति हासिल की गई।

इसके बाद शासन के निर्देश पर गठित जांच समिति ने रिकार्ड खंगाले और पाया कि जिस यूनिवर्सिटी पावर लिफ्टिंग एवं क्रास कंट्री प्रतियोगिता के प्रमाणपत्र के आधार पर खेल कोटे का लाभ लिया गया, वह शासनादेश में निर्धारित पात्रता की श्रेणी में नहीं आता था।

जांच के दौरान संबंधित अधिकारी को कई बार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।

उन्होंने दस्तावेज और स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत किए, लेकिन समिति ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। जांच में यह भी सामने आया कि यदि खेल कोटे का लाभ न मिलता तो सामान्य मेरिट सूची में उनका चयन संभव नहीं था।

निगम के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि नियुक्ति का आधार ही पात्रता की कसौटी पर खरा नहीं उतरा।

ऐसे में नियुक्ति निरस्त करते हुए अधिशासी अभियंता की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

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