करोड़ों की ड्रग्स जब्ती पर उठे सवाल: राजस्थान कोर्ट के आदेश पर MP के दो TI समेत 90 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR - mp police face fir over alleged fake md drug bust
करोड़ों की ड्रग्स जब्ती पर उठे सवाल: राजस्थान कोर्ट के आदेश पर MP के दो TI समेत 90 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR राजस्थान की चौमहला कोर्ट ने जनवरी 2026 में आगर मालवा पुलिस द्वारा करोड़ों की एमडी ड्रग्स बरामदगी की कार्रवाई क…

सौजन्य से:- Jagran
करोड़ों की ड्रग्स जब्ती पर उठे सवाल: राजस्थान कोर्ट के आदेश पर MP के दो TI समेत 90 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR
राजस्थान की चौमहला कोर्ट ने जनवरी 2026 में आगर मालवा पुलिस द्वारा करोड़ों की एमडी ड्रग्स बरामदगी की कार्रवाई को संदिग्ध मानते हुए MP के दो TI समेत 90 ...और पढ़ें
HighLights
- राजस्थान कोर्ट ने MP पुलिस की ड्रग्स कार्रवाई को संदिग्ध माना।
- दो TI सहित 90 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का आदेश।
- जनवरी 2026 की करोड़ों की एमडी ड्रग्स बरामदगी पर सवाल।
डिजिटल डेस्क, आगर मालवा। जनवरी 2026 में करोड़ों रुपये की एमडी ड्रग्स, केमिकल और मशीनरी बरामद करने का दावा करने वाली पुलिस कार्रवाई अब कानूनी विवादों में घिर गई है। राजस्थान के झालावाड़ जिले की चौमहला कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कार्रवाई को प्रथमदृष्टया संदिग्ध मानते हुए MP के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 90 पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ प्रकरण
न्यायालय के निर्देश पर राजस्थान के डग थाने में आगर मालवा कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूपसिंह राजपूत, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट, पुलिसकर्मी राहुल विश्वकर्मा और शुभम के अलावा अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
मामले में आरोपित पक्ष ने अदालत में परिवाद प्रस्तुत कर दावा किया था कि कथित ड्रग्स बरामदगी की पूरी कार्रवाई नियमों और एनडीपीएस एक्ट की निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत की गई। साथ ही कार्रवाई को फर्जी बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।
पांच माह पहले की थी कार्रवाई
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में आगर मालवा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स, रासायनिक पदार्थ और मशीनरी जब्त करने का दावा किया था। उस समय इसे नशे के खिलाफ बड़ी सफलता बताया गया था और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह ने संबंधित टीम की सराहना भी की थी।
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कोर्ट का सख्त रुख, उठे गंभीर सवाल
अब उसी मामले में कोर्ट के सख्त रुख ने पुलिस की कार्यप्रणाली, जांच प्रक्रिया और कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फरियादी पक्ष के अधिवक्ता असगर अली का कहना है कि अदालत के आदेश से स्पष्ट होता है कि मामले में निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के पालन को लेकर गंभीर कमियां सामने आई हैं।
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वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय ने कहा है कि न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।
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