जोधपुर से कान्स तक का सफर: डॉक्टर सोनल परिहार ने रेड कार्पेट पर बिखेरा राजस्थानी संस्कृति का जादू
जोधपुर से कान्स तक का सफर: डॉक्टर सोनल परिहार ने रेड कार्पेट पर बिखेरा राजस्थानी संस्कृति का जादू जोधपुर की डॉ. सोनल परिहार ने कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर राजस्थानी संस्कृति और आधुनिक फैशन का जलवा बिखेरा.…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जोधपुर से कान्स तक का सफर: डॉक्टर सोनल परिहार ने रेड कार्पेट पर बिखेरा राजस्थानी संस्कृति का जादू
जोधपुर की डॉ. सोनल परिहार ने कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर राजस्थानी संस्कृति और आधुनिक फैशन का जलवा बिखेरा.
Published : May 24, 2026 at 11:38 AM IST
जोधपुर : शहर की मशहूर स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist), फैशन आइकन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डॉ. सोनल परिहार ने एक नया इतिहास रच दिया है. उन्होंने हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर (OT) से लेकर फ्रांस में आयोजित दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित 'कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026' के रेड कार्पेट तक का शानदार सफर तय किया है. मिसेज इंडिया और कई अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सफलता का परचम लहराने के बाद, अब उन्होंने कान्स में भारत और खासकर राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश का मान बढ़ाया है.
जोधपुर में मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ी डॉ. सोनल परिहार ने अपनी पहचान केवल एक डॉक्टर के रूप में नहीं बनाई, बल्कि फैशन, मोटिवेशन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. मिसेज इंडिया और अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सफलता के बाद अब वे फ्रांस में आयोजित प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारत और राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया. कान्स के रेड कार्पेट पर डॉ. सोनल परिहार की ड्रेसिंग थीम खास तौर पर राजस्थान की सांस्कृतिक झलक और ग्लोबल फैशन का मिश्रण को प्रदर्शित करने वाली रही. कान्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान शुक्रवार और शनिवार के दो दिन के इवेंट में डॉ. सोनल परिहार ने अपने अलग-अलग लुक्स के जरिए भारतीय शिल्पकला, सांस्कृतिक विरासत और स्त्री शक्ति को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया.
सोनल परिहार का एक लुक बेहद अनोखा और संदेश देने वाला था. प्राशिक पुष्पलता सुखनंदन और इनीत रांधावा द्वारा डिजाइन किए गए इस विशेष परिधान को कंप्यूटर के पार्ट्स और अनुपयोगी हो चुकी कढ़ाई मशीनों के हिस्सों से तैयार किया गया था. यह लुक पारंपरिक हस्तकला और मशीन आधारित आधुनिक फैशन के बीच के संघर्ष को जीवंत कर रहा था. इसके साथ इस्तेमाल किए गए लकड़ी के कंधे के घेरे पारंपरिक भारतीय कढ़ाई फ्रेम से प्रेरित थे, जिसने भारतीय कारीगरों की सदियों पुरानी कला को वैश्विक मंच पर एक नया सम्मान दिलाया. कान्स में अपनी संस्कृति की झलक दिखाने के बाद डॉ. सोनल ने कहा कि उनका यह सफर केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो प्रोफेशनल जिंदगी के साथ अपने सपनों को भी जीना चाहती हैं. जोधपुर से निकलकर कान्स तक पहुंचने वाली डॉ. सोनल परिहार आज शहर की नई ग्लोबल पहचान बनती नजर आ रही हैं.
रेड कार्पेट पर उनका दूसरा भारी कढ़ाई वाला परिधान भारत की प्राकृतिक सुंदरता से प्रेरित था. इस ड्रेस में खिलते बगीचों, बहती नदियों और धरती की प्राकृतिक खूबसूरती को बारीक हाथ की कढ़ाई के जरिए उकेरा गया था. इस परिधान पर की गई घंटों की हस्तकला भारतीय कारीगरों की जीवित विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती नजर आई. उनके सिर पर सजाए गए विशेष आभूषण में बने देवदूत मातृत्व और उनके स्त्री रोग विशेषज्ञ होने के भाव को दर्शा रहे थे एक ऐसी महिला, जो हर दिन नए जीवन को दुनिया में आने में मदद करती है.
इसे भी पढ़ें: जोधपुर की डॉ सोनल डंका वर्क की साड़ी और राजस्थानी जूलरी में बिखेरेंगी कान्स फिल्म फेस्टिवल में जलवा
400 साल पुरानी 'डंका वर्क' कला से जीता दिल : डॉ. सोनल का तीसरा लुक पूरी तरह राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित रहा. पारंपरिक राजस्थानी साड़ी और आभूषणों में सजी सोनल ने 400 वर्ष पुरानी दुर्लभ “डंका वर्क” कला को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया. डिजाइनर नीतू सिंह के पुनर्जीवित “मीना डंका” संग्रह में सोने की परत चढ़ी चांदी, तांबा और जर्मन सिल्वर का खूबसूरत उपयोग देखने को मिला, जिसने पारंपरिक शिल्पकला को आधुनिक विलासितापूर्ण फैशन से जोड़ते हुए रेड कार्पेट पर खास पहचान दिलाई.
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