स्वाइन फ्लू की चपेट में आए राजस्थान में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, SMS अस्पताल के मेडिकल ICU में भर्ती
स्वाइन फ्लू की चपेट में आए राजस्थान में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, SMS अस्पताल के मेडिकल ICU में भर्ती बताया जा रहा है कि तबीयत खराब होने के बाद किरोड़ी लाल मीणा का स्वाइन फ्लू टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने…

सौजन्य से:- Hindustan
स्वाइन फ्लू की चपेट में आए राजस्थान में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, SMS अस्पताल के मेडिकल ICU में भर्ती
बताया जा रहा है कि तबीयत खराब होने के बाद किरोड़ी लाल मीणा का स्वाइन फ्लू टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें उपचार के लिए SMS अस्पताल लाया गया। अस्पताल में उन्हें मेडिकल ICU में भर्ती किया गया है।
जयपुर में मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप के बीच कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए हैं। स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) लाया गया।
जानकारी के मुताबिक, किरोड़ी लाल मीणा को SMS अस्पताल के मेडिकल ICU में बेड नंबर 2 पर भर्ती कराया गया है। एहतियात के तौर पर ICU में बेड नंबर 2 वाले ब्लॉक को आइसोलेट कर दिया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल लाए गए
बताया जा रहा है कि तबीयत खराब होने के बाद किरोड़ी लाल मीणा का स्वाइन फ्लू टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें उपचार के लिए SMS अस्पताल लाया गया। अस्पताल में उन्हें मेडिकल ICU में भर्ती किया गया है।
मौसमी बीमारियों के बीच प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है। अस्पताल प्रशासन की ओर से संक्रमण को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।
ICU ब्लॉक को किया गया आइसोलेट
किरोड़ी लाल मीणा को मेडिकल ICU के बेड नंबर 2 पर भर्ती किए जाने के बाद संबंधित ब्लॉक को आइसोलेट किया गया है। मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
SMS अस्पताल के मेडिसिन विभाग में डॉ. आर.के. भीनमाल की यूनिट के मेडिकल आईसीयू में उनका उपचार चल रहा है।
डॉक्टरों ने लोगों से मिलने से किया मना
स्वाइन फ्लू संक्रमण को देखते हुए डॉक्टरों ने फिलहाल डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को दूसरे लोगों और परिचितों से मुलाकात नहीं करने की सलाह दी है। अस्पताल में भी संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं। डॉक्टर लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि कृषि मंत्री का इलाज स्वाइन फ्लू के प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है। उनकी जरूरी जांचें कराई जा रही हैं। मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. महेन्द्र अग्रवाल की निगरानी में डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखरेख कर रही है।
राजस्थान में आठ गुना बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले
किरोड़ी लाल मीणा के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने के बीच राजस्थान में संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 129 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, पिछले साल इसी अवधि में केवल 16 मामले दर्ज हुए थे। इस तरह एक साल में मामलों में करीब आठ गुना बढ़ोतरी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ते मामलों को देखते हुए निगरानी और सर्विलांस बढ़ा दिया है। खास तौर पर पड़ोसी राज्यों में संक्रमण की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
पड़ोसी राज्यों में संक्रमण बढ़ने के बाद अलर्ट
दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित आसपास के राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बाद राजस्थान में भी स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाई है। अस्पतालों को संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को अलग रखने के लिए आइसोलेशन बेड और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने को कहा गया है।
नया वायरस नहीं, H1N1 का मौसमी असर
विशेषज्ञों के मुताबिक राजस्थान में सामने आ रहे स्वाइन फ्लू के मामले किसी नए वायरस या नए स्ट्रेन की वजह से नहीं हैं। मौजूदा संक्रमण पुराने H1N1 वायरस के मौसमी पैटर्न का हिस्सा है। मौसम में बदलाव और संक्रमण के प्रसार को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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