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Rajasthan Monsoon: ये मानसून नहीं 'प्री मानसून' है, जयपुर में शुरू हुई झमाझम बारिश, 6 साल बाद जुलाई में एंट्री क्यों?

मौसम विभाग ने इसके साथ ही राज्य के लिए 'तात्कालिक मौसम चेतावनी' जारी की है। विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नक्शे और अलर्ट के अनुसार, अगले कुछ घंटों में प्रदेश का मौसम बेहद खराब हो सकता है। जयपुर समेत कई जिलों में 'ऑरे…

Navbharat Times के अनुसार25 जून 2026 को 11:24 am बजे
Rajasthan Monsoon: ये मानसून नहीं 'प्री मानसून' है, जयपुर में शुरू हुई झमाझम बारिश, 6 साल बाद जुलाई में एंट्री क्यों?

सौजन्य से:- Navbharat Times

मौसम विभाग ने इसके साथ ही राज्य के लिए 'तात्कालिक मौसम चेतावनी' जारी की है। विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नक्शे और अलर्ट के अनुसार, अगले कुछ घंटों में प्रदेश का मौसम बेहद खराब हो सकता है।

जयपुर समेत कई जिलों में 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट

मौसम केंद्र जयपुर की ओर से जारी किए गए ताजा बुलेटिन के मुताबिक, राज्य को दो अलग-अलग कड़े अलर्ट जोन में बांटा गया है।- ऑरेंज अलर्ट: जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर और डीग जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन के साथ 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं/धूलभरी आंधी, ओलावृष्टि और हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है।

- येलो अलर्ट: झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनू, कोटपूतली बहरोड़, खैरथल-तिजारा, भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर, ब्यावार तथा डीडवाना-कुचामन जिलों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

6 साल बाद जुलाई में क्यों होगी मानसून की एंट्री? समझिए गणित

सामान्य तौर पर राजस्थान में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक तारीख 25 जून मानी जाती है। लेकिन इस बार 6 साल बाद ऐसा मौका आ रहा है जब मानसून जून के बजाय जुलाई के पहले सप्ताह में दस्तक देगा। पिछले 13 सालों में यह तीसरा मौका है जब मानसून एक सप्ताह से ज्यादा की देरी से चल रहा है।मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, इस बार केरल में भी मानसून देरी से पहुंचा था और इसके आगे बढ़ने की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है। वर्तमान में यह पूर्वी और मध्य भारत में सक्रिय है और अनुकूल परिस्थितियां बनने के कारण अब यह जुलाई के पहले सप्ताह में राजस्थान में दाखिल हो जाएगा।

देर से आने का मतलब कम बारिश नहीं, रिकॉर्ड है गवाह

मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि मानसून के लेट होने का मतलब सूखा पड़ना बिल्कुल नहीं है, बल्कि गणित इसके उलट है। जब-जब मानसून देर से आया, राजस्थान में रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई।- साल 2019: मानसून 2 जुलाई को आया, लेकिन पूरे सीजन में रिकॉर्ड 747.24 मिमी बारिश हुई।

- साल 2014: मानसून जुलाई में आया और 518.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई।

- इसी तरह 2016, 2017, 2018 और 2022 में भी देरी के बावजूद औसत (424.71 मिमी) से काफी अधिक बारिश हुई।

- पिछले सालों की बात करें तो वर्ष 2024 में जयपुर में रिकॉर्डतोड़ 1032.33 मिमी और 2025 में पूरे राज्य में 680.13 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

बीते 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश?

राजस्थान में प्री-मानसून की सक्रियता का अंदाजा पिछले 24 घंटों के आंकड़ों से लगाया जा सकता है।इसके अलावा आज सुबह से ही नागौर, डीडवाना-कुचामन और जोधपुर के कई हिस्सों में बादल जमकर बरस रहे हैं, जिसने मानसून के आने से पहले ही प्रदेश को सराबोर करना शुरू कर दिया है।

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