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लिव-इन में रहना है तो करवाना होगा रजिस्ट्रेशन, राजस्थान में लागू होने वाला है UCC; जानिए क्या-क्या बदल जाएगा

राजस्थान सरकार जल्द 'समान नागरिक संहिता (UCC) 2026' विधेयक लाने जा रही है। इसके तहत प्रदेश में लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। बहुविवाह पर रोक लगेगी, जबकि शादी-तलाक का पंजीकरण और संपत्ति में बेटा-बेटी को स…

Navbharat Times के अनुसार24 जून 2026 को 05:49 am बजे
लिव-इन में रहना है तो करवाना होगा रजिस्ट्रेशन, राजस्थान में लागू होने वाला है UCC; जानिए क्या-क्या बदल जाएगा

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान सरकार जल्द 'समान नागरिक संहिता (UCC) 2026' विधेयक लाने जा रही है। इसके तहत प्रदेश में लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। बहुविवाह पर रोक लगेगी, जबकि शादी-तलाक का पंजीकरण और संपत्ति में बेटा-बेटी को समान अधिकार मिलेगा।

जयपुर: राजस्थान में अब जल्द ही व्यक्तिगत कानूनों की व्यवस्था हमेशा के लिए बदलने वाली है। राज्य की भजनलाल सरकार प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मंत्रिपरिषद की ओर से लिए गए फैसले के बाद अब 'राजस्थान समान नागरिक संहिता 2026' विधेयक को विधानसभा में लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

इस नए कानून के लागू होते ही प्रदेश में सालों से चले आ रहे हिंदू कोड और मुस्लिम पर्सनल लॉ जैसे धार्मिक कानून खत्म हो जाएंगे। शादी, तलाक से लेकर संपत्ति के अधिकार तक, हर धर्म के नागरिक के लिए सिर्फ एक ही कानून होगा।

लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य

प्रस्तावित यूसीसी कानून में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव युवाओं की लाइफस्टाइल को लेकर होने जा रहा है। नए नियमों के मुताबिक, राजस्थान में अब कोई भी जोड़ा बिना रजिस्ट्रेशन के लिव-इन रिलेशनशिप में नहीं रह सकेगा। अगर कोई लिव-इन में रहना चाहता है, तो उसे सरकारी रिकॉर्ड में इसका पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह कदम सुरक्षा और सामाजिक पारदर्शिता को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है।

एक से ज्यादा शादी पर रोक: किसी भी धर्म या समुदाय का व्यक्ति अब एक से ज्यादा विवाह नहीं कर सकेगा।

शादी-तलाक का अनिवार्य पंजीकरण: हर शादी और तलाक का सरकारी तौर पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

संपत्ति में समान अधिकार: पैतृक संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में बेटे और बेटी को बिल्कुल एक समान अधिकार मिलेगा।

गोद और भरण-पोषण: बच्चा गोद लेने और तलाक के बाद गुजारा भत्ता देने के नियम भी सभी मजहबों के लिए एक जैसे होंगे।

जनजातियों को दायरे से बाहर रखा, रिटायर जज देसाई संभालेंगी कमान

राजस्थान की एक बड़ी आबादी जनजातीय क्षेत्रों में रहती है, जिनकी अपनी अनूठी परंपराएं हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आदिवासियों की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए जनजातियों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।

इस कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति में सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह, अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा, सेवानिवृत्त प्राचार्य रामस्वरूप अग्रवाल और डॉ. शुचि चौहान को सदस्य बनाया गया है, जबकि गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे।

संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना और राजस्थान

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 राज्य को देश के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश देता है। राजस्थान सरकार इसी संवैधानिक भावना के तहत यह कदम उठा रही है। आपको बता दें कि देश में उत्तराखंड और गुजरात पहले ही इसे लागू कर चुके हैं, जबकि असम में राष्ट्रपति की मुहर लगना बाकी है। अब राजस्थान भी इस कतार में शामिल होकर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

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विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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