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‘रेल नीर’; कोटा प्लांट में तकनीकी खराबी, जयपुर सहित 10 स्टेशनों पर सप्लाई ठप - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार28 सितंबर 2026 को 01:05 am बजे
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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‘रेल नीर’; कोटा प्लांट में तकनीकी खराबी, जयपुर सहित 10 स्टेशनों पर सप्लाई ठप

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जयपुर रेलवे स्टेशन पर रोज हजारों यात्री उतरते-चढ़ते हैं और अकेले जयपुर में 700 कार्टन यानी 8400 बोतल रेल नीर रोजाना बिकती हैं। इसके बावजूद स्टेशन पर पिछले दो दिन से रेल नीर उपलब्ध नहीं है। अब आईआरसीटीसी वेस्ट जोन के संयुक्त महाप्रबंधक एम. दिनकर ने आदेश जारी कर 15 दिन तक जयपुर सहित 10 स्टेशनों की सप्लाई फिर रोक दी है। आईआरसीटीसी ने इसका कारण कोटा रेल नीर प्लांट की तकनीकी समस्या और त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग बताया है।

रेल नीर की सप्लाई 12 अक्टूबर तक या न्यूनतम स्टॉक बहाल होने तक प्रभावित रहेगी, लेकिन यहीं से सवाल खड़े होते हैं। आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक कोटा प्लांट में रोज करीब 12 हजार पानी की बोतल तैयार होती हैं। दूसरी तरफ जयपुर की मांग 8400 बोतल है। वहीं गांधीनगर और दुर्गापुरा में 50-50 कार्टन यानी कुल 1200 बोतल और अकेले जयपुर शहर के इन तीन स्टेशनों पर रोज 9600 बोतल की डिमांड है। इस बार सप्लाई कटौती में जयपुर, रींगस, दौसा, अलवर, रेवाड़ी, बांदीकुई, मारवाड़ जंक्शन, आबू रोड, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर शामिल हैं। आईआरसीटीसी ने अप्रैल, मई और जून यानी भीषण गर्मी में भी कोटा प्लांट से कई स्टेशनों की रेल नीर सप्लाई घटाई थी। यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे से अप्रूव्ड दूसरे पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर (पीडीडब्ल्यू) ब्रांड बेचने की अनुमति दी गई थी।

समस्या क्या... क्षमता या मैनेजमेंट

अगर कोटा प्लांट की वास्तविक उपलब्ध क्षमता लगभग 12 हजार बोतल प्रतिदिन है, तो जयपुर की मांग ही उसका करीब 70% खा जाती है। तीन जयपुर स्टेशन मिलाकर जरूरत करीब 80% बैठती है। ऐसे में 28 स्टेशनों की निर्भरता एक ही प्लांट पर रखना खुद सप्लाई सिस्टम की कमजोरी दिखाता है। ऐसे में आईआरसीटीसी द्वारा या तो कोटा प्लांट की क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए, या जयपुर सहित बड़े स्टेशनों के लिए दिल्ली के नांगलोई जैसे दूसरे रेल नीर प्लांट से सप्लाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

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