MP परिवहन विभाग के अफसरों का कारनामा जयपुर RTO ने पकड़ा, बस की बॉडी बनने से पहले ही कर डाला रजिस्ट्रेशन
मध्य प्रदेश और जयपुर परिवहन विभाग में मिलीभगत का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि जिन बसों की बॉडी अभी तक बनी ही नहीं, उनका नीमच अधिकारियों ने 15 दिन पहले ही बस के रूप में रजिस्ट्रेशन कर दिया। जयपु…

सौजन्य से:- Navbharat Times
मध्य प्रदेश और जयपुर परिवहन विभाग में मिलीभगत का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि जिन बसों की बॉडी अभी तक बनी ही नहीं, उनका नीमच अधिकारियों ने 15 दिन पहले ही बस के रूप में रजिस्ट्रेशन कर दिया।
जयपुर: मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के अफसरों की एक बड़ी करतूत सामने आई है जिसका खुलासा जयपुर आरटीओ की टीम ने किया है। जयपुर के आमेर क्षेत्र में एक कारखाना है जहां पर निजी बसों की बॉडी बनाने का कार्य किया जाता है। इस कारखाने पर जब छापा मारा गया तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ। कारखाने में खड़ी निर्माणाधीन बसों का भी रजिस्ट्रेशन हो चुका था। यानी जिस बस की बॉडी बनी ही नहीं, उसका भी रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर दिया गया। जयपुर के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत का कहना है कि विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गोपनीय सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
जयपुर आरटीओ राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि उन्हें गोपनीय सूचना मिली थी कि जयपुर के आमेर रोड़ पर स्थित एक कारखाने में अवैध रूप से बसों की बॉडी बनाए जाने की सूचना मिली थी। इस पर जिला परिवहन अधिकारी नाथू सिंह को टीम के साथ मौके पर भेजा गया। परिवहन विभाग की टीम ने देखा कि कारखाने में दो बसों की बॉडी बनाए जाने का कार्य निर्माणाधीन प्रक्रिया में था। जांच में पता चला कि जिन बसों का निर्माण हुआ ही नहीं, उनका 15 दिन पहले ही रजिस्ट्रेशन हो चुका है। यानी बस बनने से पहले ही चेसिस का रजिस्ट्रेशन बस के रूप में कर लिया गया था। जयपुर आरटीओ की टीम ने दोनों निर्माणाधीन बसों को जब्त किया है और कारखाने को सील कर दिया है।
एमपी नंबर की दो बसें मिली
आमेर रोड स्थित यह कारखाना मुबिर खान का है। वह पिछले कई वर्षों से बसों की बॉडी बनाने का कार्य करते हैं। बिना ट्रेड सर्टिफिकेट के अवैध रूप से बसों की बॉडी का निर्माण करने पर अब कारखाना संचालक को महंगा पड़ने वाला है। आरटीओ राजेंद्र सिंह शेखावत का कहना है कि कारखाने में दो निर्माणाधीन बसें मिली जिनका रजिट्रेशन नंबर MP 44 ZG 9665 और MP 44 ZG 9465 है। दोनों बसों का रजिस्ट्रेशन मध्यप्रदेश स्थित नीमच के अधिकारियों ने अवैध तरीके से कर दिया था।
आरसी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
जयपुर आरटीओ प्रथम का कहना है कि इस फर्जीवाड़े के मामले में कम से कम तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पहला कारखाना संचालक को आरोपी बनाया जाएगा। दूसरा दोनों बसों के मालिकों को आरोपी बनाया जाएगा और तीसरा नीमच परिवहन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। दोनों बसों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरटीओ के मुताबिक कंपनी से चेसिस खरीदने के बाद बस के रूप में रजिस्ट्रेशन बॉडी निर्माण कार्य पूरा होने और परीक्षण के बाद होता है जबकि नीमच के अधिकारियों ने मिलीभगत करके बस को बिना देखे ही रजिस्ट्रेशन कर दिया। यह नियम विरुद्ध है।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
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विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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