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11 चोर जेल में, अब पूरे सिंडिकेट की तलाश: राजस्थान तक फैले नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस, कई वारदातों का खुलेगा राज - Ambedkarnagar News

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Dainik Bhaskar के अनुसार29 जुलाई 2026 को 07:11 am बजे
11 चोर जेल में, अब पूरे सिंडिकेट की तलाश:  राजस्थान तक फैले नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस, कई वारदातों का खुलेगा राज - Ambedkarnagar News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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11 चोर जेल में, अब पूरे सिंडिकेट की तलाश:राजस्थान तक फैले नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस, कई वारदातों का खुलेगा राज

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अंबेडकरनगर में 26 जुलाई को अकबरपुर पुलिस के हत्थे चढ़े अंतरराज्यीय चोर गिरोह के 11 सदस्यों को जेल भेज दिया गया है। हालांकि पुलिस इस कार्रवाई को जांच का अंत नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित चोरी सिंडिकेट तक पहुंचने की शुरुआत मान रही है।

पूछताछ में मिले सुरागों से उत्तर प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों से लेकर राजस्थान तक फैले नेटवर्क के संकेत मिले हैं। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई चर्चित चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।

परिवार बनकर करते थे रेकी, रात में देते थे वारदात

जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य परिवार का रूप धारण कर शहरों और कस्बों में पहुंचते थे। दिनभर कॉलोनियों और बंद मकानों की रेकी करने के बाद रात में चोरी की वारदात को अंजाम देते और तुरंत जिले की सीमा पार कर जाते थे। चोरी के बाद माल नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों तक पहुंचा दिया जाता था, जिससे पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचना और सामान बरामद करना मुश्किल हो जाता था।

चोरी के माल को खपाने का था मजबूत नेटवर्क

सूत्रों के अनुसार, गिरोह केवल चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि चोरी के जेवरात और अन्य सामान को खपाने का भी मजबूत तंत्र बना रखा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी का माल किन सर्राफों या बिचौलियों तक पहुंचता था और इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है। इसके लिए मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, यात्रा के रूट और आपसी संपर्कों की गहन जांच की जा रही है।

पुराने मामलों से कराया जा रहा बरामद जेवरों का मिलान

पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बताया कि बरामद जेवरात का विभिन्न थानों में दर्ज चोरी के मुकदमों से मिलान कराया जा रहा है। साथ ही दूसरे जिलों की पुलिस से संपर्क कर पुराने मामलों की फाइलें भी खंगाली जा रही हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह का आपराधिक इतिहास अब तक सामने आए मामलों से कहीं बड़ा हो सकता है।

फरार साथियों और रिसीवर तक पहुंचने के लिए टीमें सक्रिय

गिरोह के फरार सदस्यों, चोरी का माल खरीदने वाले रिसीवर और पूरे नेटवर्क के सरगना तक पहुंचने के लिए कई पुलिस टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस अंतरराज्यीय चोरी गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

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