Rajya Sabha Chunav: वोटिंग से पहले ही राज्यसभा में खत्म हुआ सस्पेंस! संसद में नहीं बदलेगा राजस्थान का समीकरण
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही सस्पेंस खत्म हो गया। इस परिणाम के बाद भी उच्च सदन में दोनों पार्टियों के पास 5-5 सीटें रहेंगी, जिससे राजस्थान का पुराना समीकरण बिल्कुल नहीं बदलेगा…

सौजन्य से:- Navbharat Times
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही सस्पेंस खत्म हो गया। इस परिणाम के बाद भी उच्च सदन में दोनों पार्टियों के पास 5-5 सीटें रहेंगी, जिससे राजस्थान का पुराना समीकरण बिल्कुल नहीं बदलेगा।
जयपुर: राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव ने एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस चुनाव के लिए 18 जून को वोटिंग होनी थी, उसका फैसला मतदान से पहले ही तय हो गया है। सोमवार को नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही यह साफ हो गया कि राजस्थान से इस बार कोई चुनावी 'दंगल' नहीं होगा, बल्कि तीनों उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाएंगे।
राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक निर्वाचन के लिए प्रत्याशियों की ओर से भरे गये सभी नामांकन पत्रों की मंगलवार को विधान सभा में जांच की गयी, जिसमें सभी नामांकन पत्र सही पाये गये। अब राज्यसभा निवार्चन के लिए नाम वापसी की अंतिम तिथि 11 जून है। आइए जानते हैं इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
बीजेपी का संगठन के मजबूत चेहरों पर दांव, कांग्रेस ने किया रिपीट
इस राज्यसभा चुनाव में संख्या बल के हिसाब से दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में जानी तय थी। बीजेपी ने इस मौके का इस्तेमाल अपने संगठन के मजबूत चेहरों को इनाम देने और सामाजिक समीकरण साधने के लिए किया।
सतीश पूनिया और अलका गुर्जर की एंट्री: बीजेपी ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर नेता सतीश पूनिया के साथ-साथ पार्टी की कद्दावर महिला नेता अलका सिंह गुर्जर को मैदान में उतारा। सोमवार को दोनों नेताओं ने अपना नामांकन दाखिल किया। पूनिया के अनुभव और अलका गुर्जर के रूप में बड़े सामाजिक प्रतिनिधित्व को साधकर बीजेपी ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं।
कांग्रेस का 'नीरज' कार्ड: दूसरी तरफ, कांग्रेस ने किसी नए चेहरे पर दांव खेलने के बजाय अपने मौजूदा राज्यसभा सांसद नीरज डांगी पर ही दोबारा भरोसा जताया है। डांगी ने 5 जून को ही अपना नामांकन दाखिल कर दिया था।
18 जून को वोटिंग की जरूरत ही नहीं, 11 जून को सजेगा सेहरा
चूंकि खाली सीटों के बराबर ही नामांकन आए हैं, इसलिए अब 18 जून को होने वाले मतदान की जरूरत पूरी तरह खत्म हो गई है। अब केवल नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होनी है। इसके बाद, नाम वापसी की समयसीमा खत्म होते ही 11 जून को तीनों उम्मीदवारों को आधिकारिक रूप से निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा।यह द्विवार्षिक चुनाव केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, बीजेपी सांसद राजेंद्र सिंह गहलोत और खुद कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने के कारण हो रहे हैं।
संसद में नहीं बदलेगा राजस्थान का समीकरण, 5-5 पर 'टाई'
इस दिलचस्प चुनाव के बाद भी दिल्ली के उच्च सदन (राज्यसभा) में राजस्थान का गणित जस का तस रहने वाला है। राजस्थान की कुल 10 राज्यसभा सीटों में से बीजेपी और कांग्रेस के पास 5-5 सीटें बनी रहेंगी। अब बीजेपी की तरफ से सदन में सतीश पूनिया, अलका गुर्जर, घनश्याम तिवाड़ी, चुन्नीलाल गरासिया और मदन राठौड़ राजस्थान की आवाज बनेंगे। वहीं कांग्रेस का प्रतिनिधित्व सोनिया गांधी, रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक, प्रमोद कुमार और दोबारा चुने गए नीरज डांगी करेंगे। अब राजस्थान में राज्यसभा का अगला मुकाबला साल 2028 के मध्य में होगा, जब तीन और सीटें खाली होंगी।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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