'पानी पिलाने गया था रब्बिल', मां ने पूछा- मेरे बेटे का क्या कसूर था, जयपुर पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट की दर्दनाक कहानी
जयपुर में एक 15 साल का रब्बिल लोगों को पानी पिलाकर धर्म का काम करता था। रोजाना की तरह वह चिलचिलाती धूप में पटाखा फैक्ट्री में मजदूरों को पानी पिलाने गया था, लेकिन उसकी मां के पास रब्बिल के लौटने की नहीं बल्कि दुनिया छोड़…

सौजन्य से:- Navbharat Times
जयपुर में एक 15 साल का रब्बिल लोगों को पानी पिलाकर धर्म का काम करता था। रोजाना की तरह वह चिलचिलाती धूप में पटाखा फैक्ट्री में मजदूरों को पानी पिलाने गया था, लेकिन उसकी मां के पास रब्बिल के लौटने की नहीं बल्कि दुनिया छोड़कर जाने की खबर सामने आई।
जयपुर: 15 साल का रब्बिल अब सेवा नहीं कर पाएगा। पिछले कई महीनों से वह लोगों को ठंडा पानी पिलाकर पुण्य कमाने का काम करता था लेकिन यही पुण्य कार्य करते हुए वह दुनिया से विदा हो गया। मंगलवार 9 जून को जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए अग्निकांड में 15 साल के रब्बिल की भी जान चली गई। रब्बिल की मां की निगाहें घर की दहलीज पर टीकी हैं। उसे इंतजार है कि उसका लाल आएगा और लोगों को पानी पिलाकर सेवा करेगा।
'पानी तो पीला आऊं' आखिरी शब्द भी यही थे
जयपुर के खोह नागोरियान इलाके के तलाई में स्थित करीब नगर बी कॉलोनी में रहने रब्बिल अपनी अम्मी और अब्बू के साथ रहता था। मंगलवार 9 जून को सुबह करीब 11 बजे वह अपनी अम्मी नाजमीन को यह कहते हुए निकला कि फैक्ट्री में काम करने वालों को पानी पिलाकर आ रहा है। पिता सिकंदर घर पर नहीं थे तो वह अपनी मां से पूछकर घर से निकला। 13 मकान दूर स्थित मकान जहां कुछ मजदूर पटाखा पेकिंग का काम करते थे। वहां वह मजदूरों को पानी पिलाने गया था। उसके वहां पहुंचते ही ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट के बाद बड़ा अग्निकांड हो गया। इस अग्निकांड में रब्बिल की जान चली गई।
छह घंटे बाद मिली मौत की खबर
सुबह करीब 11 बजे करीम नगर बी कॉलोनी स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद आग लगी थी। तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से झुलसे 5 लोगों को एसएमएस अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान देर शाम तक एक के बाद एक सभी पांच घायलों ने दम तोड़ दिया। रब्बिल की मौत दोपहर को भी हो गई थी लेकिन उसकी मां को देर शाम तक मौत की जानकारी नहीं दी गई। उसे यही बताया जा रहा था कि रब्बिल झुलसा हुआ है लेकिन जिंदा है, जल्द ठीक हो जाएगा। देर शाम को उसकी मौत की खबर परिवार वालों को दी गई।
मुझे मेरा बेटा लौटा दो, जला हुआ भी चलेगा
बेटे के झुलसने के बाद मां का रो रोकर बुरा हाल हो रहा है। वह लगातार रोते हुए यही कह रही है कि 15 साल का रब्बिल बड़ा हट्टा कट्टा था। पूरा मर्द लगता था। घर की जिम्मेदारी भी आगामी दिनों में उसी के कंधों पर आने वाली थी। जवान बेटा जाने से उसका घर सूना हो गया है। मां नाजमीन का कहना है कि उसका बेटा जिस अवस्था में है, वैसा ही उसे सौंप दो। चाहे जला हुआ है तो जला हुआ भी दे दो लेकिन उसकी आंखों के सामने उसके बेटे को ला दो। नाजरीन की बातें सुनकर हर किसी का दिल पसीज रहा था लेकिन दिलासा देने के अलावा कोई कुछ नहीं कर पा रहा।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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