तीर्थयात्रियों के साथ धोखा विवश करने वाले टिकट दलालों के खिलाफ अभियान
कई टिकट दलालों ने हेड ऑफिस/वीआईपी कोटा का दुरुपयोग करके जरूरतमंद तीर्थयात्रियों को महंगी कीमत पर टिकट बेचकर भरपूर कमाई की. लेकिन आरपीएफ ने इन दलालों के खिलाफ अभियान चलाकर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया.

सौजन्य से:- ETV Bharat
ट्रेनों में वीआईपी कोटा लगाकर मुंहमांगी कीमत वसूल रहे थे दलाल, ऐसे खुली पोल
आरपीएफ की कार्रवाई से मचा हड़कंप, गोरखपुर लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में कर रहे थे सफर.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 15, 2026 at 9:58 AM IST
लखनऊ: ट्रेनों में हेड ऑफिस/वीआईपी कोटा के जरिए दलाल अपनी जेब भर रहे हैं. जरूरतमंदों को महंगी कीमत पर टिकट उपलब्ध कराकर भरपूर कमाई कर रहे हैं. ऐसे दलालों के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल की तरफ से अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान का नतीजा यह है कि कई दलाल आरपीएफ के हत्थे चढ़ गए हैं. आरपीएफ ने इन दलालों को गिरफ्तार कर लिया है. ट्रेन संख्या 20104 गोरखपुर लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में वीआईपी/ एचओ कोटा के दलालों ने दुरुपयोग कर छद्म नाम से जरूरतमंद यात्रियों को महंगे दाम पर टिकट बिक्री कर यात्रा करवाई. मामला उजागर हुआ तो एक यात्री पकड़ा गया और मुंबई के दलाल को पकड़ने की कार्रवाई जारी है.
लखनऊ मंडल के निरीक्षक अपराध आसूचना शाखा रणजीत यादव और सब इंस्पेक्टर प्रशांत सिंह यादव की तरफ से टीम को इनपुट प्राप्त हुआ कि ट्रेन संख्या 20104 मे S -2 कोच में एचओ कोटा से कॉन्फर्म सीट 27,28,29,30 पर फेक यात्री सफर कर रहा है. इसके बाद वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त लखनऊ मण्डल के आदेश पर टीम सत्यापन के लिए गोरखपुर ट्रेन में सवार हुई.
सत्यापान करवाने पर पता चला कि S- 2 कोच के PNR 2621196998 के सीट संख्या 27 पर यात्रा कर रहा प्रमोद नाम से बुक टिकट का यात्री फेक पहचान के साथ यात्रा कर रहा है. पूछताछ मे उसने अपना असली नाम सुनील पुत्र जगदीश सिद्धार्थनगर के बेलहरा बनौली निवासी बताया, जिसका आधार ऐप से सत्यापन किया गया. सीट संख्या 28 किरण, 29 पर शरद सही मिले.
पूछताछ बताया कि उसने तीन लोग के लिए बेलहरा गांव के अपने रिश्ते के भाई जिसका नाम संतोष साहनी है के माध्यम से मुंबई के दलाल जिसका नाम प्रमोद रूदल तिवारी है से 5000 रुपये में टिकट बनवाया था. इसमें दो टिकट उसने सही नाम से दिया था और मेरा टिकट उसने दूसरे के नाम पर जाने को बोलकर दिए था.
आधार कार्ड में नाम एडिट करवाया था. दलाल से रूपये के लेनदेन से संबंधित विवरण मोबाईल से प्राप्त किया गया. चार सीट में तीन यात्री मिले. जो एक ही परिवार के थे. एक छद्म नाम से जाता हुआ यात्री पकड़ा गया है. बरामद टिकट, चैट और ट्रांजेक्शन का महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित कर जांच में शामिल किया गया है. वीआईपी/ एचओ कोटा बाबत जानकारी करने पर इसके संबंध मे उसने अनभिज्ञता जाहिर की. बताया की मेरा कोई रिश्तेदार रेलवे विभाग में नहीं है. भविष्य में जांच के लिए सहयोग करने की हिदायत दी गई.
कैसा है अपराध का तरीका: रेलवे सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर रणजीत यादव ने बताया कि एचओ कोटा का दुरुपयोग कर सामान्य वेटिंग टिकट को कन्फर्म कराकर यात्रियों से मनमानी राशि वसूलने का तरीका अपनाया जा रहा है. ओपनिंग श्रेणी में दलाली पर सख्ती बढ़ने के बाद दलाल इस नए तरीके का सहारा ले रहे हैं. फर्जी/एडिट किए गए आधार कार्ड, ई-टिकट/ जब्त कर रेल अधिनियम की धारा 142,143 के तहत कार्रवाई कर प्रमोद तिवारी नाम के टिकट दलाल को वांछित कर कार्रवाई के लिए रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट ऐशबाग जंक्शन को सुपुर्द किया गया है.
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