मानसून ने पकड़ी रफ्तार: दिल्ली-यूपी-बिहार में जल्द होगी बारिश
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून को नई ऊर्जा मिलेगी और वह तेजी से उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड की ओर बढ़ सकेगा, जागरण ब्यूरो के अनुसार लगभग दो सप्ताह की सुस्ती के बाद मानसून अब रफ्तार पकड़ने वाला है।

सौजन्य से:- Jagran
मानसून ने पकड़ी रफ्तार: दिल्ली-यूपी-बिहार में बारिश का इंतजार खत्म, राजस्थान की भी बुझेगी प्यास
लगभग दो सप्ताह की सुस्ती के बाद मानसून अब रफ्तार पकड़ने वाला है, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से उत्तर भारत में बारिश का इंतजार खत्म ...और पढ़ें
HighLights
- बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनेगा।
- उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली में बारिश का इंतजार खत्म।
- देशभर में 42 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लगभग दो सप्ताह की सुस्ती और प्रतीक्षा के बाद मानसून अब रफ्तार पकड़ सकता है। बंगाल की खाड़ी में चार-पांच दिनों के भीतर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने वाला है, जिसके बाद मानसून तेजी से बढ़ेगा।
यह अभी बिहार के मुजफ्फरपुर के आसपास ठहरा हुआ है। मगर नमी वाली पूर्वी हवाओं के सहारे अगले सप्ताह तक बिहार के शेष भाग, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में बारिश का इंतजार खत्म होगा।
कई राज्यों में मानसून के इंतजार में लोग
मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष मानसून की प्रगति सामान्य से बहुत पीछे चल रही है। 23 जून तक देशभर में सामान्य से 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। देश के लगभग आधे हिस्से को अभी तक मानसून का इंतजार है।
उत्तर प्रदेश में 47 प्रतिशत, बिहार में 44 प्रतिशत और झारखंड में सामान्य से 65 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी 20 से 59 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
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गुजरात, महाराष्ट्र और पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। कई राज्यों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं।
सबसे अधिक चिंता पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार को लेकर है। मानसून मुजफ्फरपुर के आसपास ठहरा हुआ है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से अब भी शुष्क बने हुए हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार-पांच दिनों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है, जबकि बिहार और पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में भी अगले दो-तीन दिनों तक गर्म हवाओं का असर जारी रहेगा।
हालांकि, मौसम की तस्वीर तेजी से बदल सकती है। मुंबई में हो रही भारी बारिश ने संकेत दिया है कि मानसून की सक्रियता पश्चिमी तट पर मजबूत हो रही है।
स्काइमेट के प्रवक्ता महेश पलावत के अनुसार पश्चिमी प्रशांत महासागर में सक्रिय तूफान के कारण हिंद महासागर की नमी वाली हवाएं उसकी ओर खिंच रही हैं।
इससे बंगाल की खाड़ी में मजबूत प्रणाली विकसित नहीं हो पा रही हैं। अगले तीन-चार दिनों में इसका प्रभाव कम होने के बाद बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून को नई ऊर्जा मिलेगी और वह तेजी से उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड की ओर बढ़ सकेगा।
एनसीआर को करना पड़ेगा इंतजार
एनसीआर को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून 27 जून तक दिल्ली पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंचने की संभावना है। हालांकि, इस बीच तेज आंधी के साथ छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी।
गुजरात में दाखिल हुआ मानसून
प्रेट्र के अनुसार, मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार को गुजरात में दाखिल हुआ और सूरत तक पहुंच गया है। इसके आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल बने हुए हैं। अगले सात दिनों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
अनाज उत्पादक प्रमुख राज्यों में मानसूनी सीजन में अब तक बारिश की स्थिति
(1 जून से 24 जून के बीच मिलीमीटर में)
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