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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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राजस्थान में पार्षद ही चुनेंगे मेयर,सभापति-पालिकाध्यक्ष:राज्यमंत्री खर्रा बोले- विकास के लिए पार्षदों और चेयरमैन की एक विचारधारा जरूरी
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UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा है कि हमने एक बार निकाय चेयरमैन का सीधा चुनाव करवाया था, उसमें चेयरपर्सन और पार्षदों के बोर्ड अलग-अलग विचारधारा के बन गए। ऐसे में फिर 5 साल तक उन बोर्डों में खींचतान ही चलती रही। इससे विकास कार्यों में बाधा उत्प
इसलिए जिस प्रक्रिया से चुनाव होते रहे हैं, उसी प्रक्रिया की तरह पार्षदों में से नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में क्रमश: मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्षों का चुनाव होगा। राज्यमंत्री खर्रा आज सीकर में भाजपा की संगठनात्मक बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।
भाजपा कार्यकर्ता 365 दिन काम करते
संगठनात्मक बैठक से पहले निकाय-पंचायती राज चुनावों की तैयारी के सवाल पर UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- भाजपा का कार्यकर्ता वैसे तो 24 घंटे और 365 दिन क्षेत्र की जनता के बीच रहता है। जब चुनाव आते हैं तो चुनाव संचालन समिति और अन्य कार्यक्रम तैयार होते हैं।
UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- राजस्थान सरकार ने CM भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बिजली, पानी, सड़क, कानून व्यवस्था और पेपर लीक के मामले में ऐतिहासिक काम किए हैं। युवा, महिला, किसान और मजदूर समेत प्रदेश के हर तबके के लिए पिछले 31 महीने में जनकल्याणकारी काम और विकास कार्य हुए हैं।
UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने निकाय और पंचायती राज चुनावों में देरी के सवाल पर कहा कि 2021-22 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण तय करने के आदेश दिए थे, उस समय प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कुछ किया नहीं। फिर जब 2024 में भाजपा की सरकार आई तो पॉलिटिकल रिजर्वेशन के लिए ओबीसी आयोग बनाया। ओबीसी आयोग को प्रशासन के सहयोग से OBC की आबादी के आंकड़े जुटाने थे।
7 अगस्त को मंत्रीमंडल की मीटिंग
झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि ओबीसी आयोग की प्रक्रिया शुरू होते ही पहले S.I.R. का काम शुरू हो गया। S.I.R. में जो आंकड़े आए, उनमें सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल टेस्ट जांच में काफी अंतर आया। ओबीसी आयोग ने दोबारा प्रशासन के साथ काम शुरू किया तो जनगणना शुरू हो गई। मैनपावर में फिर कमी रह गई। अब एक दिन पहले 5 अगस्त को ओबीसी आयोग ने रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंप दी है। अब कल(7 अगस्त) को मंत्रीमंडल की मीटिंग है, जिसमें पूरे सोच-विचार के बाद ओबीसी आयोग की रिपोर्ट पर आगे का काम शुरू हो जाएगा।
संगठनात्मक बैठक में एक ही मंत्र- कमल के फूल को प्रत्याशी मानें
सीकर में जयपुर-बीकानेर बाईपास पर आज भाजपा के पदाधिकारियों की संगठनात्मक बैठक हुई। बैठक में प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी और निकाय-चुनाव के संभाग प्रभारी शंकर सिंह राजपुरोहित पहुंचे। महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा कि भाजपा एक परिवार है और इसका हर सदस्य कार्यकर्ता ही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रधानमंत्री से लेकर पन्ना प्रमुख तक सभी कार्यकर्ता हैं। आगामी पंचायतीराज व निकाय चुनावों में भाजपा की जीत कार्यकर्त्ताओं की एकजुटता से ही संभव है।
बैठक में सीकर जिले के सभी विधायक, विधानसभा प्रत्याशी, पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष और प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे। संभाग प्रभारी राजपुरोहित ने कहा- भाजपा का टिकट भाजपा के कार्यकर्ता को ही दिया जाएगा। संचालन जिला महामंत्री राजेश रोलन ने किया। प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी और संभाग प्रभारी शंकर सिंह राजपुरोहित ने पदाधिकारियों से फीडबैक भी लिया।
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