फिर होटल में बंद होने वाली कहानी; सचिन पायलट पर निशाना साध क्या चाहते हैं गहलोत?
फिर होटल में बंद होने वाली कहानी; सचिन पायलट पर निशाना साध क्या चाहते हैं गहलोत? राजस्थान में सचिन पायलट को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चाओं के बीच अशोक गहलोत ने पुरानी घटनाओं का जिक्र कर उन पर निशाना साधा है। गहलोत के इ…

सौजन्य से:- Hindustan Hindi News
फिर होटल में बंद होने वाली कहानी; सचिन पायलट पर निशाना साध क्या चाहते हैं गहलोत?
राजस्थान में सचिन पायलट को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चाओं के बीच अशोक गहलोत ने पुरानी घटनाओं का जिक्र कर उन पर निशाना साधा है। गहलोत के इन बयानों के क्या हैं मायने? जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
ऐसे समय जब कयास लगाए जा रहे हैं कि सचिन पायलट को राजस्थान में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है, कांग्रेस के कद्दावर नेता अशोक गहलोत ने 2020 और 2022 की घटनाओं का जिक्र करते हुए पायलट पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है। गहलोत ने कहा कि आम तौर पर जब पार्टी में मुख्यमंत्री बदला जाता है तो विधायक नए नेता के साथ खड़े हो जाते हैं लेकिन 2022 में राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में ऐसा नहीं हुआ। क्या वजह थी कि विधायक सचिन पायलट पास नहीं गए? गहलोत ने पुरानी घटनाओं का जिक्र एकबार फिर क्यों किया। इस रिपोर्ट में उन वजहों की पड़ताल...
2022 और 2020 की घटनाओं का जिक्र
अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि सितंबर 2022 में कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले ही विधायकों ने पायलट को सीएम बनाने के कदम का विरोध किया था। विधायकों का यह विरोध आलाकमान के खिलाफ नहीं था। विधायकों का कहना था कि किसी को भी सीएम बना दीजिए हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन पायलट मंजूर नहीं हैं। पायलट को राजनीति में आए हुए लगभग 15 से 20 साल हो चुके हैं। उनको यह बात समझ आ जानी चाहिए। सचिन पायलट ने अब तक सच को स्वीकार नहीं किया है और ना तो 2020 की अपनी गलती मानी है। गहलोत ने पायलट को राजनीतिक रूप से नौसिखिया भी करार दिया।
आलाकमान को क्या संदेश?
जानकारों की मानें तो अपने बयानों के जरिए अशोक गहलोत ने पार्टी आलाकमान को परोक्ष रूप से बता दिया है कि राज्य इकाई में सचिन पायलट को कोई भी महत्वपूर्ण पद दिया जाना मंजूर नहीं है। कमोबेश विपक्षी नेता भी इसी ओर संकेत कर रहे हैं। राजस्थान सरकार में मंत्री जोगाराम पटेल का भी कहना है कि जब-जब सचिन पायलट को कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की बातें उठती हैं तो अशोक गहलोत वही होटल में बंद होने वाली पुरानी कहानी सुनाने लगते हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी इन्हीं बातों की ओर इशारा किया।
राजस्थान कांग्रेस की मुख्य धारा से दरकिनार किए जाने का डर
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस में सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चाएं चल रही हैं। यही वजह है कि अशोक गहलोत अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। राजस्थान कांग्रेस का इतिहास रहा है कि जिस कार्यकर्ता ने अपनी लाइन को लंबी करने की कोशिश की है। उन्होंने उस कार्यकर्ता को मिटाने की कोशिश की है। अशोक गहलोत 40 साल से राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस की धूरी बने हुए हैं। अब उनको राज्य कांग्रेस में मुख्य धारा से दरकिनार किए जाने का डर सताने लगा है। इन्हीं वजहों से वह तरह-तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं।
आर-पार की लड़ाई के मूड में गहलोत
‘द इंडियन ऐक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी नेताओं का कहना है कि गहलोत पूर्व CM वसुंधरा राजे की तरह आलाकमान के फैसले को स्वीकार करने के बजाए आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। वहीं कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अशोक गहलोत के इन बयानों का असल मकसद राजस्थान में सचिन पायलट को कोई महत्वपूर्ण पद देने की योजना पर नाराजगी जताना था। अब जब अशोक गहलोत ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं नजरें पार्टी आलाकमान पर जाकर टिक गई हैं। साथ ही पायलट ने भी इन बयानों पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है। ऐसे में देखना होगा कि पार्टी और पायलट का रुख क्या रहता है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
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