PM Kisan Yojana की 23वीं किस्त के बाद एक और खुशखबरी, सरकार देने जा रही 22500 रुपये; किसे मिलेगा फायदा? - rajasthans krishi anudan yojana 22500hectare for farmers
PM Kisan Yojana की 23वीं किस्त के बाद एक और खुशखबरी, सरकार देने जा रही 22500 रुपये; किसे मिलेगा फायदा? राजस्थान सरकार ने 'कृषि आदान अनुदान सहायता योजना' शुरू की है, जिसके तहत प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को…

सौजन्य से:- Jagran
PM Kisan Yojana की 23वीं किस्त के बाद एक और खुशखबरी, सरकार देने जा रही 22500 रुपये; किसे मिलेगा फायदा?
राजस्थान सरकार ने 'कृषि आदान अनुदान सहायता योजना' शुरू की है, जिसके तहत प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक मदद मिलेगी। इस योजना में ...और पढ़ें
HighLights
- प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान पर किसानों को सहायता।
- 'कृषि आदान अनुदान सहायता योजना' राजस्थान सरकार द्वारा शुरू।
- प्रति हेक्टेयर ₹22500 तक का मुआवजा मिलेगा।
नई दिल्ली। मौसम के बिगड़ने से या फिर किसी प्राकृतिक आपदा आने की वजह से देश के किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है, और जब बात मुआवजे की आती है तो किसानों को ऑफिसों के कई चक्कर काटने पड़ते हैं।
लेकिन किसानों की इस समस्या का समाधान निकालने के लिए सरकार एक नई योजना लाई है जिसका नाम है कृषि आदान अनुदान सहायता योजना, जो किसानों को फिर से खेती शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाएगी। इस योजना का मकसद है कि जिन किसानों का सूखा, ओलावष्टि या फिर किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से नुकसान हुआ है, उन्हें फिर सी फसल लगाने में मदद मिल सके।
आइए जानते हैं कि किस राज्य में किसानों को मुआवजा मिलेगा और इसे कैसे ले सकते हैं।
किन किसानों को मिलेगा फायदा?
इस योजना का फायदा उन किसानों को मिल सकता है, जिनकी खड़ी फसल किसी भी प्राकृतिक आपदा की वजह से 33% या उससे ज्यादा बर्बाद हो गई हो। सरकार का मकसद है कि इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिले जिनका असल में नुकसान हुआ है।
कितना मिल सकता है मुआवजा?
सरकार की तरफ से SDRF के नियमों के हिसाब से ही मुआवजा तय किया जाएगा। इसलिए अलग-अलग किसानों के लिए मुआवजे की रकम भी अलग हो सकती है। बारिश की वजह से खराब हुई फसलों के लिए ₹8500 प्रति हेक्टेयर, सिंचित फसलों के लिए ₹17000 प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों के लिए मुआवजे की रकम ₹22500 प्रति हेक्टेर है।
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किसानों को कहां करना होगा अप्लाई?
इस योजना की सबसे अच्छा बात ये है कि किसानों को कहीं भी अलग से रजिस्टर या फिर अप्लाई करने की जरूरत नहीं है। प्रभावित किसानों की अपने आप संबंधित पटवारी या फिर DMIA पोर्टल पर डाल दी जाएगी।
खरीफ फसलों का डेटा मार्च 31 तक और रबी फसलों का डेटा 30 सितंबर तक अपलोड कर दिया जाएगा। वहीं अलग इस प्रोसेस में कोई किसान रह जाता है तो वो राज गिरदावरी ऐप के जरिए भी अपने नुकसान की सूचना दे सकता है।
किस राज्य ने किया ये ऐलान?
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने इस योजना का ऐलान किया है। क्योंकि राजस्थान में किसान हमेशा मॉनसून के भरोसे रहते हैं, ऐसे में खराब मौसम उनकी फसल को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।
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