Rajasthan Monsoon: राजस्थान में बढ़ गया मानसून का इंतजार, अब इस तारीख को होगी एंट्री, वजह जानें
Rajasthan Monsoon Update::अंतरिक्ष से आई सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक, हवाओं के पश्चिमी जेट स्ट्रीम के कारण मानसून की रफ्तार थम गई है। देशभर में 4 से 15 जून के बीच 64% कम बारिश हुई है। अरब सागर की शाखा कमजोर होने से जो म…

सौजन्य से:- Navbharat Times
Rajasthan Monsoon Update::अंतरिक्ष से आई सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक, हवाओं के पश्चिमी जेट स्ट्रीम के कारण मानसून की रफ्तार थम गई है। देशभर में 4 से 15 जून के बीच 64% कम बारिश हुई है। अरब सागर की शाखा कमजोर होने से जो मानसून राजस्थान में 25 जून तक आना था, वह अब एक हफ्ता देरी से 30 जून तक एंट्री करेगा।
जयपुर: मरुधरा के लोगों के लिए इस बार मानसून का इंतजार थोड़ा और लंबा और पसीने से तरबतर होने वाला है। अगर आप उम्मीद लगाए बैठे थे कि जून के तीसरे हफ्ते के बीतते ही राजस्थान में बदरा झूमकर बरसेंगे, तो मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों और अंतरिक्ष से आई सैटेलाइट तस्वीरों ने एक बड़ा और मायूस करने वाला खुलासा किया है। राजस्थान में जो मानसून अमूमन 25 जून तक अपनी धुआंधार दस्तक दे देता था, वह अब करीब एक हफ्ता की देरी से यानी 30 जून के आसपास ही एंट्री मार पाएगा।
देशभर में 64% कम बारिश
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 4 से 15 जून के बीच देश में उम्मीद से बेहद कम पानी बरसा है। इस अवधि में जहां सामान्यतः 53.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं केवल 19.2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। यानी देशभर में मानसून की बारिश में 64% की भारी गिरावट आई है। मौसम विभाग के नक्शे पर मध्य, दक्षिणी और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से 'पीले और लाल' रंग में बदल चुके हैं, जो अत्यधिक कम वर्षा और सूखे का खतरनाक संकेत हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों ने खोला राज, कहां गायब हो गए मानसूनी बादल?
इनसैट-3डीएस उपग्रह द्वारा ली गई ताजा तस्वीरों ने वैज्ञानिकों को भी चिंता में डाल दिया है। सक्रिय मानसून के दौरान भारत के नक्शे पर दिखने वाली बादलों की घनी सफेद पट्टी इस बार पूरी तरह नदारद है। राजस्थान को सराबोर करने वाली मानसून की 'अरब सागर शाखा' इस समय बेहद कमजोर और बिखरी हुई नजर आ रही है। नमी भरपूर होने के बावजूद आसमान बिल्कुल साफ और सूखा नजर आ रहा है।
क्या है मानसून के अटकने की असली वजह?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस सुस्ती का मुख्य विलेन वायुमंडल में तेज गति से चलने वाली हवाओं की धारा 'पश्चिमी जेट स्ट्रीम' है। इस साल यह अपनी सामान्य स्थिति से काफी नीचे यानी दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मानसून को सक्रिय रखने वाली 'पूर्वी हवाएं' कमजोर पड़ गई हैं। आसान शब्दों में कहें तो, मजबूत पश्चिमी हवाएं बादलों को बनने और बरसने से रोक रही हैं।
क्या अब जून के आखिर में ही मिलेगी तपती गर्मी से राहत?
राजस्थान के किसानों और आम जनता के लिए अच्छी खबर यह है कि मानसून पूरी तरह रूठा नहीं है, बल्कि सिर्फ कुछ समय के लिए होल्ड पर चला गया है। वेदर मॉडल्स के संकेत के मुताबिक, इस हफ्ते के अंत तक जेट स्ट्रीम का यह अजीबोगरीब पैटर्न कमजोर पड़ जाएगा। इसके बाद मानसूनी परिसंचरण दोबारा से एक्टिव होगा। अगले 4-5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ होते हुए मानसूनी हवाएं फिर से रफ्तार पकड़ेंगी और जून के आखिरी दिनों में (30 जून तक) राजस्थान में प्रवेश कर प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत देंगी।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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