होमसेहतजयपुर में सरकारी दफ्तरों को अब जमीन नहीं, ऑफिस स्पेस मिलेगा; खाली सरकारी जमीनें भी होंगी री-डेवलप
सेहत

जयपुर में सरकारी दफ्तरों को अब जमीन नहीं, ऑफिस स्पेस मिलेगा; खाली सरकारी जमीनें भी होंगी री-डेवलप

जयपुर में सरकारी दफ्तरों को अब जमीन नहीं, ऑफिस स्पेस मिलेगा; खाली सरकारी जमीनें भी होंगी री-डेवलप जयपुर में सरकारी विभागों को अलग जमीन देने के बजाय बहुमंजिला ऑफिस कॉम्प्लेक्स में जगह मिलेगी। खाली, कम उपयोग और जर्जर सरकार…

Amar Ujala के अनुसार24 सितंबर 2026 को 11:05 am बजे
जयपुर में सरकारी दफ्तरों को अब जमीन नहीं, ऑफिस स्पेस मिलेगा; खाली सरकारी जमीनें भी होंगी री-डेवलप

सौजन्य से:- Amar Ujala

जयपुर में सरकारी दफ्तरों को अब जमीन नहीं, ऑफिस स्पेस मिलेगा; खाली सरकारी जमीनें भी होंगी री-डेवलप

जयपुर में सरकारी विभागों को अलग जमीन देने के बजाय बहुमंजिला ऑफिस कॉम्प्लेक्स में जगह मिलेगी। खाली, कम उपयोग और जर्जर सरकारी संपत्तियों को भी री-डेवलप किया जाएगा।

विस्तार

जयपुर में सरकारी दफ्तरों के लिए अब अलग-अलग जमीन के टुकड़े आवंटित करने की व्यवस्था बदलने जा रही है। नई व्यवस्था में सरकारी विभागों को कार्यालय बनाने के लिए अलग प्लॉट देने के बजाय बहुमंजिला सरकारी ऑफिस कॉम्प्लेक्स में जरूरत के मुताबिक तैयार ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा। इससे एक ही जमीन पर कई विभागों के दफ्तर संचालित किए जा सकेंगे।

इसके लिए लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 में बदलाव किया जा रहा है जिसका ड्रॉफ्ट अप्रूवल भी लिया जा चुका है। इसके तहत जयपुर नगर निगम क्षेत्र में बहुमंजिला ऑफिस कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। किसी विभाग को नए कार्यालय के लिए जमीन की जरूरत होने पर उसकी आवश्यकता के अनुसार इन कॉम्प्लेक्स में जगह आवंटित की जाएगी।

एक ही कॉम्प्लेक्स में कई विभागों के दफ्तर

नई व्यवस्था के पीछे जयपुर में सरकारी जमीन की सीमित उपलब्धता और जमीन की बढ़ती कीमतें प्रमुख वजह हैं। अलग-अलग विभागों को अलग प्लॉट देने के बजाय एक ही परिसर में कई कार्यालय बनाए जाएंगे। इससे जमीन का ज्यादा प्रभावी इस्तेमाल हो सकेगा और एक ही परिसर में कई सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

ऑफिस कॉम्प्लेक्स में विभागों के लिए निर्धारित कार्यालयों के अलावा पार्किंग, ग्रीन एरिया, बैठक कक्ष, कैफेटेरिया, सुरक्षा व्यवस्था, लिफ्ट और वॉशरूम जैसी साझा सुविधाएं भी होंगी।

किस विभाग को कितनी जगह मिलेगी, यह वित्त विभाग संबंधित प्रशासनिक विभाग से सलाह के बाद तय करेगा।

यह भी पढें- राजस्थान: जयपुर के सरकारी अस्पताल की चर्चा अमेरिका तक! विदेशी महिला ने कराया 209 डॉलर में ऑपरेशन

दफ्तर खाली किया तो जगह वापस जेडीए को

प्रस्तावित ड्रॉफ्ट के अनुसार आवंटित ऑफिस स्पेस पर विभाग का स्थायी अधिकार नहीं होगा। यदि कोई विभाग भविष्य में उस जगह का इस्तेमाल बंद कर देता है तो उसे स्पेस जेडीए को वापस करना होगा। इसके बाद जेडीए उस जगह को किसी दूसरे जरूरतमंद सरकारी विभाग या एजेंसी को आवंटित कर सकेगा। इससे खाली पड़े सरकारी ऑफिस स्पेस को लंबे समय तक अनुपयोगी रहने से बचाया जा सकेगा।

मेंटेनेंस का खर्च भी साझा होगा

ऑफिस कॉम्प्लेक्स के रखरखाव की जिम्मेदारी वित्त विभाग की ओर से नामित विभाग या एजेंसी को दी जाएगी। जिस विभाग के पास कॉम्प्लेक्स में सबसे ज्यादा जगह होगी, उसे प्राथमिकता के आधार पर रखरखाव की जिम्मेदारी दी जा सकती है। कॉम्प्लेक्स के रखरखाव पर होने वाला खर्च वहां जगह लेने वाले सभी विभागों को अपने-अपने आवंटित क्षेत्रफल के अनुपात में वहन करना होगा।

पहले से दी गई जमीन भी वापस ले सकेगा जेडीए

नई नीति का असर केवल भविष्य में होने वाले जमीन आवंटन पर ही नहीं होगा। पहले से सरकारी विभागों या संस्थाओं को दी गई जमीन की भी समीक्षा की जा सकेगी।

यदि किसी जमीन का उस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं हुआ है, जिसके लिए उसे आवंटित किया गया था और वह जमीन ऑफिस कॉम्प्लेक्स विकसित करने के लिए उपयुक्त है, तो जेडीए उसे वापस ले सकेगा। इसके बदले संबंधित विभाग या संस्था की ओर से जमा कराई गई राशि वापस करने का प्रावधान है।

खाली और जर्जर सरकारी परिसंपत्तियों का भी होगा इस्तेमाल

सरकार की नजर ऐसी जमीनों और सरकारी परिसंपत्तियों पर भी है, जो या तो खाली पड़ी हैं, आंशिक रूप से इस्तेमाल हो रही हैं या जिन पर पुराने और जर्जर सरकारी भवन मौजूद हैं।

ऐसी जमीन या संपत्ति को संबंधित विभाग से लेकर जेडीए अथवा किसी अन्य सरकारी निर्माण एजेंसी को विकास के लिए दिया जा सकेगा। इसके बाद वहां नए सरकारी भवन या ऑफिस कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा सकेंगे।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें